IND vs NZ: वडोदरा में दिखा राणा जी का जलवा, न्यूजीलैंड की जोड़ी को नंबर-1 बनने से रोका
वडोदरा में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे पहले वनडे मैच में हर्षित राणा ने कमाल कर दिया। टीम इंडिया को जब विकेटों की तलाश थी तब राणा ने दो विके ...और पढ़ें
-1768126561711_m.webp)
हर्षित राणा ने कराई टीम इंडिया की वापसी
HighLights
IND vs NZ: हर्षित राणा ने भारत को दिलाई सफलता
IND vs NZ: न्यूजीलैंड की जोड़ी के लिए काल बने राणा
IND vs NZ: भारत ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। हर्षित राणा जब से टीम इंडिया में आए हैं तब से उनकी तारीफ से ज्यादा आलोचना हो रही है। उन्हें गौतम गंभीर का खास माना जाता है और कहा जाता है कि इसी कारण वह तीनों फॉर्मेट में डेब्यू कर गए। राणा का शुरुआत में प्रदर्शन भी ज्यादा अच्छा नहीं रहा था और इसी कारण इन आलोचनाओं को दम मिला, लेकिन वक्त के साथ उन्होंने बताया है कि वह क्या काम कर सकते हैं। ताजा उदाहरण रविवार को वडोदरा में खेले जा रहे पहले वनडे मैच का है जहां राणा ने एक खतरनाक साझेदारी को तोड़ा।
राणा ने इस साझेदारी को तोड़ा ही नहीं बल्कि एक और विकेट लेकर भारत को मैच में वापस ला दिया और मेहमान कीवी टीम को दबाव में डाल दिया। टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। डेवन कॉन्वे और हेनरी निकोल्स ने भारत को परेशानी में डाला और शतकीय साझेदारी तोड़ी। इस साझेदारी को राणा ने ही तोड़ा।
वापसी में किया काम तमाम
राणा ने अपने पहले स्पैल में चार ओवर फेंके थे और 21 रन दिए। जब विकेट नहीं मिला तो कप्तान गिल ने राणा को वापस बुलाया। राणा ने 22वें ओवर में गेंद थामी। इस ओवर की दूसरी और तीसरी गेंद पर निकोल्स ने राणा पर चौके मारे, लेकिन चौथी गेंद पर वह राणा की स्लोअर गेंद में फंस गए और विकेटकीपर केएल राहुल द्वारा लपके गए। निकोलस ने 69 गेंदों का सामना किया और आठ चौकों की मदद से 62 रन बनाए। इसी के साथ राणा ने कॉन्वे और निकोलस के बीच 117 रनों की साझेदारी को तोड़ दिया।
ये न्यूजीलैंड की तरफ से भारत में पहले विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। इस मामले में पहले नंबर पर एंड्रयू जोंस और जॉन राइट की जोड़ी है। इस जोडी ने साल 1988 में वडोदरा में ही 140 रन जोड़े थे। तीसरे नंबर पर नाथन एस्ले और क्रेग स्पीयरमैन हैं जिन्होंने राजकोट में 1999 में खेले गए वनडे मैच में 115 रन जोड़े थे।
खबरें और भी
कॉन्वे का भी किया शिकार
राणा यहीं नहीं रुके। उन्होंने 24वें ओवर की आखिरी गेंद पर कॉन्वे को पवेलियन भेज दिया। राणा ने कॉन्वे को एक इनस्विंग फेंकी। इस गेंद पर कॉन्वे चूक गए और बोल्ड हो गए। कॉन्वे ने 67 गेंदों की पारी में छह चौके और एक छक्के की मदद से 56 रन बनाए।