RR SWOT Analysis: युवा जोश के दम पर 17 साल का सूखा खत्म करने उतरेगी राजस्थान, रियान पराग को करना होगा कमाल
राजस्थान रॉयल्स साल 2008 में आईपीएल की विजेता बनी थी, लेकिन इसके बाद इस टीम ने कभी खिताब नहीं जीता है। इस बार टीम ने युवा जोश पर भरोसा जताया है और उम् ...और पढ़ें

राजस्थान रॉयल्स को दूसरे खिताब की तलाश

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पहले सीजन का खिताब जीतने वाली राजस्थान रॉयल्स में काफी कुछ बदला है, लेकिन नहीं बदल तो उसका भाग्य। 2008 के बाद से ये टीम एक भी बार खिताब नहीं जीत पाई है। 2022 में इस टीम ने फाइनल खेला था जिसमें उसे हार मिली थी। इस सीजन टीम की कमान युवा रियान पराग के हाथ में हैं। पहला सीजन जीतने वाली टीम के सदस्य रहे रवींद्र जडेजा वापस टीम में आए हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि राजस्थान इस बार सूखा खत्म कर देगी।
इस बार टीम के साथ संजू सैमसन नहीं होंगे। वह चेन्नई सुपर किंग्स में चले गए हैं। बल्लेबाजी में दारोमदार युवा वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल पर होगा। टीम के पास कुछ और जाने-माने खिलाड़ी हैं जिनमें जोफ्रा आर्चर, ध्रुव जुरैल, शिमरॉन हेटमायर जैसे खिलाड़ी हैं। आइए जानते हैं क्या है टीम की ताकत और कमजोरी।
राजस्थान रॉयल्स का पूरा विश्लेषण
ताकत
इस सीजन टीम की ताकत उसकी तूफानी बल्लेबाजी है। इस टीम की बल्लेबाज निडर हैं और यही इसे खतरनाक भी बनाता है। वैभव सूर्यवंशी जिस अंदाज में बल्लेबाजी करते हैं उसने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। ओपनिंग में उनका साथ देने के लिए यशस्वी हैं। इस बल्लेबाज ने शुरू से ही अपनी छाप छोड़ी है। ये जोड़ी किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को परेशान कर सकती है।
मिडिल ऑर्डर की जिम्मेदारी कप्तान रियान पराग पर है जिसमें उनका साथ देंगे ध्रुव जुरैल। बीते सीजनों में जुरैल ने भी आतिशी अंदाज दिखाया है। फिनिशर के तौर पर टीम के पास हेटमायर हैं। वहीं यहां सभी की नजरें लुहान डी प्रीटोरियस पर भी होंगी जो अपनी तूफानी बल्लेबाजी के चलते ही इस टीम में आए हैं। रवींद्र जडेजा का अनुभव भी टीम की बल्लेबाजी को मजबूती देगा और गहराई प्रदान करेगा।
खबरें और भी
कमजोरी
इस टीम की कमजोरी अगर देखी जाए तो गेंदबाजी नजर आती है। आर्चर बेशक टीम में हैं लेकिन उनके साथ समस्या निरंतरता और चोटों की हैं। आईपीएल के सबसे सफल गेंदबाजों में शुमार संदीप शर्मा भी इस टीम का हिस्सा हैं और डैथ ओवरों में वह टीम की जान होंगे, लेकिन इन दोनों के अलावा टीम के पास कोई ऐसा तेज गेंदबाज नहीं है जिस पर भरोसा जताया जा सके। स्पिन में जडेजा हैं और उनका साथ देने के लिए रवि बिश्नोई हैं। अगर कोई फेल होता है या चोटिल होता है तो टीम के पास बैकअप नजर नहीं आ रहे हैं।
मौका
टीम की कमान युवा खिलाड़ी के हाथ में हैं और इसमें कई युवा खिलाड़ी भी हैं। ऐसे में टीम के पास अपने आप को एक नया रूप देने का मौका है। टीम यहां से अपने आप को नए तरह से खड़ा कर सकती है। टीम के पास युवाओं के दम पर खिताब जीतने का मौका है। अगर ऐसा हो पाता है तो फिर ये इस टीम के लिए बड़ी बात होगी।
खतरा
युवाओं के भरोसे रहना एक मौका तो देता है ही, लेकिन साथ ही ये खतरा भी पैदा करता है। टीम की जीत के लिए युवा जोश और अनुभव का मिश्रण चाहिए होता है। यहां युवा जोश ज्यादा नजर आता है। ऐसे में खतरा इस बात का है कि कहीं ये टीम बिखर न जाए और अगर ऐसा होता है तो फिर सवाल है कि ये टीम संभलेगी कैसे।
राजस्थान रॉयल्स की टीम-:
रियान पराग (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, वैभव सू्यवंशी, ध्रुव जुरैल, शिमरॉन हेटमायर, जोफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा, नांद्रे बर्गर, एडम मिल्ने, क्वेना मफाका, डोनोवान फरेरा, रवि सिंह, शुबम दुबे, कुलदीप सेन, युद्धवीर सिंह चरक, लुहान ड्रे प्रीटोरियस, विग्नेश पुथुर, सुशांत मिश्रा, यश राज पूनिया, बृजेश शर्मा, अमन राव।