T20 World Cup 2026: संजू सैमसन को बाहर करने के बाद क्या बातचीत हुई थी? सूर्यकुमार यादव ने अब किया खुलासा
टी20 विश्व कप 2026 का खिताब टीम इंडिया ने अपने नाम किया। फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से करारी शिकस्त दी। ...और पढ़ें
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शुरुआती मैच नहीं खेले संजू।
HighLights
भारतीय टीम ने तीसरी बार जीता खिताब
फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया
संजू सैमसन रहे प्लेयर ऑफ द सीरीज
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 का खिताब टीम इंडिया ने अपने नाम किया। फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से करारी शिकस्त दी। टीम इंडिया की जीत में संजू सैमसन का अहम रोल रहा। एक समय बेंच पर बैठकर विश्व कप देख रहे संजू ने सुपर-8 के आखिरी मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ, सेमीफाइनल में इंग्लैंड के विरुद्ध और फाइनल में मैच विनिंग पारी खेली।
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे
विकेटकीपर बल्लेबाज ने अपने बेहतरीन बल्लेबाजी प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। हाल ही में एक बातचीत के दौरान, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सैमसन के शानदार प्रदर्शन के बारे में बताया और उस बातचीत का जिक्र किया जो उनके बीच तब हुई थी जब सैमसन टीम का हिस्सा नहीं थे।
संजू मेरे पास आए थे
सूर्यकुमार ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, "संजू कई खूबियों के साथ आए थे। एक विकेटकीपर जो टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी कर सकते हैं। मुझे याद है एक बार वो मेरे पास आए और मुझसे पूछा, 'बस मुझे बताइए कि आप इस टीम में मुझसे क्या चाहते हैं।' मैंने कहा, हमें वही संजू सैमसन चाहिए जो हमने पहले विरोधी टीमों की धज्जियां उड़ाते हुए देखा है। फिर उन्होंने पूरी टीम से कहा हम अपने बजाए टीम के लिए खेलेंगे। तभी हम कुछ खास हासिल कर पाएंगे।"
यह मुश्किल दौर है
स्काई ने कहा, "जब वो नहीं खेल रहे थे, मैंने उनसे कहा, यह मुश्किल दौर है, लेकिन आपको इसे सहजता से लेना होगा। अगर भगवान ने आपके लिए कुछ लिखा है, तो आपको वो मिलेगा। वो खुद को तैयार कर रहे थे। अगर मौका मिले, तो उसे लपक लो, और पूरी दुनिया इसे देखेगी।"
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ग्रुप स्टेज में मिला 1 मौका
टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम ग्रुप स्टेज में अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की ओपनिंग जोड़ी के साथ उतरी। अभिषेक शर्मा के बीमार होने पर नामीबिया के खिलाफ संजू को मौका मिला। इसके बाद उन्हें बेंच पर बैठा दिया गया। दूसरी ओर अभिषेक शर्मा लगाातार फेल हो रहे थे। पहले 3 मुकाबलों में तो उनका खाता भी नहीं खुला।
एक हार के बाद बदली रणनीति
सुपर-8 के पहले मैच में भारत को साउथ अफ्रीका के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद टीम मैनेजमेंट ने रणनीति में बदलाव किया और संजू सैमसन की प्लेइंग 11 में एंट्री हुई। ईशान को नंबर 3 पर भेजा गया। इस मौका का संजू ने भारतीय फायदा उठाया। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 24 रन की पारी खेली।
वेस्टइंडीज के विरुद्ध करो या मरो वाले मैच में संजू शतक से चूक गए। उन्होंने नाबाद 97 रन बनाए। इंग्लैंड से हुए सेमीफाइनल में विकेटकीपर बल्लेबाज ने 89 रन की पारी खेली। वहीं फाइनल में संजू ने 89 रन बनाए। संजू लगातार 3 मैच में शतक से चूके, लेकिन उन्होंने टीम को जीत दिला दी।