गंभीर ने जिम में संजू से कहे दो शब्द और बदल गई किस्मत, फिर सैमसन ने भारत को बना दिया विश्व चैंपियन
संजू सैमसन भारत की टी20 वर्ल्ड कप-2026 की जीत के हीरो रहे हैं। उन्होंने दमदार खेल दिखा प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया, लेकिन वह कुछ मैच ...और पढ़ें

गौतम गंभीर ने की संजू सैमसन की तारीफ

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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली: भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि जब संजू सैमसन अपनी फॉर्म में होते हैं तो वह पावरप्ले में ही विपक्षी टीम से मैच छीन सकते हैं। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के अंतिम चरण में सैमसन ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल में तूफानी अंदाज में अर्धशतक जड़कर भारत को रिकॉर्ड तीसरी बार खिताब जीतने में मदद की।
अभिषेक शर्मा और सैमसन ने फाइनल में पावरप्ले में 92 रन बनाए और इस तरह से न्यूजीलैंड से मैच छीन लिया। गंभीर ने जियो स्टार पर कहा, हम जानते हैं कि संजू क्या कर सकता है। उसकी प्रतिभा और विस्फोटक बल्लेबाजी पर कभी कोई संदेह नहीं था। अगर वह लय में आ जाए तो पहले छह ओवरों में ही मैच जिता सकता है।
जिम्बाब्वे के खिलाफ हासिल की लय
सैमसन का विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और इसलिए उन्हें टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी, लेकिन जिम्बाब्वे के विरुद्ध करो या मरो के मैच में मौका मिलने पर सैमसन ने 15 गेंदों में 24 रन बनाकर लय हासिल की और इसके बाद अगले तीन मैच में नाबाद 97, 89 रन और 89 रन बनाए।
गंभीर ने कहा कि मैंने उसे जिम में यह बात बताई। दरअसल हम दोनों साथ में ट्रेनिंग कर रहे थे और मैंने उसे बस इतना बताया कि तुम जिम्बाब्वे के विरुद्ध खेलोगे और उसने कहा, 'ठीक है।' हमारी बातचीत कुछ इसी तरह से अनौपचारिक होती है। यह किसी मुख्य कोच और खिलाड़ी के रिश्ते जैसा नहीं है। यह एक ऐसा रिश्ता है जिसमें हमारी आमने-सामने की अधिकतर बातचीत अभ्यास सत्रों के दौरान होती है।
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लेफ्ट-राइट संयोजन नहीं था वजह
टीम में सैमसन की अनुपस्थिति में भारत के शीर्ष क्रम में ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के रूप में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज शामिल थे। लेकिन गंभीर ने जोर देकर कहा कि सैमसन को अंतिम एकादश में शामिल करने का फैसला बाएं हाथ के बल्लेबाजों के संयोजन को तोड़ने के उद्देश्य से नहीं बल्कि टीम को अधिक आक्रामक ताकत देने के लिए लिया गया था।
उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि बहुत से लोग इस बारे में बात करेंगे कि हम शीर्ष क्रम पर मौजूद तीनों बाएं हाथ के बल्लेबाजों के संयोंजन को तोड़ना चाहते थे, ऐसा बिल्कुल नहीं है। हम बस और अधिक आक्रामक होना चाहते थे। पिछले डेढ़ साल से हमारी मानसिकता यही रही है कि मैदान पर उतरकर हम जितना हो सके उतना आक्रामक प्रदर्शन करें।
गंभीर ने कहा कि संजू को टीम में लाने का कारण दूसरे छोर से ऑफ-स्पिनर को नियंत्रित करना नहीं बल्कि इस बात पर आधारित था कि क्या हम पहले छह ओवरों में और अधिक आक्रामक हो सकते हैं।
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