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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi News: दिल्ली लेकर न आएं उम्र पूरी कर चुके वाहन, नहीं तो वाहनों को जब्त कर स्क्रैप में भेज दिया जाएगा

    By Jagran News NetworkEdited By: Jeet Kumar
    Updated: Sat, 21 Jun 2025 05:53 AM (IST)

    दिल्ली में डीजल वाहनों के लिए 10 वर्ष और पेट्रोल वाहनों की 15 वर्ष उम्र निर्धारित की गई है। आगामी एक जुलाई से उम्र पूरी कर चुके किसी भी राज्य में पंजी ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. डीजल वाहनों के लिए 10 वर्ष और पेट्रोल वाहनों की 15 वर्ष उम्र निर्धारित

    2. एक जुलाई से नहीं मिलेगा ईंधन, जब्त हो सकती है गाड़ी

    3. पेट्रोल पंपों पर लगे एएनपीआर कैमरे सेंट्रल डेटा बेस से जुड़ेंगे

    राज्य ब्यूरो, जागरण, नई दिल्ली। आगामी एक जुलाई से उम्र पूरी कर चुके किसी भी राज्य में पंजीकृत वाहन (ईओएल) को दिल्ली में ईंधन नहीं दिया जाएगा। इतना ही नहीं, इन वाहनों को जब्त कर स्क्रैप के लिए भेजा जाएगा।

    डीजल वाहनों के लिए 10 वर्ष और पेट्रोल वाहनों की 15 वर्ष उम्र निर्धारित


    डीजल वाहनों के लिए 10 वर्ष और पेट्रोल वाहनों की 15 वर्ष उम्र निर्धारित की गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को यह आदेश जारी किया। आयोग ने अप्रैल में ही पेट्रोल पंपों को इस आशय के निर्देश दे दिए थे।

    इसके अनुपालन के लिए दिल्ली के 520 पेट्रोल पंपों में से 500 पर ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकाग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जा चुके हैं, और शेष पर 30 जून तक काम पूरा कर लिया जाएगा।

    15 साल (पेट्रोल) पुराने वाहनों की पहचान करेंगे कैमरे


    ये कैमरे 10 साल (डीजल) और 15 साल (पेट्रोल) पुराने वाहनों की पहचान करेंगे। ट्रैफिक और परिवहन विभाग के अधिकारियों से युक्त कमांड सेंटर और प्रवर्तन टीमों को भी अलर्ट किया जाएगा, जो वाहनों को जब्त करेंगी।

    इस व्यवस्था को एक नवंबर से गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और सोनीपत जैसे उच्च वाहन घनत्व वाले जिलों में लागू किया जाएगा। इन जिलों में एएनपीआर कैमरे लगाने का कार्य 31 अक्टूबर तक पूरा होगा।

    ईओएल वाहनों के लिए ईंधन देने से मनाही


    एनसीआर के शेष जिलों में कैमरे लगाने के लिए 31 मार्च, 2026 तक का समय दिया गया है, जबकि ईओएल वाहनों के लिए ईंधन देने से मनाही 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी।

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    सीएक्यूएम के सदस्य (तकनीकी) वीरेंद्र शर्मा ने प्रेस वार्ता में कहा कि केवल दिल्ली में पंजीकृत ईओएल वाहनों की पहचान नहीं की जाएगी, बल्कि एनसीआर के बाहर पंजीकृत वाहन भी शामिल होंगे।

    100 प्रवर्तन टीमें गठित की गई


    उन्होंने कहा कि भारत में कहीं भी पंजीकृत ईओएल बसों का पता लगाया जाएगा। 100 प्रवर्तन टीमें गठित की गई हैं, जो कानून के उल्लंघन करने वाले ईंधन स्टेशनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगी। दिल्ली में 62 लाख ईओएल वाहन हैं, जिनमें से 41 लाख दोपहिया हैं। एनसीआर में ईओएल वाहनों की संख्या लगभग 44 लाख है।