T20 World Cup 2026: सूर्यकुमार यादव की अगुआई में इतिहास बदलने को बेताब भारतीय टीम
टी-20 विश्व कप 2026 की उलटी गिनती शुरू हो गई है। सूर्यकुमार यादव की अगुआई में भारतीय टीम खिताब की प्रबल दावेदार है और घरेलू धरती पर इतिहास रचने को बेत ...और पढ़ें


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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली: टी-20 विश्व कप 2026 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और शनिवार को कोलंबो में पाकिस्तान और नीदरलैंड्स की भिड़ंत के साथ क्रिकेट का महाकुंभ शुरू हो जाएगा। 20 टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया है, जिसमें भारत को पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, नामीबिया और अमेरिका के साथ ग्रुप ए में रखा गया है।
सूर्यकुमार यादव की अगुआई में भारतीय टीम खिताब की सबसे बड़ी दावेदार है और इस बार ये टीम इतिहास बदलने और इतिहास रचने के लिए बेताब है। हाल ही में न्यूजीलैंड जैसी टीम को पांच मैचों की सीरीज में 4-1 से रौंदने वाली भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत शनिवार को ही अमेरिका के विरुद्ध करेगी।
पहले कभी नहीं हुआ ऐसा
भारतीय टीम 2007 में महेंद्र सिंह धोनी और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में टी-20 विश्व कप ट्रॉफी जीत चुकी है और इस बार वह घर पर तीसरी बार ये ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचने उतरेगी। हालांकि अगर टी-20 विश्व कप का इतिहास देखें तो आज तक कोई भी टीम अपने घर पर टी-20 विश्व कप खिताब नहीं जीत सकी है और न ही कोई टीम लगातार दो बार ट्रॉफी जीत पाई है।
हालांकि, भारत के अलावा वेस्टइंडीज और इंग्लैंड ने दो-दो बार ये ट्रॉफी जीती है, लेकिन इस बार भारतीय टीम के तेवर और फॉर्म को देखते हुए लगता है कि इस बार ये टीम इतिहास बदलने को बेताब है। न्यूजीलैंड के विरुद्ध जिस तरह से भारतीय टीम ने प्रदर्शन किया, उसे देखकर ये विश्वास पक्का होता है कि इस प्रारूप में फिलहाल भारतीय टीम के टक्कर में कोई टीम नहीं दिखती है।
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घरेलू परिस्थिति में सबसे खतरनाक
इसके साथ ही घरेलू परिस्थितियों में ये टीम बहुत ही खतरनाक दिख रही है। अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव ने न्यूजीलैंड के विरुद्ध जिस तरह से विस्फोटक बल्लेबाजी की वो विपक्षी गेंदबाजों में खौफ भरने के लिए काफी है। फिर मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे जैसे हार्डहिटर ऑलराउंडर हैं। इसके साथ ही फिनिशर में इस बार रिंकू सिंह भी टीम में हैं।
ईशान ने न्यूजीलैंड के विरुद्ध चार मैचों में 231.18 के स्ट्राइक रेट से 215 रन बनाए। सूर्य ने सीरीज में सबसे ज्यादा 242 रन बनाए। यह रन उन्होंने 196.74 के स्ट्राइक रेट से बनाए, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं। वहीं गेंदबाजी की बात करें तो न्यूजीलैंड के विरुद्ध सीरीज में अर्शदीप सिंह ने सीरीज में आठ विकेट लिए जो सपाट पिचों और छोटी बाउंड्री वाले मैदानों पर कोई मामूली उपलब्धि नहीं है। जसप्रीत बुमराह के लिए यह अच्छा दिन नहीं था और उन्होंने चार ओवर में 58 रन लुटाए, लेकिन अर्शदीप में पांच विकेट लेकर दिखा दिया कि वह अब टीम के मुख्य तेज गेंदबाज का सच्चा साथी बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
पाकिस्तान को बहिष्कार करना पड़ सकता है महंगा
2009 में खिताब जीत चुकी पाकिस्तानी टीम ने भारत के विरुद्ध 15 फरवरी को होने वाले मैच का बहिष्कार करने का फैसला किया है, लेकिन यह उस पर उलटा भी पड़ सकता है। अगर पाकिस्तानी टीम नहीं खेलती है तो वॉकओवर के चलते भारत को पूरे तीन अंक मिलेंगे और नॉकआउट में उसका दावा मजबूत होगा। वहीं पाकिस्तान की टीम का प्रदर्शन बड़े टूर्नामेंट में बेहद खराब रहा है। 2024 में अमेरिका-वेस्टइंडीज में खेले गए टी-20 विश्व कप में उसे अमेरिका की टीम से हरा दिया था, जिससे उसे ग्रुप चरण से ही बाहर होना पड़ गया था। इस बार ग्रुप में अमेरिकी टीम भी शामिल है, जो पिछले संस्करण में सुपर-8 में पहुंची थी।
एशियाई मूल के खिलाडि़यों पर टिकीं अमेरिकी उम्मीदें
अमेरिकी टीम की कप्तानी भारतीय मूल के मोनांक पटेल करेंगे और इस बार भी टीम में भारत, पाकिस्तान और श्रीलंकाई मूल के 10 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पिछले टी-20 विश्व कप में भी खेले थे। इन्हीं खिलाड़ियों के दम पर अमेरिकी टीम एक बार फिर उलटफेर करने की उम्मीद कर रही है। टीम चयन में सबसे बड़ा झटका आरोन जोंस के बाहर होने के रूप में लगा है, जिन्हें आईसीसी ने कथित मैच फिक्सिंग के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया है।
नामीबिया और नीदरलैंड्स भी देंगे चुनौती
ग्रुप में नीदरलैंड्स और नामीबिया की टीमें भी हैं, जिनके पास टी-20 विश्व कप में खेलने का अनुभव है। हालांकि इन टीमों से किसी बड़े उलटफेर की उम्मीद करना बेमानी होगी, लेकिन क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और अपना दिन होने पर कोई भी टीम बड़ी टीम को हरा सकती है। नीदरलैंड्स की कप्तानी स्कॉट एडवर्ड कर रहे हैं और नामीबिया की कमान गेरहार्ड इरासमस के हाथ में हैं।
ग्रुप ए : भारत, पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, अमेरिका, नामीबिया
भारत : सूर्युकमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, ईशान किशन, हार्दिक पांड्या, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रिंकू सिंह।
पाकिस्तान : सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमां, ख्वाजा मोहम्मद नफे, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान, सैम अयूब, शाहीन शाह अफरीदी, शादाब खान, उस्मान खान, उस्मान तारिक।
अमेरिका : मोनांक पटेल (कप्तान) जेसी सिंह, एंड्रीस गौस, शेहान जयसूर्या, मिलिंद कुमार, शायन जहांगीर , साईतेजा मुक्कामाला, संजय कृष्णमूर्ति, हरमीत सिंह, नोस्तुष केंजीगे, शैडली वैन शल्कविक, सौरभ नेत्रवलकर, अली खान, मोहम्मद मोहसिन, शुभम रंजन।
नीदरलैंड्स : स्कॉट एडवर्ड्स (कप्तान), कोलिन एकरमैन, नोह क्रोस, बास डि लीडे, आर्यन दत्त, फ्रेड क्लासेन, काइल क्लेन, माइकल लेविट, जाक लायन कैश, मैक्स ओडाड, लोगन वैन बीक, टिम वैन डर गुगटेन, रोल्फ वैन डर मर्व, पाल वैन मैकरीन, साकिब जुल्फीकार।
नामीबिया: गेहार्ड इरासमस (कप्तान), जैन ग्रीन, बर्नार्ड शोल्ज, रुबेन ट्रम्पलमैन, जेजे स्मिट, लौर स्टीनकैंप, मलान क्रूगर, निकोल लोफ्टी इटोन, जैक ब्रासेल, बेन शिकोंगो, जेसी बाल्ट, डायलन लीचर, मैक्स हेनिंगो।
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