यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sachin Tendulkar ने दिलाई पुराने समय की याद तो Yuvraj Singh ने खेली तेजतर्रार पारी, इंडिया मास्टर्स ने लगातार दूसरा मैच जीता
सचिन तेंदुलकर के नेतृत्व वाली इंडिया मास्टर्स का इंटरनेशनल मास्टर्स लीग 2025 में शानदार प्रदर्शन जारी है। इंडिया मास्टर्स ने इंग्लैंड मास्टर्स क ...और पढ़ें

HighLights
- इंडिया मास्टर्स ने इंग्लैंड मास्टर्स को 9 विकेट से मात दी
- इंडिया मास्टर्स ने आईएमएल 2025 में लगातार दूसरी जीत दर्ज की
- सचिन तेंदुलकर, गुरकीरत सिंह मान और युवराज सिंह ने खेली शानदार पारियां
स्पोर्ट्स डेस्क, नवी मुंबई। डीवाई पाटिल स्टेडियम की दूधिया रोशनी में जब पुराने क्रिकेट सितारे एकत्रित हुए तो कौशल और रणनीति के साथ-साथ क्रिकेट की यादों की जंग देखने को मिली। मंगलवार को हुई इस जंग में इंडिया मास्टर्स ने अपने ऑलराउंड खेल की बदौलत इंग्लैंड मास्टर्स को 9 विकेट से हराकर इंटरनेशनल मास्टर्स लीग 2025 में लगातार दूसरी जीत का स्वाद चखा।
तेंदुलकर ने यादें ताजा की
भारत ने रनों के लक्ष्य का पीछा करना शुरू किया और इसकी शुरुआत लिटिल मास्टर सचिन तेंदुलकर ने शानदार पारी के साथ की। सचिन ने 21 गेंदों पर 34 रन की पारी में पांच चौके और एक छक्का लगाया। उन्होंने गुरकीरत सिंह मान के साथ मात्र 7 ओवर में 75 रनों की ओपनिंग साझेदारी की। मान ने भी आक्रामक अंदाज में 35 गेंदों पर नाबाद 63 रन बनाए, जो उनका लगातार दूसरा अर्धशतक है।
क्रिस स्कोफील्ड की गेंद पर टिम एम्ब्रोस द्वारा कैच किए जाने के बाद सचिन के पवेलियन लौटने के बाद स्टेडियम में उत्साह का माहौल कुछ देर के लिए थम गया, और कुछ ही देर पहले जोश में नजर आ रहे दर्शकों के बीच सन्नाटा छा गया।
युवराज सिंह ने बदल दिया माहौल
हालांकि, खतरनाक अंदाज़ में दिख रहे युवराज सिंह के आने से माहौल फिर से बदल गया, क्योंकि उन्होंने इंग्लिश लेग स्पिनर की दूसरी गेंद पर मिडविकेट पर एक बड़ा छक्का लगाकर दर्शकों को फिर से खुश कर दिया। बाएं हाथ का यह खिलाड़ी मैच को खत्म करने की जल्दी में था। उन्होंने 14 गेंदों पर नाबाद 27 रन बनाए और गुरकीरत के साथ 57 रनों की अविजित साझेदारी करके इंडिया मास्टर्स को सिर्फ 11.4 ओवर में जीत दिलाई।
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सचिन तेंदुलकर का सटीक फैसला
इससे पहले, आईएमएल के पहले संस्करण के तीसरे मैच में सचिन तेंदुलकर की कप्तानी वाली इंडिया मास्टर्स ने टॉस जीतकर इयोन मोर्गन की इंग्लैंड मास्टर्स को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।
मेजबान टीम के लिए यह फैसला तब कारगर साबित हुआ जब अभिमन्यु मिथुन ने तीसरे ओवर में स्टंपर फिल मस्टर्ड (8) का विकेट लिया और फिर धवल कुलकर्णी ने मॉर्गन को 13 गेंदों पर 14 रन पर आउट करके मेहमान टीम को पावरप्ले के अंदर परेशानी में डाल दिया।
नेगी ने दिए जोरदार झटके
शुरुआती जोड़ी के जल्दी आउट होने के बाद टिम एम्ब्रोस और डैरेन मैडी ने पारी की कमान संभाली और दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी की। इसके बाद हालांकि बाएं हाथ के स्पिनर पवन नेगी ने दो ओवर के अंतराल में दो विकेट चटकाए और भारत को मुकाबले में आगे बनाये रखा।
एम्ब्रोस ने 22 गेंदों पर 23 रन बनाए, जबकि मैडी ने 24 गेंदों पर 25 रन बनाए। टिम ब्रेसनन ने 19 गेंदों में 16 रन की पारी के दौरान दो चौके लगाए, लेकिन कुलकर्णी ने उन्हें आउट कर दिया।
भारतीय गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड का सरेंडर
89 रन पर आधी टीम के डगआउट में लौटने के बाद, इंग्लैंड को अंतिम क्रम के बल्लेबाजों से अच्छी पारियों की जरूरत थी, लेकिन भारत के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण ने कोई मौका नहीं दिया। विनय कुमार ने खतरनाक दिमित्री मास्करेनहास को सस्ते में आउट कर दिया।
इसके बाद मिथुन और कुलकर्णी ने क्रिस ट्रेमलेट को आउट किया। क्रिस ने 16 रन बनाये। धवल ने फिर स्टीवन फिन (1) को भी सस्ते में आउट कर दिया। अंत में, क्रिस स्कोफील्ड ने 8 गेंदों में नाबाद 18 रन बनाकर मेहमान टीम को जरूरी बढ़त दिलाई।
भारत के लिए, धवल कुलकर्णी ने 3/21 के प्रभावशाली आंकड़े के साथ गेंदबाजों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि अभिमन्यु मिथुन और पवन नेगी ने दो-दो विकेट लिए। विनय कुमार ने मेजबान टीम के लिए एक विकेट लिया।
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