यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
T20 WC Knock Out Match: जब जीत की दहलीज पर खड़ा था PAK, 'मिस्टर क्रिकेट' ने पलटी बाजी; ऑस्ट्रेलिया को दिलाया था फाइनल का टिकट
साल 2010 के टी20 वर्ल्ड के दूसरे सेमीफाइनल में 2007 की उपविजेता पाकिस्तान के सामने ऑस्ट्रेलिया की चुनौती थी। ऑस्ट्रेलिया से 11 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच ...और पढ़ें

HighLights
- पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दिया था 192 रन का लक्ष्य
- ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट के नुकसान पर बनाए 197 रन
- माइकल हसी ने खेली 24 गेंद पर नाबाद 60 रन की पारी
उमेश कुमार, नई दिल्ली। T20 World cup Knock Out Match: क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। कई बार इसने यह साबित भी किया है। जब लगता है कि एक टीम जीत रही है तभी दूसरी टीम कुछ ऐसा कर जाती है कि फैंस के मुंह से बरबस ही निकल जाता है, 'क्या मैच है।' ऐसा ही एक मैच हुआ था साल 2010 के टी20 वर्ल्ड के दूसरे सेमीफाइनल में। 2007 की उपविजेता पाकिस्तान के सामने ऑस्ट्रेलिया (2010 T20 WC 2nd Semifinal AUS vs PAK) की चुनौती थी।
इस मैच में वो हुआ जो किसी ने अंदाजा भी नहीं लगाया था। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पाकिस्तान की तरफ से ओपनिंग करने आए सलमान बट और कामरान अकमल ने ताबतोड़ बल्लेबाजी की। 6.5 ओवर में दोनों ने टीम का स्कोर 50 के पार पहुंच दिया था। कामरान अकमल ने तेज खेलते हुए 32 में 50 रन जड़ दिए। अकमल के रूप में टीम को पहला झटका 82 के स्कोर पर लगा।
उमर अकमल की तूफानी पारी
अकमल के आउट होते ही टीम के स्कोर में 7 रन और जुड़े ही थे कि सलमान बट भी पवेलियन लौट गए। दो विकेट जल्द गिरने के बाद लगा ऑस्ट्रेलिया ने वापसी कर ली है, लेकिन एक छोर पर खड़े उमर अकमल ने तूफानी पारी खेली। अकमल ने नाबाद रहते हुए 35 गेंद पर 56 रन बनाए और टीम का स्कोर 191 रन तक पहुंचा दिया।

मोहम्मद आमिर ने बरपाया कहर
192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कंगारू टीम को पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने दो बड़े झटके दिए। डेविड वॉर्नर अपना खाता तक नहीं खोल पाए और शेन वॉटसन मात्र 16 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। टीम की मुश्किले तब और बढ़ गईं, जब ब्रैड हैडिन 25 रन और माइकल क्लार्क 17 रन बनाकर आउट हो गए। ऑस्ट्रेलिया 12.3 ओवर में 105/5 मैच में खुद को जिंदा रखने के लिए संघर्ष कर रही थी।
खबरें और भी
कैमरून व्हाइट ने संभाली पारी
पाकिस्तान ने मैच पर पूरी तरह से पकड़ बना ली थी, लेकिन उसे नहीं पात था कि उसका फाइनल में पहुंचने का सपना टूटने वाला था। क्रीज पर पहले से मौजूद कैमरून व्हाइट का साथ देने मैदान पर आए माइकल हसी ने ऑस्ट्रेलिया के लिए नई इबारत लिखने का एलान कर दिया। ऑस्ट्रेलिया को आखिरी के पांच ओवरों में जीत के लिए 70 रन बनाने थे। इसी समय आमिर ने व्हाइट का विकेट निकाल कर ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका दिया, लेकिन हसी का बल्ला एक छोर से रन बनाता रहा।

हसी ने तोड़ा पाकिस्तान का सपना
दो ओवर में कंगारू टीम को 34 रन चाहिए थे। 19वें ओवर में आमिर को हसी ने दो चौके लगाए। साथ ही चार मुश्किल भरे दो-दो रन भी लिए। आमिर के ओवर में 16 रन बने। आखिरी ओवर में 18 की जरूरत थी। कप्तान शाहिद अफरीदी ने गेंद शाईद अजमल को थमाई। पहली गेंद पर मिचेल जॉनसन ने एक रन लेकर हसी को स्ट्राइक दे दी। इसके बाद जो हुआ वो इतिहास बन गया। हसी ने चार गेंद में तीन छक्के और एक चौके के साथ 22 रन लिए और टीम को एक गेंद शेष रहते 197 रन बनाकर आश्चर्यजनक जीत के साथ फाइनल का टिकट दिला दिया। हसी ने 24 गेंद पर नाबाद 60 रन की तूफानी पारी खेली।