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अनाया बांगर को महिला क्रिकेट में खेलने की मंजूरी देने पर भड़कीं मारिजान कैप, फैसले को बताया बिल्कुल बेतुका

Updated: Fri, 28 Aug 2026 04:59 PM (GMT+05:30)

दक्षिण अफ्रीका की खिलाड़ी मारिजान कैप ने ऑस्ट्रेलिया में महिलाओं का क्रिकेट खेलने के लिए भारत की अनाया बांगर को ...और पढ़ें

मारिजान कैप और अनाया बांगर

मारिजान कैप और अनाया बांगर

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स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। दक्षिण अफ्रीका की स्टार खिलाड़ी मारिजान कैप ने ऑस्ट्रेलिया में महिलाओं का क्रिकेट खेलने के लिए भारत की अनाया बांगर को मंजूरी देने के क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि ट्रांसजेंडर एथलीटों को महिलाओं के क्रिकेट में खेलने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।

भारत के पूर्व क्रिकेटर और कोच संजय बांगर की बेटी अनाया को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से पूरे ऑस्ट्रेलिया में महिलाओं का कम्युनिटी और प्रीमियर क्रिकेट खेलने की मंजूरी मिली है। इसके बाद मारिजान कैप ने इंस्टाग्राम पर रिएक्‍ट किया। उन्‍होंने इसे बिल्कुल बेतुका बताया और कहा कि इसकी इजाजत नहीं होनी चाहिए।

 

 

मारिजान कैप इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाने वाली पहली महिला क्रिकेटर हैं। कैप दक्षिण अफ्रीका की सबसे कामयाब महिला क्रिकेटरों में से एक हैं। उन्होंने एक दशक से ज्‍यादा समय तक सभी फॉर्मेट में राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है। दक्षिण अफ्रीका की एक अहम खिलाड़ी होने के नाते मारिजान कैप ने अंतरराष्ट्रीय स्तर और फ्रेंचाइजी, दोनों ही जगह महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

अनाया जन्‍म से पुरुष थीं। वह पहले मुंबई के यूथ क्रिकेट सिस्टम में टॉप-ऑर्डर बैटर और ऑल-राउंडर के तौर पर खेल चुकी हैं। अब वह एक ट्रांसजेंडर महिला के रूप में क्रिकेट में वापसी करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने 2023 में सार्वजनिक रूप से बताया कि उन्होंने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी शुरू कर दी है और बाद में 2026 में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी करवाई।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अब उन्हें सभी राज्यों और क्षेत्रों में महिलाओं के कम्युनिटी और प्रीमियर क्रिकेट में खेलने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से एलीट महिला क्रिकेट में खेलने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, अनाया ने साफ किया कि उन्हें किसी भी टीम में जगह मिलने की कोई गारंटी नहीं है। उनका फिलहाल पूरा ध्यान कॉम्पिटिटिव क्रिकेट में वापसी करने और मैदान पर खुद को साबित करने पर है। अनाया ने कहा है कि किसी एलीट टीम में चुने जाने का फैसला उनकी पहचान या इतिहास के आधार पर नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की मंजूरी से उन्हें एक रास्ता तो मिलता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें एलीट स्क्वाड में अपने-आप एंट्री मिल जाएगी। मार्च 2027 से एलीट महिला क्रिकेट में शामिल होने के लिए जरूरी योग्यता शर्तों को पूरा करना होगा, जिसमें टेस्टोस्टेरोन से जुड़े नियम और ब्लड-टेस्ट की जांच शामिल है।

अनाया ने कहा कि मौका पाने से पहले उन्हें अभी भी ट्रेनिंग करनी होगी, मुकाबलों में हिस्सा लेना होगा और अच्छा प्रदर्शन करना होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह यह उम्मीद नहीं करतीं कि एक ट्रांसजेंडर एथलीट के तौर पर उनके सफर को उनके चयन का आधार बनाया जाए। उनका मकसद अपने क्रिकेट के दम पर जगह बनाना है।

अनाया की एलीट क्रिकेट में वापसी की संभावना इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट के अलग-अलग एलिजिबिलिटी नियमों के संदर्भ में भी देखी जा रही है। ICC की मौजूदा पॉलिसी, जो 2023 में लागू हुई थी, उन ट्रांसजेंडर महिलाओं को इंटरनेशनल महिला क्रिकेट में खेलने की इजाजत नहीं देती है जिन्होंने पुरुष प्यूबर्टी (यौवन) का अनुभव किया है।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के घरेलू नियमों के तहत, अनाया को अपनी एलिजिबिलिटी प्रोसेस के आधार पर उनके मामले पर विचार करने के बाद कम्युनिटी और प्रीमियर क्रिकेट में भाग लेने की इजाजत दी गई है।

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