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जुगलबंदी का टेस्ट, अगरकर और गंभीर की जोड़ी के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है यह सीरीज

Updated: Fri, 14 Aug 2026 08:02 PM (IST)

गौतम गंभीर और अजीत अगरकर की जुगलबंदी ने पिछले दो साल में भारतीय क्रिकेट को दो आईसीसी ट्रॉफी दिलाई हैं लेकिन उनके भविष्य को लेकर सवाल हैं।

गौतम गंभीर और अजीत अगरकर

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अभिषेक त्रिपाठी, जागरण गाल। बादल आ रहे थे, जा रहे थे... मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर अंतिम एकादश को लेकर चर्चा कर रहे थे... अचानक से बारिश आई तो गंभीर मैदान में पड़े किसी खिलाड़ी का किट बैग लेकर ड्रेसिंग रूम की ओर जाने लगे, कोच को किट बैग घसीटते देखकर अगरकर ने उनसे बैग लेने की कोशिश की।

गंभीर ने हंसकर कहा, अरे मैं ले चलता हूं तो अगरकर ने बगल में पड़े सपोर्ट स्टाफ के सामान को उठा लिया और दोनों एक साथ गाल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम की तरफ चल दिए। इन दोनों की जुगलबंदी ने पिछले दो साल में भारतीय क्रिकेट को दो आईसीसी ट्रॉफी दिलाई हैं लेकिन उनके भविष्य को लेकर सवाल हैं।

युद्ध का निर्णय किंग का भविष्य तय करता है लेकिन कुछ युद्ध ऐसे होते हैं जो किंग मेकर का भी भविष्य तय करते हैं। शनिवार को गाल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में श्रीलंका के विरुद्ध शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज की जीत-हार भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी जोड़ी के भविष्य पर भी असर डालेगी।

टेस्ट क्रिकेट में खराब प्रदर्शन और 2027 वनडे विश्व कप में रोहित-विराट को खिलाने या नहीं खिलाने को लेकर चल रहे विवाद ने बीसीसीआई को सोचने पर मजबूर कर दिया है। गंभीर की कुर्सी पर तो फिलहाल खतरा नहीं है लेकिन अगरकर का करार इस साल खत्म हो रहा है। अगर श्रीलंका के विरुद्ध सीरीज में भारतीय टीम हारती है तो बीसीसीआई के हुक्मरान अगरकर को हटाकर वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाने के बारे में सोच सकते हैं।

जारी रहेगी आंखमिचौली

गाल में बादलों की आंखमिचौली पांचो दिन जारी रहेगी। बीच-बीच में मैदान को कवर से ढकना होगा। ऐसे में बल्लेबाजों को संयम से काम लेना होगा। श्रीलंका ने 1998 से गाल में खेले गए 49 टेस्ट में से 27 जीते हैं। कभी उनके लिए यह काम मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ जैसे स्पिनर करते थे तो पिछले कुछ सालों से यह काम किंग ऑफ गाल प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस कर रहे हैं।
कभी स्पिनरों को खेलने में माहिर मानी जाने वाली भारतीय टीम अब इस मामले में कमजोर साबित होने लगी है। कप्तान शुभमन गिल और उनके बल्लेबाजों को स्पिनरों के सामने डटकर खड़ा रहने की आदत डालनी होगी।

शीर्षक्रम को करना होगा स्कोर

केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल और खुद कप्तान शुभमन गिल को बड़ा स्कोर करना होगा, क्योंकि कुछ मेजबान पत्रकार इसे श्रीलंकाई दौरे पर पहुंची सबसे कमजोर भारतीय टेस्ट टीम बता रहे हैं।
भारतीय बल्लेबाजों को बताना होगा कि जो सीने पर तिरंगा लेकर चलते हैं, वे कमजोर नहीं होते हैं। साई सुदर्शन के चोटिल होने के कारण तीन नंबर पर खेलने वाले देवदत्त के पास खुद को स्थापित करने का अच्छा मौका है।

अंतिम एकादश में विकेटकीपर रिषभ पंत के साथ दूसरे विकेटकीपर ध्रुव जुरैल शुद्ध बल्लेबाज के तौर पर खेलेंगे। दोनों अच्छे बल्लेबाज हैं लेकिन दोनों पिछले कुछ महीनों से वह नहीं कर पा रहे जिसके लिए उन्हें जाना जाता है।
2017 में भारत ने आखिरी बार विराट कोहली की कप्तानी में श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेली थी। तब भी टीम में काफी युवा खिलाड़ी थे और भारत ने 3-0 से सीरीज जीती थी। गाल में भी भारत को जीत मिली थी। गिल को उससे सबक लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है।

पिच करेगी कन्फ्यूज

पिच पर बिलकुल घास नहीं है और थोड़ी-थोड़ी देर में बारिश के कारण उसमें नमी भी है। यही नहीं मैच के दो दिन पहले भी उस पर अलग से पानी डाला गया। लगातार हल्का रोलर भी चलाया गया। ऐसे में यहां टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम बड़ा स्कोर बना सकती है। बाद में स्पिनरों को मदद मिलेगी। भारतीय टीम तीन बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा के साथ उतारेगी। मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाज की भूमिका निभाएंगे।

श्रीलंका क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण सीरीज

यह टेस्ट सीरीज श्रीलंका क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने दर्शकों के लिए एंट्री फ्री कर दी है। धनंजय डिसिल्वा की टीम लाल गेंद के खेल में अच्छा करना चाहती है। उसने जून-जुलाई में वेस्टइंडीज में दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली थी और उसमें उसे 0-1 से हार मिली। हालांकि इससे पहले लगभग एक साल तक श्रीलंकाई टीम ने कोई टेस्ट मैच नहीं खेला था। ऐसे में श्रीलंकाई टीम के लिए भी वर्चस्व बनाना आसान नहीं होगा।

भारतीय टीम

शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप कप्तान), यशस्वी जायसवाल, रिषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरैल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी, सरफराज खान।

श्रीलंका टीम

धनंजय डिसिल्वा (कप्तान), लाहिरू उदारा, निशान मदुश्का, कामिंडू मेंडिस, दिनेश चांदीमल, पसिंदू सोरियाबंदरा, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशर नुवांथा, मिलन रथनायके, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्व फर्नांडो, दिलशान मदुश्का।

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