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    On This Day: जब शुरू हुआ था शतकों के शतक का ऐतिहासिक सफर, सचिन तेंदुलकर ने मैनचेस्टर में भरी थी हुंकार

    Updated: Fri, 14 Aug 2026 12:54 PM (IST)

    सचिन तेंदुलकर ने 14 अगस्त 1990 को मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा था। इस ऐतिहासिक पारी (119*) ने भारत को हार से बचाया ...और पढ़ें

    सचिन तेंदुलकर ने मैनचेस्टर में ठोका था पहला इंटरनेशनल शतक

    सचिन तेंदुलकर ने मैनचेस्टर में ठोका था पहला इंटरनेशनल शतक

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    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। क्रिकेट इतिहास में शतकों का शतक यानी सौ इंटरनेशनल शतक जमाने वाला एक ही बल्लेबाज है। उस बल्लेबाज का नाम है सचिन रमेश तेंदुलकर। सचिन के अलावा अभी तक कोई और बल्लेबाज इस मुकाम तक नहीं पहुंच सका है और ताजा हाल देखा जाए तो कोई करीब भी नहीं दिखता है। सचिन का ये सफर आज ही के दिन मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रेफर्ड मैदान से शुरू हुआ था।

    इंग्लैंड के खिलाफ सचिन ने अपना पहला इंटरनेशनल शतक जमाया था। ये शतक उन्होंने टेस्ट मैच में जमाया था। ओल्ड ट्रेफर्ड में नौ अगस्त से 14 अगस्त के बीच दूसरा टेस्ट मैच खेला गया था। उस समय टेस्ट मैच छह दिन का होता था जिसमें से एक दिन रेस्ट डे होता था। इस मैच के आखिरी दिन यानी 14 अगस्त को सचिन ने शतक लगा भारत को हार से बचाया था और मुकाबला ड्रॉ कराया था।

    मुश्किल में घिरा भारत

    इंग्लैंड ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी की थी। मेजबान टीम ने माइक एथरटन के 131, रोबिन स्मिथ के 121 और कप्तान ग्राहम गूच के 116 रनों के दम पर 519 रन बनाए थे। भारतीय टीम ने पहली पारी में लड़ाई लड़ी थी और कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के 179 रनों के दम पर 432 रन बनाए थे। हालांकि, वह इंग्लैंड के स्कोर से 87 रन पीछे रह गई थी। इंग्लैंड ने दूसरी पारी चार विकेट के नुकसान पर 320 रनों पर घोषित कर दी थी।

    सचिन ने बचाई लाज

    भारत को जीत के लिए 408 रनों का टारगेट मिला था। आखिरी दिन भारत ने अपनी दूसरी पारी शुरू की और विकेट खोने शुरू कर दिए। भारत का स्कोर 183 रनों पर छह विकेट था। यहां से हार तय लग रही थी। छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए सचिन ने मनोज प्रभाकर के साथ मिलकर साझेदारी की और दिन का खेल खत्म होने तक कोई और विकेट नहीं गिरने दिया। सचिन अपने करियर का पहला शतक बनाकर नाबाद लौटे। उन्होंने 189 गेंदों का सामना कर 17 चौकों की मदद से 119 रन बनाए। मनोज प्रभाकर 128 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से 67 रन बनाकर नाबाद रहे।

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    दूसरी पारी में भारत का स्कोर छह विकेट के नुकसान पर 343 रन था। सचिन और मनोज के बीच 156 रनों की साझेदारी हुई थी। यहां से सचिन ने जो शतक लगाने का सिलसिला शुरू किया वो 100 शतकों पर ही थमा।

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