यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारतीय गेंदबाजों के लिए पुछल्ले बल्लेबाज बने सिर दर्द, विश्व विजेता बनने के लिए गेंदबाजों को करना होगा यह काम
भारतीय गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि विपक्षी टीम को शुरुआती झटके देने के बाद मध्यमक्रम और निचलेक्रम के बल्लेबाजों को जल्दी समटने में गेंद ...और पढ़ें

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका (India VS South Africa) को आठ विकेट से हरा दिया है। ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम तिरुवनंतपुरम में खेले गए इस मैच में भारतीय तेज गेंदबाजों ने स्विंग के जरिए साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों को पेरशान किया। दीपक चाहर और अर्शदीप सिंह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका के 5 बल्लेबाजों को शुरुआत में ही सिर्फ 9 रनों के कुल स्कोर पर पवेलियन लौटा दिया।
इस मैच में अर्शदीप सिंह ने एक ही ओवर में साउथ अफ्रीका के तीन बल्लेबाजों को आउट कर दिया। अर्शदीप सिंह ने अपने पहले ही ओवर में सबसे पहले साउथ अफ्रीकी टीम के सलामी बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक को बोल्ड किया। इसी ओवर में उन्होंने 5वीं गेंद पर राइली रुसो को और छठी गेंद पर डेविड मिलर को आउट किया।

साउथ अफ्रीका के पुछल्ले बल्लेबाज को जल्द आउट करने में भारतीय गेंदबाज रहे नाकाम
साउथ अफ्रीका की आधी पारी महज 9 रनों पर सिमट चुकी थी लेकिन वेन पार्नेल ने और केशव महाराज ने साउथ अफ्रीकी पारी को संभाल लिया। केशव महाराज ने 35 गेंदों पर 41 रन की पारी खेली। वहीं, वेन पार्नेल ने 37 गेंदों पर 24 रन बनाया। गौरतलब है कि इस मैच में भारतीय गेंदबाज विपक्षी टीम को ऑलआउट करने में नाकाम रहे।
दरअसल विपक्षी टीम को शुरुआती झटके देने के बाद मध्यमक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों को जल्दी समटने में भारतीय गेंदबाज नाकाम साबित हो रहे हैं। इस मैच में पहले ही ओवर में अर्शदीप सिंह ने तीन विकेट हासिल कर लिए थे लेकिन साउथ अफ्रीका की पारी समाप्त होते-होते अर्शदीप ने तीन विकेट लेते हुए 32 रन लुटा दिए।
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अफगानिस्तान के खिलाफ भी निचले क्रम के बल्लेबाजों ने किया था परेशान
एशिया कप में भी भारतीय तेज गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को पावरप्ले में पांच विकेट पर 21 और सात विकेट पर 54 रन पर समेट दिया,लेकिन मुजीब उर रहमान को आउट करने में भारतीय गेंदबाजों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मुजीब ने अफगानिस्तान की पारी को संभाला और 111 रनों पर अफगानिस्तान की पारी समाप्त हुई। हालांकि इस बात में कोई दो राय नहीं है कि पारी की शुरुआत में बल्लेबाजी करने हमेशा कठिन रहता है और मैच जैसे-जैसे आगे बढ़ता है पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल होता जाता है।
इस समय भारतीय टीम की निगाह टी-20 विश्वकप पर है। जरूरी है कि भारतीय गेंदबाज हर मैच में आक्रमक दिखे और शूरुआती विकेट हासिल करने के बाद विपक्षी टीम को वापस मैच में आने का मौका न दें।
भारतीय थिंक-टैंक को गेंदबाजी की इस परेशानी पर सोचने की जरूरत है। विपक्षी टीमों के पुछल्ले बल्लेबाजों को जल्द आउट करने के लिए भारतीय तेज गेंदबाजों को रणनीति बनाने कि आवश्यकता है।