स्पाई चीफ से दिल्ली पुलिस की टॉप पोस्ट पर पहुंचे अनुराग कुमार, नए कमिश्नर के सामने क्या हैं चुनौतियां?
अनुराग कुमार को उनके तीन दशक के जासूसी और सुरक्षा विशेषज्ञ के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड के कारण दिल्ली पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। राजधानी की कानून-व ...और पढ़ें

नए पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और पूर्व कमिश्नर सतीश गोलछा। फोटो: दिल्ली पुलिस
HighLights
अनुराग कुमार दिल्ली पुलिस के नए आयुक्त नियुक्त
तीन दशक का जासूसी और सुरक्षा विशेषज्ञ का अनुभव
कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा प्रमुख चुनौतियां
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में करीब दो दशक तक जासूसी और आतंकवाद विरोधी अभियानों की कमान संभाल चुके 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार अब दिल्ली पुलिस के नए आयुक्त की जिम्मेदारी मिली है।
सरकार ने उनके तीन दशक लंबे अनुभव और ‘स्पाई चीफ’ की पहचान को देखते हुए राजधानी की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी है।गृह मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि अनुराग कुमार कार्यभार संभालने की तारीख से अगले आदेश तक दिल्ली पुलिस आयुक्त के पद पर बने रहेंगे।
उनका कार्यकाल करीब पांच साल तक का हो सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की कार्यशैली और पेशेवर छवि को नया आयाम मिल सकता है।
आईबी में 20 साल, आतंकवाद विरोधी अभियानों के रहे मास्टरमाइंड
अनुराग कुमार के पास पुलिसिंग और प्रशासन का करीब 32 साल का अनुभव है। दिल्ली पुलिस में वह उत्तर-पूर्वी और उत्तरी जिले के डीसीपी रह चुके हैं। इसके बाद वह लंबे समय के लिए प्रतिनियुक्ति पर इंटेलिजेंस ब्यूरो चले गए, जहां उन्होंने करीब 20 वर्षों तक विभिन्न अहम पदों पर काम किया।
वर्तमान में वह आईबी में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर तैनात थे। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, खुफिया विश्लेषण और आतंकवाद विरोधी रणनीतियों से जुड़े कई संवेदनशील मामलों की जिम्मेदारी संभाली। जम्मू-कश्मीर समेत कई चुनौतीपूर्ण इलाकों में काउंटर-टेरर ऑपरेशन का नेतृत्व करने के कारण सुरक्षा एजेंसियों में उनकी अलग पहचान है।
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इंजीनियरिंग की पढ़ाई, राष्ट्रपति पदक से सम्मानित
बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर चुके अनुराग कुमार को पुलिस सेवा में असाधारण योगदान के लिए वर्ष 2010 में ‘सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक’ और 2016 में ‘विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक’ से सम्मानित किया जा चुका है।
‘स्पाई चीफ’ के सामने अब दिल्ली की चुनौतियां
देश की राजधानी की कमान संभालने के साथ ही अनुराग कुमार के सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी। इनमें कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाना, संगठित अपराध पर शिकंजा कसना, साइबर अपराध से निपटना, महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करना और आतंकवाद विरोधी तैयारियों को और धार देना शामिल है।
दिल्ली के विभिन्न जिलों में खुले साइबर थानों को लेकर भ्रष्टाचार की शिकायतें भी लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में नए पुलिस आयुक्त के सामने साइबर पुलिसिंग व्यवस्था में सुधार लाना भी बड़ी प्राथमिकता होगी।
पहली बैठक में अधिकारियों को देंगे दिशा
पदभार ग्रहण करने के बाद अनुराग कुमार ने दिल्ली पुलिस के सभी विशेष आयुक्तों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। शनिवार को उन्होंने विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त और डीसीपी स्तर के अधिकारियों की पहली बैठक बुलाई है।
क्या दिल्ली पुलिस में दिखेगा बड़ा बदलाव?
दिल्ली पुलिस पहले से तकनीकी रूप से मजबूत और पेशेवर बल मानी जाती है, लेकिन खुफिया तंत्र में लंबा अनुभव रखने वाले अधिकारी के शीर्ष पद पर पहुंचने के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या अनुराग कुमार अपनी जासूसी विशेषज्ञता और आधुनिक पुलिसिंग के अनुभव के दम पर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव ला पाएंगे।
आने वाले दिनों में वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है।
क्यों माने जाते हैं स्पेशलिस्ट?
- उनकी सबसे बड़ी पहचान इंटेलिजेंस और काउंटर-टेररिज्म है।
- IB में Special Director रहे।
- दिल्ली में Subsidiary Intelligence Bureau के प्रमुख रहे।
- जम्मू-कश्मीर में Joint Director, Intelligence Bureau के तौर पर काम किया।
- विदेश मंत्रालय में Joint Secretary भी रहे।
- वॉशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास में भी जिम्मेदारी संभाली।
- अनुभव सिर्फ पुलिसिंग तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों तक फैला हुआ है।
दिल्ली पुलिस में क्या-क्या जिम्मेदारी निभाई?
- अनुराग कुमार पहले दिल्ली के North-East District और North District के DCP रह चुके हैं।
- इसी दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, दंगा नियंत्रण और संवेदनशील इलाकों में पुलिसिंग का अनुभव हासिल किया।
- उनके साथ काम कर चुके कई पूर्व अधिकारियों का कहना है कि वे पारंपरिक पुलिसिंग और आधुनिक तकनीक दोनों को साथ लेकर चलने वाले अधिकारी हैं।
नए कमिश्नर के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां
अब उनके सामने पांच बड़ी चुनौतियां होंगी:-
- राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना।
- ट्रैफिक जाम और सड़क प्रबंधन सुधारना।
- साइबर क्राइम और संगठित अपराध पर सख्ती।
- महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करना।
- आतंकवाद विरोधी तैयारियों को नई दिशा देना।
क्या कहते हैं उनके रिकॉर्ड?
अनुराग कुमार को Police Medal for Meritorious Service और President's Police Medal for Distinguished Service जैसे सम्मान मिल चुके हैं। उनकी छवि एक शांत, विश्लेषणात्मक और इंटेलिजेंस-आधारित फैसले लेने वाले अधिकारी की रही है।