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    IND vs ENG: क्रिकेट का ककहरा बदल देंगे Vaibhav Suryavanshi, भारत के लिए किया डेब्यू; सचिन से पहले लिखा जाएगा नाम

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 08:00 AM (IST)

    वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20आई मैच भारतीय टीम के लिए पदार्पण किया और महान सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। ...और पढ़ें

    क्रिकेट का ककहरा बदल देंगे Vaibhav Suryavanshi

    क्रिकेट का ककहरा बदल देंगे Vaibhav Suryavanshi

    HighLights

    1. वैभव सूर्यवंशी ने किया भारत के लिए पदार्पण, सचिन से पहले लिखा जाएगा नाम

    2. वैभव सूर्यवंशी ने सचिन, शेफाली को छोड़ा पीछे

    3. डेब्यू मैच में 14 रन बनाकर आउट हुए वैभव

    डिजिटल डेस्क, जागरण दिल्ली। पहली साइकिल, पहला गिटार, पहला मोबाइल-लैपटॉप या पहला महंगा बैट... 15-16 साल की उम्र में ज्यादातर बच्चों के लिए पहली बड़ी और कभी ना भूलने वाली याद ऐसी ही कुछ रहती है लेकिन अगर बच्चा विलक्षण हो तो स्टेट लेवल पर किसी खेल या परीक्षा इत्यादि में नाम कमाकर भी ऐसी कोई याद बना सकता है। 

    विलक्षण से आगे क्या होता है नहीं पता, लेकिन जो भी होता है उसे पहले सचिन तेंदुलकर कहते थे और अब वैभव सूर्यवंशी कहेंगे। छोटी सी टीवी पर झिलमिलाती फुटेज में पदार्पण करने वाले 16 साल के सचिन का रिकॉर्ड टूट चुका है और तोड़ना वाला है आईफोन 17 प्रो पर भोजपुरी गाने बजाकर इंस्टाग्राम लाइव करने वाला वैभव सूर्यवंशी।

    Vaibhav Suryavanshi ने रचा इतिहास

    लगभग 37 साल पहले सचिन ने कराची में पाकिस्तान के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहला कदम रखा। उस वक्त के सबसे महत्वपूर्ण फॉर्मेट, टेस्ट क्रिकेट में...

    मुंबई के मशहूर खड़ूस बैटिंग स्टाइल वाले सचिन जब गेंद को रक्षात्मक तरीके से खेलते थे तो लगता था कि ये दुनिया पर एलियंस का हमला भी रोक लेंगे और जब वही बैट अटैक में चलता था तो दुनिया का सबसे तेज गेंदबाज गेंद डालकर जब तक सिर उठाता था, उस गेंद को उठाने के लिए दर्शक दीर्घा में प्रशंसकों में मार मची मिलती थी। 

    सचिन के दौर में क्रिकेट अलग था, तब अगर आपको डिफेंड करना नहीं आता तो शायद ही आपको खेलने के ज्यादा मौके मिलें।

    अब माहौल अलग है, अब गेंद को बल्ले का पूरा चेहरा दिखाना है तो वो भी ऐसे दिखाइए कि रन बनें। डिफेंड करना अब गुनाह है और इसी गुनाहों से परेशान दुनिया में आता है 15 साल 99 दिन का वैभव सूर्यवंशी। डिफेंस वगैरह सीनियर्स देख लें, मैं तो गेंद की मजबूती परखने जा रहा हूं। 

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    इसी एकसूत्रीय तरीके से बल्लेबाजी करते हुए वैभव ने आईपीएल 2026 में दुनिया भर के गेंदबाजों को दम लेने का मौका नहीं दिया। सालों से अपने पसंदीदा क्रिकेटरों के स्ट्राइक रेट को पिच, हालात इत्यादि की ढाल तले छिपाने वाले प्रशंसकों को खुद छिपने के लिए जगह कम पड़ने लगी क्योंकि वैभव सूर्यवंशी के लिए किसी चीज का कोई अर्थ नहीं है। वह वीरेंद्र सहवाग की उस प्रसिद्ध लाइन को घोंटकर पी चुके हैं, गेंद का घर का बाउंड्री, उसे वहां पहुंचाओ। 

    वैभव आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर सीनियर भारतीय टीम के साथ थे। आयरलैंड में दो और इंग्लैंड में एक मैच बीत गया लेकिन वैभव को भारतीय टीम में पदार्पण का मौका नहीं मिला। लोगों की बेताबी बढ़ती जा रही थी और तमाम तरह की चर्चाएं चाय पर होने लगीं। कहीं वैभव से जलते क्रिकेटर्स तो कहीं कोई लाबी और कहीं किसी का ईगो... वैभव के ना खेलने के पीछे तमाम संभावित कारण बताए जाने लगे और फिर आई चार जुलाई की तारीख।

    इंग्लैंड के विरुद्ध दूसरे मैच से पहले अपनी कैप लेते वैभव की तस्वीर सामने आ गई और सारी शंकाओं को धता बताते हुए वैभव का पदार्पण हुआ और फिर उन्होंने अपनी छोटी सी पारी में दो लंबे छक्के मारकर दुनिया को बता दिया, ये वैभव युग की शुरुआत है। इतना तय है कि एक दिन वैभव क्रिकेट का ककहरा बदल देंगे।

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