2020 दिल्ली दंगे की सबसे चर्चित हत्या; अंकित शर्मा के साथ उस दिन क्या हुआ था, 'हिंदू-हिंदू' बोल भीड़ ने किसे दौड़ाया?
दिल्ली दंगों के तीसरे दिन आईबी अधिकारी अंकित शर्मा को तत्कालीन आप पार्षद ताहिर हुसैन के घर में खींचकर ले जाया गया था। अगले दिन उनका शव नाले से बरामद ह ...और पढ़ें

25 फरवरी, 2020 को चांद बाग के पास खजूरी पुलिया, भजनपुरा और मौजपुर व कबीर नगर के आसपास भारी तनाव था। फाइल फोटो
HighLights
अंकित शर्मा को ताहिर हुसैन के घर में खींचा गया था।
उनका शव अगले दिन नाले से बरामद हुआ था।
ताहिर हुसैन और पांच अन्य हत्या के दोषी ठहराए गए।
स्वदेश कुमार, नई दिल्ली। यह दिल्ली में हो रहे दंगे का तीसरा दिन था। 25 फरवरी, 2020 को चांद बाग के पास खजूरी पुलिया, भजनपुरा और मौजपुर व कबीर नगर के आसपास भारी तनाव था। हर तरफ से पत्थरबाजी की सूचना आ रही थी। मोबाइल पर आ रहा हर नया संदेश एक बुरी खबर बता रहा था। तभी पता चला कि एक युवक को आम आदमी पार्टी के तत्कालीन पार्षद ताहिर हुसैन (बाद में आप से निष्कसित) के चार मंजिला मकान में कुछ लोग खींचकर ले गए। कौन था। इसका तब पता नहीं चला।
तब पता नहीं चला कि घर में किसे घसीटकर ले गए?
उस दिन खजूरी पुलिया के पास अधिक तनाव था। एक तरफ चांद बाग था और दूसरी तरफ खजूरी का ई ब्लाॅक। चांद बाग की तरफ से जमकर पत्थरबाजी हो रही थी। सूचना पाकर मैं भी अपने फोटोग्राफर साथी विपिन शर्मा के साथ वहीं पहुंच गया लेकिन खजूरी पुलिया से आगे बढ़ नहीं पाए। देर शाम सूरज लगभग ढल चुका था। इसी दौरान उड़ती हुई सूचना मिली कि एक युवक को ताहिर हुसैन के चार मंजिला मकान में कुछ लोग खींचकर ले गए। हालांकि, वह कौन था, यह किसी को पता नहीं चला।

दोपहर में मिला शव तो सन्न हो गए परिजन
अगले दिन दंगे के चौथे दिन यानी 26 फरवरी को तनाव थोड़ा कम था। हम लोग सुबह ही उस स्थान पर पहुंच गए। इस बार भी पुलिया के पास ही रोक दिए गए। पता चला कि दयालपुर थाने में एक आइबी कर्मी अंकित शर्मा के गायब होने की शिकायत पहुंची है। पुलिस को यह भी पता चला कि देर रात नाले में कुछ फेंका गया था। इसके बाद गोताखोरों की मदद से सर्च अभियान शुरू कर दिया गया। दोपहर होते-होते एक शव निकाला गया जिसकी पहचान अंकित शर्मा के रूप में हुई।

भीड़ हिंदू-हिंदू चिल्लाते हुए दौड़ी
पिता और भाई मौके पर थे और उनकी आंखों में पानी सूख चुका था। क्योंकि उन्हें भी जानकारी मिल गई थी कि एक दिन पहले शाम को जिस युवक को खींचा गया था वह अंकित ही थे जो कुछ समय पहले ही अपने दफ्तर से घर लौटे थे। गली में हिंसक भीड़ को शांत कराने और लोगों को समझाने-बुझाने के उद्देश्य से घर से बाहर निकले थे। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीड़ हिंदू-हिंदू चिल्लाते हुए आगे बढ़ी।
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पहचान मिटाने के लिए शव नाले में फेंका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंकित शर्मा ने भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें घसीटते हुए ताहिर हुसैन के घर के अंदर ले जाया गया। जहां पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और चाकू से भी हमला किया गया। अंकित के फेफड़ों और मस्तिष्क पर इतने घातक वार किए गए थे कि अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी मौत हो गई थी। पहचान मिटाने और साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से शव को गंदे नाले के कीचड़ में फेंक दिया गया था।

दिल्ली के कई इलाके सुलग पड़े
बता दें कि 23 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मौजपुर से दंगे की शुरुआत हुई थी। धीरे-धीरे यह यमुना विहार, भजनपुरा, करावल नगर, चांद बाग आदि इलाकों में फैल गई।