कप्तान बनते ही बाबर आजम ने निकाली दुश्मनी! इस तेज गेंदबाज को किया बाहर; पहले हो चुका है विवाद
बाबर आजम को एक बार फिर पाकिस्तान की टेस्ट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है। उनके आते ही एक तेज गेंदबाज को टीम से बाहर कर दिया गया है। इस गेंदबाज के स ...और पढ़ें

बाबर आजम बने पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बाबर आजम की एक बार फिर पाकिस्तान के कप्तान के रूप में वापसी हो गई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज और इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के लिए टीम का एलान किया जिसमें बाबर को कप्तानी दी है और इसी के साथ बाबर के दुश्मन को बाहर भी कर दिया।
इन दो टेस्ट सीरीजों के लिए चुनी गई पाकिस्तानी टीम में शाहीन शाह अफरीदी नहीं है। वो अफरीदी जो वनडे में पाकिस्तान टीम के कप्तान हैं। उनके अलावा हसन अली और नोमान अली के नाम भी टीम में नहीं हैं। क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक इन तीनों को टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। जाहिर बात है कि जब टीम चुनी जा रही होगी तब बाबर की राय ली गई होगी क्योंकि वह टीम के कप्तान हैं। वह बतौर कप्तान लौटने वाले हैं इस बात की जानकारी बाबर को भी पहले ही दे दी गई होगी।
पहले हो चुका है विवाद
बाबर पहले भी पाकिस्तानी टीम की कप्तानी कर चुके है। टी20 वर्ल्ड कप-2024 के बाद उनको कप्तानी से हटा दिया गया था। जब वह कप्तान थे तब उनके और शाहीन अफरीदी के बीच विवाद की खबरें आए दिन आती रहती थीं। वनडे वर्ल्ड कप-2023 के दौरान भी इस तरह की बातें उठी थी। कुछ वीडियो भी सामने आए थे जिनमें टीम के हारने के बाद जब बाबर भाषण दे रहे थे तब शाहीन तंज वाली हंसी हंस रहे थे।
सेलेक्टर्स को भी संभवतः इस बात का इल्म होगा कि इन दोनों की आपस में बनती नहीं है और इसलिए शाहीन को टीम में जगह नहीं दी। बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी शाहीन का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। इसी को बहाना बनाते हुए सेलेक्टर्स ने बाबर के मन का काम कर दिया।
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क्या बदल पाएंगे किस्मत?
बाबर के हाथ में पाकिस्तान की कमान तब आई है जब ये टीम आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में नौवें स्थान पर है। इस टीम का फाइनल न खेलना तो पक्का है, लेकिन उम्मीद अगली वर्ल्ड चैंपियनशिप साइकल के लिए टीम को तैयार करने की है। बाबर की कप्तानी में भी पाकिस्तान का रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है। ऐसे में शान मसूद को हटाकर उनको दोबारा कप्तानी देने का फैसला सवालों के घेरे में हैं।