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    दिल्ली में नकली एमआरएफ और सिएट टायर ट्यूब गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत छह गिरफ्तार

    Updated: Wed, 20 May 2026 05:06 AM (GMT+05:30)

    दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एमआरएफ और सिएट के नाम पर नकली ऑटोमोबाइल ट्यूब बेचने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में सरगना सहित छह आर ...और पढ़ें

    नकली ऑटोमोबाइल ट्यूब बेचने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़।

    नकली ऑटोमोबाइल ट्यूब बेचने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़।

    HighLights

    1. नकली एमआरएफ, सिएट ट्यूब बेचने वाला गिरोह पकड़ा गया।

    2. सरगना सहित छह आरोपी दिल्ली में गिरफ्तार किए गए।

    3. भारी मात्रा में नकली ट्यूब, पैकिंग सामग्री बरामद हुई।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एमआरएफ और सिएट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर नकली आटोमोबाइल ट्यूब बनाकर मार्केट में बेचने संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर क्राइम ब्रांच ने सरगना समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह घटिया गुणवत्ता वाले ट्यूब बेचकर ग्राहकों को धोखा दे रहा था और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डाल रहा था।

    इनके कब्जे से भारी मात्रा में नकली एमआरएफ ट्यूब और नकली ब्रांडेड पैकिंग सामग्री बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान किंग्सवे कैंप के गगनदीप सिंह उर्फ गगन कालरा, रायबरेली के मोहम्मद जाकिर, प्रताब बाग के दीपक गुप्ता, विनायक गुप्ता, हरि नगर के मनमीत सिंह और शक्ति नगर के दिनेश गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस इनसे पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है।

    क्राइम ब्रांच के उपायुक्त पंकज कुमार के मुताबिक, सब इंस्पेक्टर संजय त्यागी को गुप्त सूचना मिली थी कि एसपी मुखर्जी मार्ग स्थित नोवेल्टी टायर मार्केट में एमआरएफ और सिएट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के ट्रेडमार्क वाले नकली आटोमोबाइल ट्यूबों के अवैध निर्माण, भंडारण और बिक्री हो रही है। सूचना पर एसीपी सुनील श्रीवास्तव की देखरेख में और इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई।

    इसके बाद 16 मई की देर रात इन प्रतिष्ठित कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ टीम ने छापेमारी करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में नकली एमआरएफ ट्यूब, नकली प्रिंट वाले पाली पाउच, सादे रबर ट्यूब, हाथ से स्टैंप लगाने के उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद कीं। एमआरएफ और सिएट के प्रतिनिधियों ने बरामद उत्पादों को नकली करार दिया।

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    छापेमारी के दौरान बरामद किया गया नकली सामान

    छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने लगभग 1,450 नकली एमआरएफ ट्यूब, लगभग 1,072 नकली एमआरएफ प्रिंट वाले पाली पाउच, सौ सादे रबर ट्यूब, एक हैंड स्टैंपिंग मशीन और एसपी मुखर्जी मार्ग पर स्थित अलग-अलग दुकानों व गोदामों से नकली ट्यूबों का अतिरिक्त स्टाक बरामद किया गया।

    नकद में होता था लेनदेन

    पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे एसपी मुखर्जी मार्ग स्थित टायर बाजार क्षेत्र में नकली एमआरएफ ट्यूब और पैकिंग सामग्री के निर्माण, पैकेजिंग, भंडारण और बिक्री में शामिल थे। आरोपित गगनदीप अपने कर्मचारी जाकिर के साथ मिलकर, सादे रबर ट्यूबों पर हैंड स्टैंप व डाई मशीनों के जरिए नकली एमआरएफ निशान लगाकर नकली ट्यूब तैयार करता था और उसके बाद उन्हें नकली प्रिंट वाले पाली पाउच में पैक कर देता था।

    आरोपितों ने आगे बताया कि नकली ट्यूब और पैकिंग का सामान नोवेल्टी टायर मार्केट में काम करने वाले अलग-अलग दुकानदारों और विक्रेताओं को सप्लाई किया जाता था। नकली ट्यूबों की सप्लाई और खरीद से जुड़े अधिकतर लेन-देन नकद में किए जाते थे।

    सरगना से नकली सामान खरीदकर दुकाने से बेचते थे आरोपित

    इस गिरोह का सरगना गगनदीप अपने कर्मचारी जाकिर के साथ मिलकर नकली सामान तैयार कराता था। इसके बाद विनायक गुप्ता, दीपक गुप्ता, दिनेश गुप्ता और मनमीत सिंह उनसे भारी मात्रा में नकली ट्यूब और पैकिंग का सामान खरीदते थे और अपनी-अपनी दुकानों व गोदामों में स्टोर कर उन्हें बेचते थे।

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