फुकेट-दिल्ली उड़ान हादसा: पायलट के डोप टेस्ट पर सवाल, सुरक्षा मानकों से लेकर क्रू की फिटनेस तक जांच के घेरे में
4 अगस्त को एयर इंडिया विमान हादसे के बाद सुरक्षा मानकों और कॉकपिट क्रू की शारीरिक-मानसिक फिटनेस पर सवाल उठे हैं। यात्रियों की आशंका और पायलट के लंबित ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
एयर इंडिया हादसे ने क्रू फिटनेस पर सवाल उठाए।
यात्रियों ने पायलट के नशे में होने की आशंका जताई।
डीजीसीए ने 2022 से डोप टेस्ट अनिवार्य किया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। चार अगस्त को एयर इंडिया के विमान में हुए भयानक हादसे के बाद नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के साथ-साथ काकपिट क्रू की शारीरिक व मानसिक फिटनेस पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विमान में सवार कुछ यात्रियों ने पायलट के नशे में होने या मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क न होने की आशंका भी जताई है। इस आशंका ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। हालांकि अभी पायलट के डोप टेस्ट के अंतिम नतीजे नहीं आए हैं।
उड्डयन विशेषज्ञों का कहना है कि हाइड्रोलिक फेलियर जैसी आपातकालीन या जानलेवा स्थितियों में पायलट का शत-प्रतिशत सतर्क व मानसिक रूप से स्थिर होना ही 137 जिंदगियों की रक्षा कर सकता है। अगर ऐसे नाजुक मोड़ पर निर्णय लेने की क्षमता में जरा सी भी चूक हो जाए, तो परिणाम भयावह हो सकते हैं।
वर्ष 2022 में रैंडप डोप टेस्ट नियम हुआ था अनिवार्य
डीजीसीए ने 2022 से फ्लाइट क्रू, एटीसी और मेंटेनेंस स्टाफ के लिए रैंडम डोप टेस्ट नियम अनिवार्य किया था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उड़ान के दौरान क्रू किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों (साइकोट्रापिक सबस्टेंस) या एल्कोहल के प्रभाव में न हो।
खबरें और भी
भारत में प्री-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर (बीए) टेस्ट में अतीत में भी कई वरिष्ठ पायलटों के नशे में पाए जाने और उनके लाइसेंस निलंबित होने के मामले सामने आ चुके हैं।
यही वजह है कि एएआइबी की जांच में अब सिर्फ एक मिनट में आए नौ फाल्ट मैसेज जैसी तकनीकी खराबी ही नहीं, बल्कि पायलट के सेफ्टी प्रोटोकाल, मेडिकल फिटनेस और डोप/एल्कोहल जांच के पहलुओं की भी गहराई से समीक्षा की जा रही है।
पूर्व में हुए मामले
एअर इंडिया लंदन-दिल्ली उड़ान मामला (2018) : एअर इंडिया के वरिष्ठ कप्तान अरविंद कथपलिया नई दिल्ली से लंदन जाने वाली उड़ान से ठीक पहले प्री-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में फेल पाए गए।
जेट एयरवेज और स्पाइसजेट के मामले (2015-2019): जेट एयरवेज और स्पाइसजेट के कई विदेशी और भारतीय पायलट लगातार चेकिंग के दौरान अल्कोहल टेस्ट में पाजिटिव पाए गए। कुछ मामलों में क्रू मेंबर्स लैंडिंग के बाद हुए टेस्ट में भी अल्कोहल के असर में पाए गए।
- वर्ष 2019 में अनिवार्य अल्कोहल टेस्ट (शराब की जांच) में 19 पायलट पाजिटिव पाए गए। सभी को डयूटी से हटाया गया।
- डीजीसीए के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में कम से कम 41 पायलट अनिवार्य अल्कोहल टेस्ट (शराब की जांच) में फेल पाए गए।
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