IND U19 vs PAK U19: वैभव सूर्यवंशी ने किया निराश तो गेंदबाजों ने डुबोई नैया, ये हैं टीम इंडिया की हार के 5 बड़े मुजरिम
भारतीय क्रिकेट टीम को अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय टीम इस मैच में बुरी तरह से फे ...और पढ़ें

भारतीय अंडर-19 टीम को मिली हार
HighLights
IND U19 vs PAK U19: भारत को फाइनल में मिली करारी हार
IND U19 vs PAK U19: वैभव सूर्यवंशी ने फिर किया निराश
IND U19 vs PAK U19: भारत को मिली 191 रनों से हार
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में भारत को पाकिस्तान के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान ने भारत के सामने जीत के लिए 358 रनों की टारगेट रखा था जिसके सामने युवा टीम इंडिया महज 156 रनों पर ढेर हो गई। इसी के साथ भारत को 191 रनों के विशाल अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
वैसे तो हार पूरी टीम की होती है। इस मैच में भी यही है। न ही टीम के गेंदबाज चले और न ही बल्लेबाज। लेकिन हम आपको पाकिस्तान के हाथों मिली इस न भूलने वाली हार के बड़े मुजिरमों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा निराश किया।
भारत की हार के 5 बड़े मुजरिम
वैभव सूर्यवंशी: फाइनल में जब टीम इंडिया के सामने टारगेट बड़ा था तब उसे वैभव के बल्ले की सख्त जरूरत थी। वैभव का बल्ला अगर चल जाता तो ये टारगेट बौना साबित होता, लेकिन बड़े मैच में एक बार फिर उनके बल्ले ने निराश किया। वैभव ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन उसे बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। वह 10 गेंदों पर महज 26 रन बनाकर आउट हो गए।
आयुष म्हात्रे: टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे भी इस हार के बड़े मुजरिम रहे। उनकी कप्तानी में वो धार नहीं दिखी और वह पाकिस्तान के बल्लेबाजों को रोकने के लिए रणनीति नहीं बना पाए। जब बैटिंग से टीम का नेतृत्व करने की बारी आई तो भी आयुष फेल हो गए। उन्होंने सिर्फ दो रन ही बनाए।
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किशन सिंह: गेंदबाजी की शुरुआत करने वाले किशन सिंह भी हार के बड़े दोषियों में शामिल रहे। उन्होंने पांच ओवरों में 50 रन खर्च किए। उनकी खराब गेंदबाजी ने पाकिस्तान के बल्लेबाजों को आत्मविश्वास दिया जिसके दम पर वह एक विशाल स्कोर खड़ा करने में सफल रहे।
दीपेश देवेंद्रन: दीपेश देवेंद्रन इस टीम के मुख्य गेंदबाजों में शुमार हैं, लेकिन आज उनकी गेंदबाजी में भी धार नहीं दिखी। इस गेंदबाज ने भी जमकर रन लुटाए। अपने कोटे के 10 ओवरों में उन्होंने 83 रन दिए। हालांकि, वह तीन विकेट लेने में सफल रहे लेकिन रन लुटाना भारत को काफी अखर गया।
खराब फील्डिंग: कैच पकड़ो और मैच जीतो। ये बात क्रिकेट में काफी आम है। भारतीय गेंदबाजों ने ग्राउंड फील्डिंग से लेकर कैच पकड़ने में कंजूसी की और इसी कारण पाकिस्तान की टीम विशाल स्कोर तक पहुंच सकी। खराभ फील्डिंग का खामियाजा भी भारत को भुगतना पड़ा।