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    अदालती मामलों पर AAP-BJP में तीखी जुबानी जंग, केजरीवाल ने अमित शाह पर उठाए सवाल

    Updated: Sun, 29 Mar 2026 05:13 AM (GMT+05:30)

    अदालती मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाईकोर्ट संबंधी बयान पर सव ...और पढ़ें

    अदालती मामलों पर आप और बीजेपी में जुबानी जंग।

    अदालती मामलों पर आप और बीजेपी में जुबानी जंग।

    HighLights

    1. केजरीवाल ने अमित शाह के हाईकोर्ट बयान पर सवाल उठाए।

    2. शाह ने सीबीआई केस में जीत का विश्वास जताया था।

    3. सचदेवा ने कहा केजरीवाल न्यायपालिका का सम्मान नहीं करते।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। अदालती मामलों पर आप और भाजपा में शनिवार को जुूबानी जंग हो गई। एक तरफ आम आदमी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिए बयान पर सवाल उठाया तो दूसरी ओर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल की मुश्किल यह है कि वह न्यायालय, न्यायाधीश या न्याय प्रक्रिया का सम्मान नही करते, वह केवल अपने पक्ष में आये फैसले को ही न्याय मानते हैं।

    आम आदमी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट कर आरापे लगाया कि हाईकोर्ट को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री ने एक साक्षात्कार में आप नेताओं के पक्ष में आए दिल्ली की सेशन कोर्ट के हालिया फैसले को हाईकोर्ट में पलटने की बात कही है। केजरीवाल ने कहा कि अमित शाह अभी से कैसे कह रहे हैं कि हाई कोर्ट का फ़ैसला मेरे खिलाफ आएगा। सेशन कोर्ट के फ़ैसले को सीबीआई ने चुनौती दी है फिर वह कैसे कह रहे हैं कि हमने चुनौती दी है। इसका मतलब वे ख़ुद ही सीबीआई हैं।

    उच्च न्यायालय में सीबीआई केस जीतेगी: सचदेवा

    इस पलटवार करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सचदेवा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने वक्तव्य में केवल इतना कहा है कि सीबीआई का केस दमदार है, साक्ष्यों में भी दम है और उन्हे विश्वास है कि उच्च न्यायालय में सीबीआई केस जीतेगी।

    सचदेवा ने कहा कि बेहतर होता केजरीवाल विक्टिम कार्ड खेलने से पहले एक एक शब्द सुन लेते तो आज हास्य का पात्र ना बनते। सचदेचा ने कहा कि भारत में सीबीआइ या सभी जांच ऐजेंसी जांच करने को एवं जांच अनुसार न्यायालय में मुकदमा डालने को स्वतंत्र हैं और साथ ही भारत के सभी न्यायालय एवं न्यायधीश भी निष्पक्ष अपने विवेक से निर्णय लेने को स्वतंत्र हैं।

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