'चुपचाप अपना काम करो', अजिंक्य रहाणे के जलन वाले बयान पर वीरेंद्र सहवाग ने सुनाई खरी खोटी, सचिन-अमिताभ का दिया उदाहरण
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने अजिंक्य रहाणे के उस बयान पर गुस्सा जाहिर किया है जिसमें उन्होंने कहा कि था कि जो लोग उनके स्ट्र ...और पढ़ें

वीरेंद्र सहवाग ने अजिंक्य रहाणे पर कसा तंज

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे इस सीजन आलोचकों के निशाने पर है। लोग उनके स्ट्राइक रेट को लेकर उनकी कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। रहाणे से जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने अजीब तरह से जवाब देते हुए कहा था कि जो उनके स्ट्राइक रेट की बातें कर रहे हैं वह उनसे जलते हैं। भारत के पूर्व बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को उनका जवाब पसंद नहीं आया है।
रहाणे ने आईपीएल-2026 के पहले मैच में 67 रन बनाए थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 167.50 का रहा था। इसके बाद सनराजर्स हैदराबाद के खिलाफ उनके बल्ले से सिर्फ आठ रन निकले थे। पंजाब किंग्स के खिलाफ वह आठ रन बनाकर खेल रहे थे तभी बारिश के कारण मैच रुक गया और फिर ये मैच रद हो गया था।
सहवाग को नहीं आई बात पसंद
मैच के बाद रहाणे ने जो जलन वाला बयान दिया वो सहवाग को पसंद नहीं आया है। सहवाग ने क्रिकबज से बात करते हुए कहा, "मुझे नहीं लगता कि खिलाड़ियों को इस तरह की कोई बात कहनी चाहिए। मैं जानता हूं कि वह कप्तान हैं। उनसे जब कैमरन ग्रीन के गेंदबाजी न करने के बारे में पूछा गया था तो भी उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया था। उन्होंने कहा था कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से पूछना चाहिए।"
सहवाग ने कहा, "मैं इस बात को समझ सकता हूं। लोग आपकी आलोचना भी करेंगे और तारीफ भी करेंगे, लेकिन आपको दोनों स्थिति में न्यूट्रल रहना है। इस तरह की लड़ाई में पड़ने की क्या जरूरत है?"
सचिन और अमिताभ का दिया उदाहरण
सहवाग ने रहाणे को सीख देते हुए महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और बॉलीवुड के दिग्गज अभिताभ बच्चन का उदाहरण दिया। दाएं हाथ के इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा, "ये लोग आलोचकों को जवाब देना चाहते हैं, लेकिन बच्चन साब ने भी अपने आलोचकों को कभी जवाब नहीं दिया। तेंदुलकर से बड़ा उदाहरण कोई हो नहीं सकता। एक अखबार ने तो एंडुलकर भी लिख दिया था।"
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सहवाग ने कहा, "इसलिए मुझे लगता है कि आपको चुप रहना चाहिए। शतक बनाओ, सभी का मुंह बंद हो जाएगा। शांत रहो और अपना काम करो। मुझे नहीं लगता कि इस तरह की चीजों की जरूरत है।"
जहां तक कोलकाता की बात है तो उसे अपने शुरुआती दोनों मैचों में हार मिली है। तीसरे मैच में वह अपने घर में हार का सिलसिला तोड़ने के इरादे से उतरी थी, लेकिन बारिश ने उसकी संभावनाओं पर पानी फेर दिया।