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दिल्ली-NCR में पेट्रोल-डीजल और CNG मालवाहक वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर बैन, अगले साल से नियम लागू 

Updated: Thu, 20 Aug 2026 09:52 PM (IST)

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने घोषणा की है कि 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक N1 मालवाहक वाहनों का पंजीकरण होगा, जिसका विस्तार NCR के अन्य शहरों में भी होगा।

एक जनवरी 2027 से केवल ई-मालवाहक वाहनों का होगा पंजीकरण।

एक जनवरी 2027 से केवल ई-मालवाहक वाहनों का होगा पंजीकरण।

HighLights

  1. 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक N1 वाहन पंजीकृत होंगे।

  2. 1 जुलाई 2027 से NCR के अन्य शहरों में भी लागू होगा यह नियम।

  3. वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु सीएक्यूएम का महत्वपूर्ण कदम।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सदस्य सचिव तरुण कुमार पिथोड़े ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने और व्यावसायिक वाहनों को पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। वर्ष 2025 में दिल्ली में बिके कुल नए हल्के मालवाहकों (एन वन श्रेणी) में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की हिस्सेदारी लगभग सात प्रतिशत तक पहुंच गई है।

आंकड़ों के अनुसार, 2025 में दिल्ली में 14,712 नए हल्के मालवाहक वाहन बिके, जिनमें से 13,646 सीएनजी और 1,026 इलेक्ट्रिक वाहन थे, जबकि डीजल के 35 और पेट्रोल के महज चार वाहन बिके। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में एन वन श्रेणी के वाहनों की संख्या 1.06 लाख हो गई है, जिसमें 1.03 लाख सीएनजी और 1,980 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं।

व्यावसायिक परिवहन में साफ-सुथरी तकनीक को अपनाने का

पत्रकार वार्ता के दौरान पिथोड़े ने बताया कि यह ट्रेंड व्यावसायिक परिवहन में साफ-सुथरी तकनीक को अपनाने का स्पष्ट संकेत देता है। इसी बदलाव को रफ्तार देने के लिए आयोग ने एलान किया है कि एक जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक एन वन मालवाहक वाहनों का ही नया पंजीकरण किया जाएगा।

इसके बाद एक जुलाई 2027 से यह प्रतिबंध गुड़गांव, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में भी लागू हो जाएगा। वहीं, शेष एनसीआर जिलों में एक जनवरी 2028 से नए पेट्रोल व डीजल मालवाहकों के पंजीकरण पर रोक रहेगी, हालांकि वहां सीएनजी और ईवी दोनों की अनुमति होगी।

दिल्ली-एनसीआर में एक भी नया एन 2 इलेक्ट्रिक मालवाहक नहीं बिका

उन्होंने यह भी बताया कि हल्के वाहनों के विपरीत, 3,500 से 7,500 किग्रा वजन वाले भारी मालवाहकों (एन 2 श्रेणी) में विद्युतीकरण की रफ्तार अभी बेहद धीमी है। आंकड़ों के मुताबिक 2025 के दौरान दिल्ली और पूरे एनसीआर में एक भी नया एन 2 इलेक्ट्रिक मालवाहक नहीं बिका और इस वर्ग में सीएनजी तथा डीजल का ही दबदबा रहा।

पिथोड़े के अनुसार, सीएक्यूएम का यह निर्णय केवल सीधे धुएं को कम करने के लिए नहीं है, बल्कि हवा में धुंध का बड़ा कारण बनने वाली नाइट्रोजन ऑक्साइड और सेकेंडरी पर्टिकुलेट प्रदूषण को रोकने के लिए लिया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के तहत एनसीआर के स्टोन क्रशरों पर रिमोट कैमरे, लो-कास्ट सेंसर और क्लाउड सिस्टम से कड़ी निगरानी रखी जाएगी और वहां वाहनों के पहिए धोने की सुविधा अनिवार्य होगी। साथ ही, दिल्ली में चिन्हित किए गए 11 अन्य ट्रैफिक जाम वाले स्थानों को इस साल अक्टूबर तक पूरी तरह से सुचारू करने पर भी तेजी से काम चल रहा है।

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