CJP में पहली बगावत: सीजेपी-D का हुआ गठन, कार्यकर्ताओं ने क्यों लिया ये बड़ा फैसला?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) में पहली बगावत हुई है, जिसमें पूर्व स्वयंसेवक मनीष ब्रह्मभट्ट ने जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह न मिलने का आरोप लगाते हुए CJP-लोकतांत्रिक (CJP-D) का गठन किया।
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CJP में पहली बगावत सामने आई। AI जनरेटेड
HighLights
CJP में पहली बगावत, मनीष ब्रह्मभट्ट ने बनाई CJP-D।
जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी और AAP से नजदीकी का आरोप।
ब्रह्मभट्ट गुजरात से, 2022 चुनाव में निर्दलीय लड़े थे।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) में पहली बगावत सामने आई है। सीजेपी के पूर्व स्वयंसेवक और आंदोलन से जुड़े मनीष ब्रह्मभट्ट ने जंतर-मंतर के आंदोलन के दौरान जमीनी व पुराने कार्यकर्ताओं को तरजीह न देने पर काकरोच जनता पार्टी-लोकतांत्रिक (सीजेपी-डी) बनाने की घोषणा की।
दिल्ली के प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता के दौरान मनीष ब्रह्मभट्ट ने कहा कि सीजेपी का आंदोलन युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। इसमें देशभर के लोगों और स्वयंसेवकों ने योगदान दिया।
कार्यकर्ताओं ने लगाया आरोप
आंदोलन की सफलता के बाद संगठन की राष्ट्रीय टीम बनाते समय जमीनी कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों से उनकी राय नहीं ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 सदस्यीय टीम का गठन लोकतांत्रिक तरीके से नहीं किया गया।
कई लोगों के पूर्व में आप से संबंध रहे
उन्होंने सीजेपी नेतृत्व पर आम आदमी पार्टी के करीब जाने का भी आरोप लगाया। ब्रह्मभट्ट के मुताबिक, नई टीम में शामिल कई लोगों के पूर्व में आप से संबंध रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सीजेपी को किसी राजनीतिक दल की टीम बनने के बजाय युवाओं और स्वयंसेवकों का लोकतांत्रिक मंच बने रहना चाहिए। इन आरोपों पर सीजेपी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
गुजरात के रहने वाले हैं ब्रह्मभट्ट
उल्लेखनीय है कि ब्रह्मभट्ट मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं। वह वर्ष 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में पालनपुर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं। उन्हें 964 वोट मिले थे और वह पांचवें स्थान पर रहे थे। इसके बाद वह सी जेपी के आंदोलन से जुड़े और खुद को स्वयंसेवक व समन्वयक के तौर पर प्रस्तुत करते रहे हैं।
