T20 World Cup 2026 से बांग्लादेश के हटने से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की राह हुई आसान
विश्व कप की शुरुआत में ग्रुप सी को 'ग्रुप आफ डेथ' माना जा रहा था, लेकिन बांग्लादेश के हटने और स्कॉटलैंड के शामिल होने से समीकरण बदल गए हैं। इससे इंग्ल ...और पढ़ें

टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड-वेस्टइंडीज
HighLights
बांग्लादेश के हटने से ग्रुप सी के समीकरण बदले
इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की राह हुई आसान
नेपाल, इटली, स्कॉटलैंड उलटफेर को तैयार
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। विश्व कप की शुरुआत में ग्रुप सी को 'ग्रुप आफ डेथ' माना जा रहा था, लेकिन बांग्लादेश के भारत में नहीं खेलने की मांग के चलते आइसीसी ने उसे बाहर कर स्कॉटलैंड को इस ग्रुप में शामिल कर दिया। भारतीय उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में बांग्लादेश बाकी टीमों के लिए कठिन प्रतिद्वंद्वी साबित होता और इसलिए ये ग्रुप सबसे रोमांचक माना जा रहा था, लेकिन अब समीकरण पूरी तरह बदल चुका है।
ग्रुप में दो-दो बार ट्राफी जीतने वाली वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के अलावा पहली बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाली इटली, नेपाल और स्कॉटलैंड है। बांग्लादेश के हटने से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की अगले दौर में पहुंचने की राह थोड़ी आसान हुई है। 2010 और 2022 में खिताब जीत चुकी इंग्लैंड की टीम की कमान इस बार हैरी ब्रूक के हाथों में हैं, जो हाल ही में मैदान से ज्यादा मैदान के बाहर अपने व्यवहार के लिए चर्चा में रहे थे।
हैरी ब्रूक के हाथों में टीम की कमान
ब्रूक पिछले साल जोस बटलर की जगह सीमित ओवर प्रारूप में कप्तान बनने के बाद पहली बार किसी वैश्विक टूर्नामेंट में कमान संभाल रहे हैं। हालांकि अगर इंग्लैंड का 2022 टी-20 विश्व कप के बाद के प्रदर्शन को देखें तो 2023 वनडे विश्व कप में टीम ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई थी। इसके बाद 2024 के टी-20 विश्व कप में टीम सेमीफाइनल में हारी और उसके बाद पिछले साल चैंपियंस ट्राफी में टीम जल्द बाहर हो गई।
अगर टीम संयोजन की बात करें तो इंग्लैंड के पास बल्लेबाजी में बटलर, फिल साल्ट और बेन डकेट जैसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं। मध्यक्रम में ब्रूक और टाम बैंटन पलक झपकते ही गेम बदलने की काबिलियत रखते हैं, जबकि उभरते हुए टैलेंटेड जैकब बेथेल कई वर्सेटाइल आलराउंडर्स में से एक हैं। अगर कोई पोटेंशियल कमजोरी है, तो वह तेज गेंदबाजों में हो सकती है। मार्क वुड चोट की वजह से उपलब्ध नहीं हैं, जबकि जोफ्रा आर्च एशेज के दौरान साइड स्ट्रेन के बाद अभी-अभी लौटे हैं।
खबरें और भी
दो बार टी20 वर्ल्ड कप जीत चुकी है वेस्टइंडीज
वेस्टइंडीज की टीम भी कम नहीं वहीं अगर वेस्टइंडीज की बात करें तो टीम 2012 और 2016 में चैंपियन बन चुकी है और वह पहली टीम थी, जिसने दो बार ट्राफी जीती थी। इनमें से 2016 में वेस्टइंडीज की टीम इंग्लैंड को हराकर चैंपियन बनी थी और तब भी यह टूर्नामेंट भारत में ही खेला गया था।
वेस्टइंडीज की टीम की कमान इस बार शाई होप के हाथों में हैं। वेस्टइंडीज में अब अधिकतर खिलाड़ी टी-20 क्रिकेट को ही प्राथमिकता देते हैं और दुनियाभर की टी-20 लीग में खेलते हैं। टीम में कई खिलाड़ी हैं, जो आइपीएल में खेलते हैं और भारत की परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। हाल ही में उसके ज्यादातर खिलाड़ी हाल ही में एसए20 खेलकर आए हैं और शेर्फोन रदरफोर्ड तो जबरदस्त फार्म में चल रहे हैं। इस ग्रुप से इंग्लैंड के बाद अब वेस्टइंडीज का नाकआउट चरण में पहुंचने की संभावना सबसे अधिक हैं। वेस्टइंडीज अपने अभियान की शुरुआत सात फरवरी को कोलकाता में स्काटलैंड के विरुद्ध करेगी।
नेपाल की टीम शामिल
नेपाल लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने के बाद आठ फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले मैच के लिए वानखेड़े स्टेडियम में उतरेगा। नेपाल की टीम ऐसी है जिसे कभी बुनियादी ढांचे के लिए संघर्ष करना पड़ा था और इसलिए विश्व कप में उसकी भागीदारी को बड़ी छलांग के रूप में देखा जा रहा है।
जब रोहित पौडेल की अगुवाई वाली नेपाल की टीम मैदान पर उतरेगी तो उसे बड़ी संख्या में अपने प्रशंसकों का समर्थन मिलने की उम्मीद है। नेपाल के पास इटली और स्काटलैंड दोनों को हराने का अच्छा मौका है। अगर वे इंग्लैंड या वेस्टइंडीज में से किसी एक को हराने में कामयाब हो जाते हैं, तो वे अगले दौर में पहुंच जाएंगे।
चौंकाने उतरेंगे इटली और स्कॉटलैंड
ग्रुप की बाकी दो टीमों की बात करें तो इटली की टीम ने पहली बार टी-20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है और उसकी इस सफलता में आस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर जो बर्न्स का बड़ा हाथ रहा है। अभ्यास मैच में इटली ने कनाडा को 10 रन से हराया है और जब टूर्नामेंट का मुख्य चरण शुरू होगा तो टीम उलटफेर करने के इरादे से उतरेगी। वहीं स्कॉटलैंड ने भाग्य के सहारे विश्व कप में जगह बनाई है। बांग्लादेश के हटने पर उसे मौका भले ही मिला, लेकिन रिची बेरिग्टन की कप्तानी टीम अपने चयन को सही साबित करने उतरेगी।
सभी टीमों के स्क्वॉड
इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, टाम बेंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, सैम कुर्रन, लियाम डासन, बेन डकेट, विल जैक्स, जैमी ओवर्टन, आदिल रशीद, फिल साल्ट, जोश टंग, ल्यूक वुड।
वेस्टइंडीज: साई होप (कप्तान), शिमरन हेटमायर, जोसन चार्ल्स, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्डे, जेसन होल्डर, अकील हुसैन, शमार जोसेफ, ब्रेंडन ¨कग, गुडाकेश मोती, रोवमैन पावेल, शेरफान रदरफोर्ड, ¨क्वटन सैंपसन, जेडन सील्स, रोमारियो शेफर्ड।
स्काटलैंड: रिची बेरिग्टन (कप्तान), टाम ब्रूस, मैथ्यू क्रास, ब्रेडले करी, ओलिवर डेविडसन, क्रिस ग्रीव्स, जैनुल्लाह एहसान, माइकल जोंस, माइकल लीस्क, फिनले, मैक्क्रेथ, ब्रेंडन मैकमुलन, जार्ज मुंसे, साफयान शरीफ, मार्क वाट, ब्रेडली व्हील। जेस्पर डेविडसन, जैक्स जार्विस (रिजर्व).
नेपाल: रोहित पौडेल (कप्तान), दीपेंद्र ¨सह ऐरी, संदीप लामिछाने, कुशल भुर्तेल, आसिफ शेख, संदीप जोरा, आरिफ शेख, बशीर अहमद, सोमपाल कामी, करण केसी, नंदन यादव, गुलशन झा, ललित राजबंशी, शेर मल्ला, लोकेश बाम।
इटली: वेन मैडसन (कप्तान), मार्कस कैमपोपियानो, जियान पियरो मीडे, जैन अली, अली हसन, क्रिश्चन जार्ज, हैरी मनेंटी, एंथनी मोस्का, जस्टिन मोस्का, सैयद नकवी, बेंजामिन मनेंटी, जसप्रीत ¨सह, जेजे स्मट्स, ग्रांट स्टीवार्ट, थामस डार्का।
यह भी पढ़ें- भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में 'रन चेज' का बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, न्यूजीलैंड के 20 साल का राज आखिरकार खत्म!
यह भी पढ़ें- भारत से मैच न खेलने पर पाकिस्तान को ICC देगा बड़ा झटका, PCB को होगा भारी नुकसान