18 मीटर ऊंचाई पर हवा में सैर और एक छत के नीचे पूरा देश, खुलने वाला है भारत वंदना पार्क
द्वारका का भारत वंदना पार्क, जिसमें 1.2 किमी लंबा स्काइब्रिज और 'मिनी इंडिया' जोन है, जल्द ही चरणबद्ध तरीके से खुलने वाला है। यह पार्क दिल्ली ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के पर्यटकों के लिए पर्यावरण, मनोरंजन और भारतीय संस्कृति का केंद्र बनेगा।

द्वारका का भारत वंदना पार्क खुलने को तैयार।
HighLights
1.2 किमी लंबा, 18 मीटर ऊंचा एलिवेटेड स्काइब्रिज मुख्य आकर्षण।
'मिनी इंडिया' जोन में सभी राज्यों की सांस्कृतिक प्रतिकृतियां मौजूद।
पार्क जल्द ही चरणबद्ध तरीके से दर्शकों के लिए खुलेगा।
गौतम कुमार मिश्रा, पश्चिमी दिल्ली। द्वारका सेक्टर 20 में करीब 200 एकड़ में फैला भारत वंदना पार्क दिल्ली ही नहीं, बल्कि दुनियाभर से आने वाले पर्यटकों के लिए पर्यावरण, मनोरंजन और भारतीय संस्कृति को एक साथ अनुभव करने का एक अभूतपूर्व केंद्र बनने जा रहा है।
करीब 550 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार हो रहा यह पार्क अब दर्शकों का स्वागत करने के लिए चरणबद्ध (फेज-वाइज) तरीके से खुलने वाला है। पार्क का बाहरी दायरा बनकर तैयार हो चुका है और आगामी एक से दो महीनों में इसके प्रथम चरण के औपचारिक उद्घाटन की पूरी संभावना है।
मुख्य केंद्र बिंदु 1.2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड स्काइब्रिज
इस पूरी परियोजना का मुख्य केंद्र बिंदु 1.2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड स्काइब्रिज है, जिसका निर्माण कार्य अब तेजी से शुरू हो चुका है। जमीन से 18 मीटर की ऊंचाई पर बनने वाला यह स्काइब्रिज नौ विशाल पाइलान (पिलर्स) पर टिका है। यह भारत के किसी भी पार्क में अपनी तरह का पहला ऐसा एलीवेटेड ट्रेल होगा, जो पर्यटकों को हवा में चलते हुए पूरे 200 एकड़ पार्क और ''मिनी इंडिया'' का 360-डिग्री विहंगम नजारा देखने का अनूठा अहसास कराएगा।
इस स्काईब्रिज की वास्तुकला की प्रेरणा विशालकाय 'पेड़ों के तनों' (ट्री ट्रंक्स) से ली गई है। नौ विशाल पाइलान को पेड़ों का आकार दिया जा रहा है, जिन पर लीफ-लाइक एल्युमिनियम पैनल्स और नीचे मिरर-रिबन इफेक्ट दिया जाएगा, ताकि जब पर्यटक इस पर चलें तो उन्हें प्रकृति की गोद में हवा में तैरने का अहसास हो।
रेस्तरां, बोटिंग सुविधा और आधुनिक टिकट काउंटर जैसी बुनियादी सुविधाएं
राष्ट्रीय पुष्प कमल की नौ पंखुड़ियों के रूप में डिजाइन किए गए इस मास्टरप्लान में पर्यावरण का भी विशेष ध्यान रखा गया है। पार्क के कुल क्षेत्रफल का 25 प्रतिशत हिस्सा वंदना सरोवर जैसे जल निकायों से ढका है। लेक-व्यू रेस्तरां, बोटिंग सुविधा और आधुनिक टिकट काउंटर जैसी बुनियादी सुविधाएं बनकर तैयार हैं। जैसे ही प्रथम चरण का उद्घाटन होगा, लोग मिनी इंडिया का भव्य दीदार कर सकेंगे।
मिनी इंडिया जोन में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक धरोहरों की प्रतिकृतियां बनकर तैयार हो चुकी हैं। इसमें पटना का प्रसिद्ध गोलघर, बनारस के आध्यात्मिक घाट, दिल्ली का गोल आकार वाला पुराना संसद भवन और गुजरात में स्थापित सरदार वल्लभभाई पटेल की आदमकद प्रतिमा (स्टैच्यू आफ यूनिटी की प्रतिकृति) प्रमुख आकर्षण हैं।
साथ ही यहां शांति का उपदेश देते भगवान बुद्ध, पटना में लोकआस्था से जुड़ा प्रसिद्ध महावीर मंदिर की प्रतिकृति भी यहां आपका ध्यान खींच लेगी। जयपुर का हवा महल, कर्नाटक के हंपी का रथ मंदिर, एलोरा की गुफाएं, अंडमान का सेल्यूलर जेल सहित विभिन्न राज्यों की प्रसिद्धि से जुड़े तमाम इमारतों की प्रतिकृति यहां दिखेगी।
शिलान्यास से लेकर चुनौतियों और लागत का ब्योरा
- भारत वंदना पार्क का शिलान्यास 17 दिसंबर 2019 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया था।
-योजना के अनुसार इस पार्क को मार्च 2022 तक बनकर तैयार हो जाना था। हालांकि, कोविड-19 महामारी, निर्माण संबंधी पाबंदियों और जटिल डिजाइन के कारण यह परियोजना करीब चार साल की देरी से चल रही है।
- 1.2 किमी लंबे स्काइब्रिज और 45-50 मीटर ऊंचे 9 पाइलान के अनूठे स्टील फ्रेमवर्क व सुरक्षा मानकों को पूरा करने में अतिरिक्त समय लगा।
-आइजीआइ एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया ने स्काइब्रिज के पाइलान की शुरुआती ऊंचाई पर सुरक्षा (अप्रोच फनल/फ्लाइट पाथ) के लिहाज से सख्त आपत्ति जताई थी। इसके बाद सिविल एविएशन के नियमों का पालन करते हुए पाइलान की ऊंचाई को घटाकर री-डिजाइन करना पड़ा, जिसके चलते काम लंबे समय तक अटका रहा।
-200 एकड़ के विशाल क्षेत्र में झीलों और नहरों का सटीक इको-फ्रेंडली ग्राउंडवर्क तैयार करना चुनौतीपूर्ण रहा।

