ऋषभ पंत को स्वाभाविक खेल खेलने की पूरी स्वतंत्रता मिले, दूसरे टेस्ट से पहले पूर्व विकेटकीपर ने दी सलाह
भारत के पूर्व विकेटकीपर सबा करीम ने कहा कि ऋषभ पंत को उनके स्वाभाविक खेल खेलने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।

ऋषभ पंत
HighLights
भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों श्रीलंका के दौरे पर है
दोनों टीमों के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रही
23 अगस्त से दूसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा
खेल संवाददाता, नई दिल्ली। भारत के पूर्व विकेटकीपर सबा करीम ने कहा कि ऋषभ पंत को उनके स्वाभाविक खेल खेलने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। अगर उनके शॉट चयन और खेल को नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी तो इससे उनकी मैच जिताने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। भारतीय टीम रविवार से कोलंबो में श्रीलंका के विरुद्ध दूसरा टेस्ट मैच खेलेगी, जिसका प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा।
सबा करीम ने शुक्रवार को ‘दैनिक जागरण’ से विशेष बातचीत में गॉल टेस्ट में पंत की बल्लेबाजी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वह अविश्वसनीय बल्लेबाज और विशुद्ध मैच विजेता हैं। बीच-बीच में उनके आउट होने के तरीके पर आलोचना होती है, लेकिन इसे स्वीकार करना होगा।
अगर हर बार पंत को यह बताने की कोशिश की जाएगी कि कौन सा शॉट कब खेलना है और किस तरह बल्लेबाजी करनी है तो उनका स्वाभाविक खेल प्रभावित होगा। पंत का खेल ही उनकी बल्लेबाजी की जान है। उसे रोकने या बदलने की कोशिश करने पर टीम को मिलने वाला फायदा खत्म हो सकता है।
उन्होंने कहा कि पंत विकेट के पीछे भी गेंदबाजों को महत्वपूर्ण सलाह देते हैं और उनका योगदान सिर्फ बल्ले तक सीमित नहीं है। पंत की तुलना महेंद्र सिंह धोनी से करते हुए कहा कि धोनी की अलग छवि और विरासत है, लेकिन पंत के आंकड़े, बल्लेबाजी औसत और मैच जिताने वाली पारियों को देखते हुए वह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाजों में से एक हैं।
उनका मानना है कि पंत को क्रिकेट का आनंद लेते हुए उसी तरह खेलने देना चाहिए, जिस तरह वह खेलना चाहते हैं। गॉल टेस्ट में भारत की जीत में अहम योगदान देने वाले बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल और स्पिनर मानव सुथार के प्रदर्शन को सबा ने टीम के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
उन्होंने पडिक्कल की स्पिन के विरुद्ध पैरों का इस्तेमाल कर बल्लेबाजी करने की क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत को ऐसे बल्लेबाजों की जरूरत है जो एशियाई परिस्थितियों में भी रन बना सकें और विदेशों में भी बड़ी पारियां खेलने में सक्षम हों। वहीं मानव सुथार के लगातार दूसरे पांच विकेट के प्रदर्शन को उन्होंने प्रभावशाली बताया।
उन्होंने कहा कि यह अभी शुरुआत है और उन्हें समय के साथ खुद को साबित करना होगा। कुलदीप यादव को लेकर पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि नियमित टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलने से उनके लिए मुश्किलें बढ़ी हैं। उन्हें अपनी गेंदबाजी, एक्शन, गेंद में वैरिएशन और मानसिकता का विश्लेषण कर नए दृष्टिकोण के साथ वापसी करनी होगी।
खिलाड़ियों की चोट पर जताई चिंता
सबा करीम ने खिलाड़ियों की चोट और कार्यभार प्रबंधन पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार टीम इंडिया, सेंटर आफ एक्सीलेंस और मेडिकल स्टाफ के बीच संवाद पहले से बेहतर हुआ है, लेकिन खिलाड़ियों के फिट होकर लौटने के बाद जल्द चोटिल होने की समस्या में कहीं न कहीं अंतर तलाशना जरूरी है।
क्रिकेट निदेशक बनाने से व्यवस्था में आएगी स्पष्टता
पूर्व क्रिकेटर ने वीवीएस लक्ष्मण को क्रिकेट निदेशक बनाए जाने की चर्चा पर कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि वह पिछले तीन-चार वर्षों से भारत के लिए क्रिकेट निदेशक की जरूरत की बात करते रहे हैं। उनके मुताबिक क्रिकेट निदेशक के अधीन भारतीय टीम, भारत-ए और अंडर-19 क्रिकेट जैसे अलग-अलग विभाग होने चाहिए और इन सभी को प्रमुख को रिपोर्ट करना चाहिए। निदेशक की जिम्मेदारी भारतीय क्रिकेट के लिए दीर्घकालिक दृष्टि तैयार करने के साथ-साथ व्यवस्था में जवाबदेही तय करना भी होनी चाहिए।
