यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कानपुर में इतिहास रचने उतरेंगे रवींद्र जडेजा, अब तक 2 भारतीय क्रिकेटर ही हासिल कर सके ये उपलब्धि
भारत और बांग्लादेश के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेला जाएगा। 27 सितंबर से शुरू होने वाले इस टेस ...और पढ़ें

HighLights
- टेस्ट में 300 विकेट से 1 शिकार दूर है जडेजा
- रवींद्र जडेजा टेस्ट में बना चुके हैं 3122 रन
- पहले टेस्ट में संकटमोचन बने थे रवीद्र जडेजा
पीटीआई, चेन्नई : अगर आप जसप्रीत बुमराह जैसे विलक्षण नहीं हैं तो फिर रविचंद्रन अश्विन के साथ खेलने वाले गेंदबाजों के लिए इस दिग्गज ऑफ स्पिनर की छाया से बाहर निकलना आसान नहीं होता, फिर भले ही वह रवींद्र जडेजा जैसा प्रतिभाशाली खिलाड़ी ही क्यों ना हो।
इस हफ्ते शुरू होने वाले कानपुर टेस्ट में जडेजा के पास टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट और 3000 रन के 'ग्रैंड डबल' को हासिल करने वाले खिलाड़ियों के एलीट क्लब में शामिल होने का मौका होगा।
जडेजा को चाहिए बस 1 विकेट
इस ऑलराउंडर के नाम पर अभी 299 विकेट और 3122 रन दर्ज हैं। भारत के दो खिलाड़ियों अश्विन और कपिल देव सहित अब तक दुनिया के केवल 10 खिलाड़ी ही इस उपलब्धि को हासिल कर पाए हैं। गैरी सोबर्स और जैक्स क कैलिस जैसे महान खिलाड़ी भी इस सूची का हिस्सा नहीं हैं लेकिन इसके बावजूद जडेजा को उतनी सुर्खियां नहीं मिलती जितनी इन्हें मिला करती थी।
एक तरह से जडेजा का काम करने का तरीका इसका मुख्य कारण है। अश्विन बोलने में तेज हैं और वह प्रेस कांफ्रेंस या यूट्यूब चैनल पर अपने कौशल के बारे में बात करने से नहीं डरते। जडेजा इनमें से कुछ भी नहीं करते। वह रडार की पकड़ में नहीं आने वाले लड़ाकू विमान की तरह अपना काम करते हैं।
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पहले टेस्ट में बनाए थे 86 रन
भारत जब भी मुश्किल में होता है तो जडेजा की यह प्रवृत्ति दिखती है। चेन्नई टेस्ट में भी जब भारत ने 144 रन पर छह विकेट गंवा दिए थे तो जडेजा ने 86 रन की पारी खेली, लेकिन चर्चा हुई अश्विन के शतक की। लेकिन अश्विन ने दूसरे छोर पर जडेजा के महत्व को तुरंत स्वीकार किया।