AIIMS में 'मदर्स नेस्ट' की शुरुआत, मातृ-नवजात देखभाल मजबूत करने के लिए एचसीएल फाउंडेशन के साथ समझौता
एम्स में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 'मदर्स नेस्ट' पहल शुरू हुई, जिसका लक्ष्य माताओं और नवजातों की देखभाल को मजबूत करना है। एचसीएल फाउंडेशन, एम्स और ड ...और पढ़ें

मदर्स नेस्ट पहल पर हस्ताक्षर करते एम्स निदेशक प्रो. एम श्रीनिवास, एचसीएल फाउंडेशन की निदेशक एवं अन्य: फोटो: एम्स
HighLights
पहल का उद्देश्य माताओं और नवजातों की देखभाल मजबूत करना
एचसीएल फाउंडेशन, एम्स, डॉक्टर्स फॉर यू के बीच एमओयू
एम्स को 100 सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन भेंट की गईं
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ‘मदर्स नेस्ट’ पहल आरंभ की गई।
इस पहल का उद्देश्य माताओं और नवजातों की देखभाल को और मजबूत बनाना है। इसे एचसीएल फाउंडेशन, अखिल एम्स और ‘डाॅक्टर्स फाॅर यू’ के सहयोग से आरंभ किया गया है। इनके बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए गए।
एम्स के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती शिशुओं की माताओं को समुचित सहयोग, देखभाल और सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे मातृ स्वास्थ्य और मानसिक-सामाजिक सहयोग को मजबूती मिल सके।
एमओयू पर एम्स के निदेशक प्रो. एम श्रीनिवास, एचसीएलटेक की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (ग्लोबल सीएसआर) एवं एचसीएल फाउंडेशन की निदेशक डाॅ. निधि पुंडीर तथा ‘डाॅक्टर्स फाॅर यू’ के अध्यक्ष डाॅ. रजत जैन ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. निरुपम मदान, बाल शल्य विभागाध्यक्ष प्रो. संदीप अग्रवाल, बाल रोग विभाग के प्रो. रमेश अग्रवाल, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रो. अपर्णा शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस मौके कार्यक्रम के दौरान एचसीएल फाउंडेशन ने एम्स को 100 सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन भी भेंट कीं, जिनका उद्घाटन एम्स के निदेशक प्रो. एम श्रीनिवास और अन्य अधिकारियों ने किया।
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