टी20 में 'हाथ सेट' होने के बाद सूर्यकुमार ने जताई टेस्ट खेलने की इच्छा, खास मैच दिलाया याद
टी-20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टी-20 में अपनी महारत स्वीकार करते हुए टेस्ट क्रिकेट खेलने की इच्छा जताई है। सूर्यकुमार ने ईशान किशन को ...और पढ़ें
-1773670197187_m.webp)
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने जीता टी20 वर्ल्ड कप-2026

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
पीटीआई, नई दिल्ली: भारत के टी-20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव का कहना है कि वह टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं और वनडे क्रिकेट उन्हें रास नहीं आता, लेकिन टी-20 ही उनकी ताकत है क्योंकि 'उसमें उनका हाथ सेट हो गया है।' विशेष पॉडकास्ट साक्षात्कार में सूर्यकुमार कभी-कभी मुंबई की आकर्षक हिंदी का उपयोग करते हुए नजर आए।
'हाथ सेट हो गया है' से उनका मतलब था कि वह अब क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप के उस्ताद बन चुके हैं और इसे खेलने में सहज महसूस करते हैं। एक घंटे की बातचीत के दौरान सूर्यकुमार काफी सहज नजर आए और वह भारत को विश्व कप में शानदार सफलता दिलाने के बाद स्पष्ट रूप से बेहद खुश थे। हालांकि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट न खेलने की अपनी निराशा के बारे में भी खुलकर बात की।
टेस्ट मैच खेलने कि दिलाई याद
सूर्यकुमार ने चिर परिचित मुस्कान के साथ याद दिलाया कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक टेस्ट मैच खेला था, जिसमें वह केवल एक पारी खेल पाए थे। सूर्यकुमार ने कहा कि आपकी किस्मत में जो लिखा होता है, आपको वही मिलता है। मैंने भी लाल गेंद से क्रिकेट खेलना शुरू किया था और 10-12 साल तक रणजी ट्रॉफी में खेला। मैंने मुंबई में लाल गेंद से बहुत क्रिकेट खेली है, क्योंकि अगर आप मुंबई में पले बढ़े होते हैं तो आप लाल गेंद से ही शुरुआत करते हैं, इसलिए सब कुछ लाल गेंद के इर्द-गिर्द ही घूमता है। लेकिन धीरे-धीरे जब हमने सफेद गेंद से क्रिकेट खेलना शुरू की तो मेरा झुकाव थोड़ा उसकी तरफ हो गया। इसके बाद मैं टी-20 प्रारूप में दिलचस्पी लेने लगा। मैंने वनडे में भी अच्छा खेलने की बहुत कोशिश की लेकिन कुछ खास नहीं कर पाया। उन्होंने यह भी कहा कि स्वाभाविक है कि अगर मौका मिले तो वह फिर से टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहेंगे।
मन की आवाज पर ईशान को विश्व कप के लिए चुना
सूर्यकुमार ने कहा कि 'पावर हिटर' ईशान किशन को टी-20 विश्व कप टीम में चुनने का फैसला विशुद्ध रूप से मन की आवाज पर लिया गया था, क्योंकि उन्हे महसूस हुआ था कि बिहार के इस बल्लेबाज में 'एक्स फैक्टर' है जो मैचों में निर्णायक साबित हो सकता है। उस समय वह निर्णय जितेश शर्मा के लिए यह काफी कठिन था, क्योंकि वह एक साल से अधिक समय से टीम के साथ था और वह खेल रहा था। लेकिन हमें ऐसे सलामी बल्लेबाज की जरूरत थी जो शीर्ष क्रम पर आक्रामक प्रदर्शन कर सके।
खबरें और भी
उन्होंने कहा, "ऐसे में किसी को तो बाहर रहना था। वहीं संजू सैमसन के लिए सूर्यकुमार ने कहा कि संजू के टीम में आने के बाद सब कुछ बदल गया । यह रणनीतिक फैसला भी था क्योंकि शीर्ष पर तीन खब्बू बल्लेबाज थे। इससे विरोधी टीम को अपने ऑफ स्पिनरों को उतारना आसान हो रहा था। अपने फॉर्म के बारे में सूर्यकुमार ने कहा कि यह प्रतिक्रिया पर निर्भर खेल है। बल्लेबाजी में 70 से 75 प्रतिशत प्रतिक्रिया और बाकी सहज प्रवृत्ति होती है।
दो-तीन टी-20 टीमें एक साथ उतार सकता है भारत
सूर्यकुमार का मानना है कि क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में भारत में प्रतिभाओं का पूल इतना बड़ा है कि दो या तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीमें एक साथ उतारी जा सकती हैं और इसका श्रेय बेहतरीन घरेलू क्रिकेट ढांचे और आईपीएल को जाता है। सूर्यकुमार के 2024 में कप्तान बनने के बाद से भारतीय टीम ने 52 में से 42 टी20 मैच जीते हैं। उन्होंने मौजूदा टीम को भारत की सर्वश्रेष्ठ टी-20 टीम बताया।
उन्होंने कहा कि अगर आप प्रतिभा की बात करें तो नियमित स्तर पर प्रतिभाएं आती रही है। आईपीएल है, फ्रेंचाइजी क्रिकेट और फिर घरेलू क्रिकेट। आप देख सकते हैं कि हर साल कितने खिलाड़ी निकल रहे हैं। आप जितनी चाहें उतनी टी20 टीमें बना सकते हैं।