IND vs ZIM: श्रेयस अय्यर की कप्तानी में आखिरकार भारत को मिली जीत, सबसे बड़ी समस्या का मिला हल
भारतीय टीम को आखिरकार श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहली टी20 इंटरनेशनल जीत नसीब हुई। भारत ने जिम्बाब्वे को पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में सात विकेट से पटखनी दी।

भारत ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहली जीत दर्ज की

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। लगभग सात हफ्तों और सात अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों के बाद आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। श्रेयस अय्यर को कप्तान के रूप में पहली जीत मिल गई, 6 जून को मुंबई में कप्तानी मिलने के बाद बेलफास्ट से शुरू हुई कप्तान श्रेयस की यात्रा को हरारे में पहली जीत दिलाई वैभव सूर्यवंशी ने।
आयरलैंड में पहली बार टी-20 सीरीज में हारी भारतीय टीम को इंग्लैंड में चार टी-20 मैचों में हार मिली थी जबकि एक मैच बारिश से धुल गया था। भारतीय टीम पूरे दौरे पर विचलित लग रही थी और खिलाड़ियों का प्रदर्शन औसत से भी गया-गुजरा था।
ज्यादा आलराउंडरों पर जोर देने के चक्कर में ना इनसे बल्लेबाजी हो रही थी और ना ही बॉलिंग, लेकिन जिंबाब्वे आते ही टीम में स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों को वरीयता मिली और नतीजा तुरंत दिखा।
गेंदबाजी की समस्या का मिला हल
राजस्थान के अशोक शर्मा को भारत के लिए पदार्पण का मौका मिला जबकि उनके साथ मयंक और प्रिंस यादव के रूप में टीम ने तीन तेज गेंदबाजों को उतारा। रवि बिश्नोई इकलौते स्पिनर रहे जबकि एकमात्र आलराउंडर के रूप में उतरे शिवम दुबे ने पूरे चार ओवर गेंदबाजी संभाली।
वैभव का रिकॉर्ड
इसी मैच के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव सूर्यवंशी ने महज 19 गेंदों पर 50 रन की तूफानी पारी खेली। रिचर्ड एनगरावा द्वारा फेंके गए दूसरे ओवर की पहली गेंद पर वैभव पूरी तरह से चूक गए, लेकिन जैसे ही एनगरावा ने लेंथ पीछे खींची, पहले वैभव की आंखें और फिर उनका बल्ला चमका।
ओवर खत्म हुआ तो एनगरावा के नाम 20 रन चढ़ चुके थे जिसमें से 19 वैभव के बल्ले से आए, इस ओवर में उन्होंने दो छक्के और एक चौका जड़ा। हालांकि दूसरे छोर पर अभिषेक शर्मा के लिए चीजें उतनी सहज नहीं रहीं और आठ गेंदों पर सिर्फ एक रन बनाकर वह मुजरबानी का शिकार बने।
बदलनी पड़ गई गेंद
लगातार बैक आफ द लेंथ फेंक रहे मुजरबानी ने एक गेंद ऊपर डाली और अभिषेक ललचाकर बल्ला भांज बैठे। गेंद बल्ले से लगकर थर्डमैन की दिशा में बहुत ऊंची चली गई और ब्रैड इवांस ने आसान कैच पकड़ लिया।
तीन ओवर में 23 रन पर भारत का पहला विकेट गिरा तब वैभव नौ गेंदों पर 21 रन बनाकर खेल रहे थे और चौथा ओवर मिला ब्रैड इवांस को जिनकी पहली गेंद पर चौका मारने के बाद सूर्यवंशी ने दूसरी गेंद को इतनी जोर से छह रन के लिए भेजा कि गेंद बदलनी पड़ गई।
पांचवां ओवर लेकर आए मुजरबानी पर भी वैभव की कृपा बरसी और उन्होंने 17 रन लुटाए। हालांकि पावरप्ले खत्म होते ही वैभव का धूम-धड़ाका भी खत्म हुआ।
सातवें ओवर में वापस लौटे
एनगरावा की पहली गेंद पर दो रन लेकर वैभव ने 18 गेंदों पर पचासा पूरा किया और अगली ही गेंद पर कट मारने के चक्कर में डीप थर्ड पर बेन करन को कैच थमा बैठे। 19 गेंदों पर 50 मारने वाले वैभव ने चार छक्के और इतने ही चौके जड़े। वैभव का विकेट गिरा तो भारत का स्कोर 6.2 ओवर में 68 रन था।
टीम ने सात ओवर और बैटिंग करते हुए मैच को सात विकेट से अपने नाम कर लिया। इशान किशन ने 24 गेंदों पर 35 रन बनाए जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर इतनी ही गेंदों पर 28 रन बनाकर अविजित लौटे। तिलक वर्मा ने पांच गेंदों पर छह रन की अविजित पारी खेली।
मयंक यादव चमके
भारतीय टीम ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। जिंबाब्वे की टीम 20 ओवर में सात विकेट खोकर 125 रन ही बना पाई। वेस्ली मदेवेरे ने 39 रन की सबसे बड़ी पारी खेली।
भारत के लिए मयंक यादव ने चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट लिए, उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया। प्रिंस यादव के खाते में भी दो विकेट रहे जबकि शिवम दुबे और रवि बिश्नोई ने एक-एक विकेट लिया।
