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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    RCB और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ने बेंगलुरू भगदड़ मामले में खटखटाया कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा, पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप

    Updated: Mon, 09 Jun 2025 05:43 PM (IST)

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी डीएनए ने बेंगलुरू में हुई भगदड़ मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आईपीएल ट्रॉफी जीतने ...और पढ़ें

    आरसीबी के जीत के जश्न के दौरान मची थी भगदड़
    आरसीबी के जीत के जश्न के दौरान मची थी भगदड़

    HighLights

    1. बेंगलुरू भगदड़ मामले में आरसीबी ने खटखटाया कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा
    2. भगदड़ में गई थी 11 लोगों की जान
    3. आरसीबी के पहले आईपीएल जीतने पर मनाया जा रहा था जश्न

    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बेंगलुरू में हुई भगदड़ मामले में अपने खिलाफ दर्ज हुए केस को रद्द कराने के लिए आईपीएल फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और इवेंड मैनेजमेंट कंपनी डीएनए ने कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 17 साल बाद आरसीबी के आईपीएल जीतने का जश्न एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में मनाया जा रहा था तभी स्टेडियम के बाहर भगदड़ मच गई थी जिसमें 11 लोगों की जान चली गई थी।

    अपनी याचिका में डीएनए इंटरटेनमेंट कंपनी ने कहा है कि ये हादसा राज्य पुलिस की लापरवाही के कारण हुआ है। याचिका में कहा गया है कि इस इवेंट के लिए जो भीड़ इकट्ठा हुई थी उसे पुलिस संभाल नहीं सकी। कंपनी ने कहा है कि स्टेडियम में पर्याप्त पुलिस बल नहीं था और अधिकतर पुलिस अधिकारी विधान साउदा के पास ही थे जिससे भीड़ को काबू करना मुश्किल हो गया।

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    पहले ही आयोजित किए इवेंट

    कंपनी ने अपना तर्क देते हुए कहा है कि उसके पास इस तरह के इवेंट आयोजित करने का अनुभव है और वह पहले भी ऐसा कर चुकी है। कंपनी ने बताया कि उसने टी20 वर्ल्ड कप के बाद हुई विक्ट्री परेड के दौरान इससे ज्यादा भीड़ को संभाला था। हालांकि, यहां ये बात नोट करने वाली है कि मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दर्शकों की तादाद 32,000 है। इसी स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप-2024 का खिताब जीतकर टीम इंडिया लौटी थी।

    अपनी याचिका में कंपनी ने बताया की उसने तीन जून को ही अधिकारियों को पत्र लिखकर ओपन बस परेड की इजाजत मांगी थी, लेकिन पुलिस ने इसके लिए मना कर दिया था। वहीं राज्य सरकार ने ये जश्न विधान साउदा के सामने कराने का फैसला किया था जहां अच्छा खासा पुलिस बल तैनात था और इसी कारण स्टेडियम में पर्याप्त पुलिस बस मौजूद नहीं था।

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    पुलिस के इस कदम से बिगड़े हालात

    कंपनी ने कहा है कि भीड़ की तादाद बढ़ने के साफ संकेत मिलने के बाद भी स्टेडियम के दारवाजों को 3:30 बजे खोला गया और स्थिति तब बिगड़ी जब पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया जिससे फैंस में घबराहट हुई जिसने बाद में भगदड़ का रूप ले लिया।

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