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    Shreyas Iyer ने कैसे लिखी वापसी की पटकथा? गंभीर-अगरकर को कप्तान बनाने पर किया मजबूर

    Updated: Sat, 06 Jun 2026 08:57 PM (GMT+05:30)

    श्रेयस अय्यर ने सूर्यकुमार यादव की जगह भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी संभाली है, जो उनके संघर्ष और दृढ़ संकल्प से भरी वापसी की कहानी है। ...और पढ़ें

    श्रेयस अय्यर

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    पीटीआई, बेंगलुरु। श्रेयस अय्यर ने शनिवार को जब सूर्यकुमार यादव की जगह भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी संभाली, तब यह केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं था बल्कि एक प्रेरणादायक वापसी की कहानी का नया अध्याय भी है। तीन दिसंबर 2023 से छह जून 2026 के बीच अगर किसी भारतीय क्रिकेटर के जीवन में सबसे अधिक उतार-चढ़ाव, संघर्ष और बदलाव देखने को मिले हैं, तो वह नाम है श्रेयस अय्यर का।

    अय्यर की यात्रा इसलिए असाधारण है क्योंकि भारतीय क्रिकेट में, खासकर टी-20 जैसे प्रतिस्पर्धी प्रारूप में 30 महीनों तक टीम से दूर रहने के बाद वापसी करना ही बेहद कठिन माना जाता है। कप्तान बनकर लौटना तो और भी बड़ी उपलब्धि है। सवाल यह है कि आखिर 31 वर्षीय अय्यर ने ऐसा क्या किया कि अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति और मुख्य कोच गौतम गंभीर का भरोसा जीत सके? इसका उत्तर है, विपरीत परिस्थितियों से लड़ने का उनका अडिग संकल्प और लगातार खुद को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता।

    BCCI ने खत्म कर दिया था सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट

    फरवरी 2024 में घरेलू क्रिकेट से दूरी बनाने के कारण बीसीसीआई ने अय्यर और झारखंड के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का केंद्रीय अनुबंध समाप्त कर दिया था। उस समय अय्यर का भविष्य धुंधला नजर आने लगा था। उन्हें दोबारा अनुबंध हासिल करने में लगभग एक वर्ष का समय लगा। इस दौरान 2024 और 2026 के टी-20 विश्व कप तथा 2025 एशिया कप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय टीम में भी उन्हें जगह नहीं मिली। हालांकि उन्होंने कभी सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त नहीं की और इंटरनेट मीडिया पर अपनी भड़ास भी नहीं निकाली।

    इसके बजाय उन्होंने बल्लेबाजी में सुधार करने और चोटों से उबरने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। चोट के कारण उन्हें लाल गेंद प्रारूप के क्रिकेट से दूरी बनानी पड़ी। अय्यर की वापसी की पहली मजबूत झलक 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को आईपीएल खिताब दिलाने के बाद देखने को मिली। उस समय केकेआर के मेंटोर गौतम गंभीर थे। इस साझेदारी ने गंभीर को अय्यर की सोच, नेतृत्व क्षमता और मानसिक दृढ़ता को करीब से समझने का मौका दिया।

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    IPL 2018 में पहली बार बने थे कप्तान

    आईपीएल 2018 में दिल्ली कैपिटल्स (तब डेयरडेविल्स) की कप्तानी छोड़ते समय गंभीर ने ही अय्यर को अपना उत्तराधिकारी बनाने की सिफारिश की थी। ऐसे में दोनों के बीच रिश्तों को लेकर समय-समय पर उठी मतभेद की खबरे शायद अटकलें ही साबित हुईं। पिछले दो वर्षों में अय्यर बेहतर खिलाड़ी बनने के साथ एक परिपक्व व्यक्तित्व के रूप में भी उभरे हैं।

    ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर रिकी पोंटिंग ने दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स में अय्यर के साथ लंबे समय तक काम किया है। पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए अय्यर ने 2025 में 604 और 2026 में 498 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 50 से ऊपर रहा, जबकि उन्होंने 11 अर्धशतक और एक शतक भी जड़ा। स्पिन गेंदबाजी के विरुद्ध हमेशा से आक्रामक रहे अय्यर ने अब तेज गेंदबाजों के विरुद्ध भी अपने खेल में जबरदस्त सुधार किया है। प्रभावी पुल शॉट के जुड़ने से उनकी बल्लेबाजी कहीं अधिक संतुलित और आक्रामक बन गई है।

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