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    राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध: सात विदेशी नागरिक 30 दिन की न्यायिक हिरासत में, उग्रवादियों से संबंध होने के आरोप

    Updated: Mon, 06 Apr 2026 07:12 PM (IST)

    सात विदेशी नागरिकों, जिनमें छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी शामिल हैं, को राष्ट्रीय सुरक्षा मामले में 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इन पर भारत क ...और पढ़ें

    राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले में सात विदेशी नागरिकों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

    राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले में सात विदेशी नागरिकों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

    HighLights

    1. सात विदेशी नागरिक 30 दिन की न्यायिक हिरासत में।

    2. प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध प्रवेश, उग्रवादी संबंधों के आरोप।

    3. राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला, यूएपीए के तहत।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले में सात विदेशी नागरिकों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपितों में छह यूक्रेनी नागरिक और एक अमेरिकी नागरिक शामिल है, जिन पर भारत के प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना अनुमति प्रवेश करने और उग्रवादी संगठनों से संबंध रखने के आरोप हैं।

    सभी आरोपितों को सोमवार को एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां एजेंसी की हिरासत अवधि पूरी होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की गई। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने एनआइए की दलीलों को स्वीकार करते हुए सभी आरोपितों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

    आरोपित पर्यटक वीजा पर आए भारत

    जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपित पर्यटक वीजा पर अलग-अलग समय में भारत आए और गुवाहाटी के रास्ते मिजोरम पहुंचे। यहां से बिना आवश्यक अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया गया। इसके बाद वे अवैध रूप से म्यांमार में दाखिल हुए।

    एनआइए का दावा है कि आरोपित म्यांमार में एथनिक आर्म्ड आर्गेनाइजेशंस (ईएओ) को पहले से तय कार्यक्रम के तहत ट्रेनिंग देने गए थे। इतना ही नहीं, उन पर भारत के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों को हथियार और अन्य सैन्य सामग्री उपलब्ध कराने तथा प्रशिक्षण देने का भी आरोप है।

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    मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के हितों से जुड़ा

    अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। प्रथम दृष्टया यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के हितों से जुड़ा है। अदालत ने माना कि आरोप गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 (षड्यंत्र) के तहत आते हैं।

    इससे पहले 16 मार्च को अदालत ने एनआइए को 11 दिन की हिरासत दी थी, जिसे बाद में 10 दिन और बढ़ाया गया था। अब मामले की आगे की जांच के बीच सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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