मैदान पर जीत, मंच पर तनातनी? अगर टीम इंडिया ने जीता एशिया कप, तो PCB चीफ मोहसिन नकवी को लेकर फंस सकता है पेंच
अगले हफ्ते दुबई में होने वाले विमंस एशिया कप 2026 में अगर भारत फाइनल में पहुंचता है, तो BCCI के लिए प्रेजेंटेशन सेरेमनी में एक अजीब स्थिति पैदा हो सकती है।
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मोहसिन नकवी

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। अगले हफ्ते दुबई में होने वाले विमंस एशिया कप 2026 में अगर भारत फाइनल में पहुंचता है, तो BCCI के लिए प्रेजेंटेशन सेरेमनी में एक अजीब स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि पाकिस्तान के मोहसिन नकवी एशियन क्रिकेट काउंसिल के चीफ हैं, एक बार फिर ट्रॉफी देने के लिए मंच पर मौजूद हो सकते हैं।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद दोनों देशों के बीच हुई सैन्य तनातनी की वजह से भारतीय मेंस टीम ने नकवी के हाथों एशिया कप की ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। नकवी ट्रॉफी वापस ले गए थे और वह ट्रॉफी अब तक चैंपियन टीम को नहीं सौंपी गई है।
PCB चीफ हैं नकवी
नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख भी हैं और अपने देश के गृह मंत्री हैं। विमंस एशिया कप 28 अगस्त से 13 सितंबर तक खेला जाएगा। भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है। लीग स्टेज में उनका मुकाबला 5 सितंबर को होना है।
मेंस एशिया कप के उलट महिलाओं के टूर्नामेंट में फाइनल से पहले भारत-पाकिस्तान के बीच कई बार मुकाबले होने की संभावना नहीं है। ग्रुप स्टेज के बाद दोनों टीमें तभी दोबारा आमने-सामने हो सकती हैं जब वे फाइनल में पहुंचें। ऐसी स्थिति में ट्रॉफी प्रेजेंटेशन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा का विषय बन सकता है।
प्रेजेंटेशन स्टेज पर क्या होगा
सवाल यह उठता है कि अगर हरमनप्रीत कौर की टीम महिला एशिया कप जीतती है और नकवी प्रेजेंटेशन स्टेज पर मौजूद होते हैं, तो क्या होगा? क्या भारतीय महिला टीम सूर्यकुमार यादव और उनके साथियों की मिसाल को मानते हुए नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से मना कर देगी? ऐसी स्थिति में BCCI का क्या रुख होगा, यह पता नहीं है। अगर भारत चैंपियन बनता है तो प्रेजेंटेशन सेरेमनी कुछ अलग तरह की हो सकती है।
बोर्ड का रुख साफ है कि दोनों टीमों के बीच कोई औपचारिक बातचीत या शिष्टाचार का आदान-प्रदान नहीं होगा। प्रेजेंटेशन सेरेमनी को लेकर बोर्ड 'इंतजार करो और देखो' वाली नीति अपनाएगा। पिछले साल हुए विवाद को दोबारा होने से रोकने का एक तरीका यह हो सकता है कि नकवी ट्रॉफी न सौंपें, बल्कि ACC का कोई दूसरा अधिकारी यह काम करे।
भारत के नकवी से मेंस की ट्रॉफी लेने से इनकार करने के बाद, ACC प्रमुख ने कहा कि टीम ACC ऑफिस में उनसे ट्रॉफी ले सकती है। इस गतिरोध को खत्म करने की भी कोशिश की गई है। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने ICC की एक मीटिंग के दौरान नकवी से मुलाकात की।
सैकिया ने कहा था कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता खुल गया है, हालांकि उस समय तक ट्रॉफी का मुद्दा अनसुलझा ही रहा। इसके बाद नकवी ने कहा कि भारत को उनसे ही ट्रॉफी लेनी होगी, जिससे टूर्नामेंट खत्म होने के बाद भी यह मुद्दा बना रहा।
