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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ranji Trophy: अपने ही नाम के मैदान पर मैच खेलेंगे अभिमन्यु, अपनों के खिलाफ उतरेंगे “ईश्वरन”

    By Umesh KumarEdited By: Umesh Kumar
    Updated: Mon, 02 Jan 2023 10:32 PM (IST)

    अभिमन्यु के पिता आरपी ईश्वरन ने जागरण संवाददाता को बताया कि वैसे तो अभिमन्यु ने क्रिकेट का ककहरा अपने ही मैदान से सीखा है लेकिन यह पहला मौका होगा जब व ...और पढ़ें

    भारतीय क्रिकेटर अभिमन्यु ईश्वरन फोटो- ईएसपीएन क्रिकइन्फो
    भारतीय क्रिकेटर अभिमन्यु ईश्वरन फोटो- ईएसपीएन क्रिकइन्फो

    नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेटर अभिमन्यु ईश्वरन मंगलवार को अपने ही नाम के मैदान पर मैच खेलेंगे। अभिमन्यु बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हैं। हालांकि, अभिमन्यु क्रिकेट अकादमी के मैदान में वह अपने गृह राज्य उत्तराखंड की टीम के विरुद्ध ही खेलेंगे। इस मैदान पर उत्तराखंड और बंगाल के बीच रणजी ट्राफी का मुकाबला खेला जाएगा।

    अभिमन्यु के पिता आरपी ईश्वरन ने जागरण संवाददाता को बताया कि वैसे तो अभिमन्यु ने क्रिकेट का ककहरा अपने ही मैदान से सीखा है, लेकिन यह पहला मौका होगा, जब वह प्रथम श्रेणी का मैच इसी मैदान पर खेलेंगे। उन्होंने कहा कि 27 वर्षीय अभिमन्यु ने मात्र सात वर्ष की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था।

    क्रिकेट के प्रति लगाव और जुनून को देखते हुए वर्ष 2006 में उनके नाम से क्रिकेट अकादमी बनाई थी। उन्होंने कहा कि वह काफी उत्साहित हैं। जिस दिन भारत के लिए अभिमन्यु खेलेगा, उस दिन ये खुशी दोगुनी हो जाएगी।

    अभिमन्यु ने पीटीआई से कहा, “ऐसे मैदान पर रणजी मैच खेलना मेरे लिए गर्व का क्षण है, जहां मैंने बचपन में ही सारी क्रिकेट सीख ली है। यह उनके (पिता) प्यार और कड़ी मेहनत का नतीजा है और घर आना हमेशा एक शानदार अहसास होता है, लेकिन एक बार जब आप मैदान पर होते हैं, तो ध्यान बंगाल के लिए खेल जीतने पर होता है।”

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    पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट आरपी ईश्वरन क्रिकेटर बनना चाहते थे लेकिन नहीं बन सके। उन्होंने अभिमन्यु को क्रिकेटर बनाने के लिए उसका साथ दिया। अभिमन्यु ने हाल के दिनों में भारत ए का नेतृत्व कर चुके हैं और वह बैकअप ओपनर के रूप में भारतीय टेस्ट टीम का भी हिस्सा रहे हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण नहीं किया है।

    पीटीआई से बात करते हुए अभिमन्यु के पिता ने कहा, “मैंने 2006 में स्टेडियम बनाना शुरू किया और मैं अभी भी इसे लगातार अपग्रेड करने के लिए कोशिश कर रहा हूं। कोई रिटर्न नहीं है, लेकिन यह खेल के लिए मेरे प्यार के बारे में है।”