T20 World Cup 2026 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अभिषेक शर्मा की होगी 'अग्निपरीक्षा', क्या ऑफ स्पिन की बाधा कर पाएंगे पार?
टी-20 विश्व कप में अभिषेक शर्मा लगातार तीन बार शून्य पर आउट हुए हैं, जिससे उनकी फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। पेट के संक्रमण और धीमी पिचों को इसका क ...और पढ़ें
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अभिषेक शर्मा की अग्निपरीक्षा
HighLights
अभिषेक शर्मा लगातार तीन बार शून्य पर आउट हुए
पेट संक्रमण और धीमी पिचें खराब फॉर्म का कारण
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 में प्रदर्शन अहम
पीटीआई, अहमदाबाद। टी-20 विश्व कप में सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा लगातार तीन बार शून्य के स्कोर पर आउट हुए लेकिन भारत का अभियान बिना रुके पटरी पर चलता रहा। हालांकि अभिषेक के बल्ले का नहीं चलना चर्चा का विषय बना हुआ है। इसका कारण या तो पेट के संक्रमण से उनका कमजोर होना है या फिर धीमे विकेट पर स्पिनरों के विरुद्ध तकनीकी कमजोरी का उभरना है, लेकिन जिन्होंने इस प्रारूप और इस खिलाड़ी को करीब से देखा है उनका कहना है कि फॉर्म अस्थायी है, उसका आत्मविश्वास स्थायी है।
अभिषेक का स्ट्राइक रेट 192 से ज्यादा का है लेकिन अचानक उनकी फॉर्म खराब हो गई जिसका मुख्य कारण पेट के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने के एक हफ्ते से भी कम समय बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में उनकी वापसी हो सकती है। फिर धीमी पिचों ने भी उनकी मदद नहीं की है। अब तक टीम के एकजुट प्रयास ने पक्का किया है कि परिणामों पर कोई असर नहीं पड़े, लेकिन शनिवार से सुपर-8 चरण शुरु होने वाला है इसलिए यह जरूरी होगा कि उनका बल्ला चले। भारत सुपर-8 चरण के पहले मैच में रविवार को उस दक्षिण अफ्रीकी टीम से भिड़ेगा, जो भारत की तरह ही टूर्नामेंट में अजेय है।
ऐडन मार्करम खुद कर सकते हैं गेंदबाजी
अगर अभिषेक के पिछले मैचों में आउट होने के तरीके को ध्यान से देखने के बाद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ऐडन मार्करम पॉवरप्ले के अंदर दोनों छोर से कगिसो रबाडा या लुंगी नगिडी को गेंदबाजी कराने के बजाय खुद ऑफ ब्रेक गेंदबाजी करने के बारे में सोच सकते हैं या फिर जार्ज लिंडे से गेंदबाजी करने को कह सकते हैं। टी-20 प्रारूप में गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है। अभिषेक का टी-20 विश्व कप में अपना खाता नहीं खोल पाना चिंता की बात नहीं है। हो सकता है वह दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध या फिर इसके बाद चेन्नई में जिम्बाब्वे व कोलकाता में वेस्टइंडीज के विरुद्ध मैच में लय हासिल कर लें।
आईपीएल फ्रेंचाइजी के एक मशहूर बल्लेबाजी कोच ने लीग के दौरान अभिषेक के विरुद्ध योजना बनाई और उनकी बल्लेबाजी का विश्लेषण किया। उनसे जब पूछा गया कि क्या टीमों ने आखिरकार अभिषेक की बल्लेबाजी को समझ लिया है तो उनका जवाब 'नहीं' था। उन्होंने कहा, बिल्कुल नहीं। पहले मैच में डीप एक्स्ट्रा कवर पर वह खराब गेंद पर कैच हुए थे जो छह रन के लिए जा सकती थी या फील्डर के बाएं या दाएं एक पैर से बाहर जाकर चौके के लिए जा सकती थी।
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ऑफ स्पिन अभिषेक के लिए चिंता का विषय नहीं
अभिषेक के तीनों मैच में आउट होने के तरीके पर उन्होंने आगे कहा, ऑफ स्पिनर की अंदर आती गेंद पर बोल्ड होना, ना कि बाहर जाती हुई गेंद पर, इससे ज्यादा कुछ पता नहीं चलता और मिड आन पर कैच होना। उन्होंने कहा कि इस तरह आउट होने से पहले ऐसा कोई डेटा नहीं है जो यह बताए कि ऑफ स्पिनर उन्हें हमेशा परेशान करते हैं। कोच ने कहा, वह आमतौर पर ऑफ स्पिन काफी अच्छा खेलते हैं। मैंने कुछ भी गलत नहीं देखा है। हालांकि विकेटों का धीमा होना उनके आउट होने का कारण बन सकता है क्योंकि उनके बल्ले की स्विंग बहुत तेज है, जिससे उन्हें तेज गेंदबाजों के मुफीद ट्रैक पर बहुत सफलता मिलती है।
अभिषेक के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत से यह पहला चरण हैं जहां उन्हें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यहीं पर बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक की भूमिका अहम हो जाती है। अभिषेक के आत्मविश्वास से भरे व्यक्तित्व को देखते हुए साफ लगता है कि वह कुछ निराशाओं से हिलने वाले नहीं हैं लेकिन उन्हें पता होगा कि भारत के टी-20 विश्व कप अभियान का एक बड़ा हिस्सा उनकी शुरुआत पर निर्भर करता है।
भारत-दक्षिण अफ्रीका ही नहीं दो भाइयों के बीच भी होगी जंग
क्रिकेट मैदान पर एक ही टीम के लिए खेलने वाले भाइयों की कहानियां आम हैं, लेकिन रविवार को टी-20 विश्व कप में जब भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें भिड़ेंगी तो अनोखा नजारा देखने को मिलेगा जब वर्षों तक साथ खेलने वाले दो सगे भाई अलग-अलग 'डगआउट' में बैठकर प्रतिद्वंद्वी टीमों के लिए रणनीति बनाते नजर आएंगे। घर पर बैठी उनकी मां इस उलझन में होंगी कि आखिर समर्थन किसे करें।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज एल्बी मोर्कल और मोर्ने मोर्कल की भाइयों की जोड़ी इस समय ऐसी ही स्थिति में हैं। एल्बी इस टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका के विशेष सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि मोर्ने भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले कोचिंग दल में गेंदबाजी कोच की अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। एल्बी ने हाल ही में मजाकिया अंदाज में कहा था, नहीं, हम अभी एक-दूसरे से बात नहीं कर रहे। हमसे ज्यादा हमारी मां परेशान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि भारत का समर्थन करें या दक्षिण अफ्रीका का।
दोनों टीमें रही हैं अपराजित
ग्रुप चरण में दोनों टीमों ने अपराजित रहते हुए सुपर-आठ में जगह बनाई है। यह सुपर आठ चरण में दोनों टीमों का यह पहला मैच होगा। मोर्ने ने भी स्वीकार किया कि बड़े भाई से उनकी बातचीत ज्यादा नहीं हुई है। उन्होंने शुक्रवार को कहा, मैंने उन्हें मैदान पर आते देखा, लेकिन ज्यादा बात नहीं हुई। फिर भी उन्हें देखकर अच्छा लगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसे कई प्रेरक उदाहरण रहे हैं जब भाइयों ने साथ खेलकर इतिहास रचा।
इस सूची में चैपल बंधु (इयान और ग्रेग), वॉ बंधु (स्टीव और मार्क), अमरनाथ बंधु (मोहिंदर, सुरिंदर और राजिंदर) , पठान बंधु (इरफान और यूसुफ), पांड्या बंधु (हार्दिक और कृणाल), मोहम्मद बंधु (हनीफ, सादिक, मुश्ताक, वजीर) और हेडली बंधु (रिचर्ड और डेल) के नाम शामिल हैं। इसमें कुछ अपवाद भी रहे हैं जब भाइयों ने अलग-अलग टीमों का प्रतिनिधित्व किया हो। इसमें सैम कुर्रन का इंग्लैंड के लिए खेलना और उनके भाई बेन कुरेन का जिम्बाब्वे का प्रतिनिधित्व करना शामिल है।