यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ब्रेस्ट कैंसर को लेकर जागरूक करना Yuvraj Singh को पड़ गया भारी, विवादित पोस्टर पर मचा घमासान
युवराज सिंह के यूवीकैन फाउंडेशन ने हाल ही में ब्रेस्ट कैंसर को लेकर एक जागरूकता पोस्टर जारी किया है। अब इस पोस्टर को लेकर युवराज सिंह की आलोचना हो रही ...और पढ़ें

HighLights
- यूवीकैन फाउंडेशन ने शेयर किया है विवादित पोस्टर
- युवराज सिंह को हो रही आचोलना
- ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक करने का बनाया गया है पोस्टर
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। स्तन कैंसर (Breast Cancer) को लेकर जागरूकता अभियान से जुड़ना पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह को भारी पड़ गया है। ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक करने के लिए युवराज के यूवीकैन फाउंडेशन ने एक पोस्टर तैयार किया है। इसमें महिलाओं के स्तन को 'संतरे' के रूप में परिभाषित किया गया है। अब जागरूकता पोस्टर में यूज किए गए विवादित शब्द पर फैंस युवराज सिंह की आलोचना कर रहे हैं।
यूवीकैन फाउंडेशन के एक क्रिएटिव पोस्टर में लिखा गया है कि 'हर महीने एक बार अपने 'संतरे' चेक करें। इस विज्ञापन का उद्देश्य यह संदेश फैलाना है कि ब्रेस्ट कैंसर का समय पर पता लग जाने से जान बच सकती है। पोस्टर में एक महिला को बस में खड़े दिखाया गया है, जिसके हाथ में दो संतरे हैं, जबकि कई बुजुर्ग महिलाएं बैठी हुई हैं। बुजुर्ग महिलाओं में से एक के पास संतरे का एक डिब्बा है। अब इस पोस्टर पर बवाल मचा हुई है।
How will a country raise Breast Cancer Awareness is we can’t even call breasts what they are. Saw this at Delhi Metro and like what the hell? Check your oranges? Who makes these campaigns, who approves them? Are we governed by such dumb people that they let this poster become… pic.twitter.com/YAZ5WYSxXf
— Confusedicius (@Erroristotle) October 22, 2024
गलत शब्द पर भड़के यूजर
इसे लेकर एक सोशल मीडिया यूजर ने दिल्ली मेट्रो के कोच के अंदर चिपकाए गए पोस्टर की तस्वीर शेयर करते हुए आलोचना की है। यूजर ने पोस्टर और शब्दों के गलत इस्तेमाल के लिए युवराज सिंह के संगठन के साथ-साथ दिल्ली मेट्रो की भी आलोचना की है। यूजर ने दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों से इस पोस्टर को जल्द से जल्द हटाने की अपील की है। साथ ही युवराज सिंह को भी टैग करते हुए उनसे इस पोस्टर को हटाने का आग्रह किया।
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पोस्टर हटाने की उठी मांग
यूजर ने लिखा कहा, अगर हम स्तन को उसके वास्तविक नाम से भी नहीं पुकार सकते तो देश में ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जागरूकता कैसे बढ़ेगी। दिल्ली मेट्रो में यह देखने के बाद सोचने को मजबूर होना पड़ा कि यह क्या है? अपने 'संतरे' चेक करो? कौन इस तरह के पोस्टरों को बनाता है, कौन इन्हें मंजूरी देता है? कैसे इन पोस्टर को सार्वजनिक होने दिया गया?
युवराज सिंह ने लड़ी है कैंसर से जंग
बता दें कि 42 साल के युवराज सिंह को वनडे वर्ल्ड कप 2011 के दौरान फेफड़ों के कैंसर के एक दुर्लभ रूप, मीडियास्टिनल सेमिनोमा का पता चला था। वनडे वर्ल्ड कप के दौरान उन्हें खून की उल्टियां करते हुए भी देखा गया था। इसके बाद उन्होंने अमेरिका में कई कीमोथेरेपी सेशन से गुजरते हुए इलाज करवाया। मार्च 2012 में युवराज सिंह ने कैंसर से जंग जीत ली। इसके बाद उन्होंने यूवीकैन फाउंडेशन की स्थापना की, जो कैंसर से पीड़ित लोगों की मदद और जागरूक करने का काम करती है।