जंतर मंतर, टाॅलस्टाॅय और संसद मार्ग भी प्रदर्शनकारियों के कब्जे में; आखिर CJP क्यों नहीं हटने को तैयार?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद मार्ग तक प्रदर्शन फैल गया है, जहां सुरक्षा बलों से ...और पढ़ें

जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के कारण बैरिकेडिंग कर बंद किया गया सांसद मार्ग। हरीश कुमार
HighLights
CJP का प्रदर्शन जंतर-मंतर से संसद मार्ग तक फैला।
प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े।
सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की, पथराव हुआ।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। काॅकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरना प्रदर्शन का दायरा जंतर-मंतर से होते हुए संसद मार्ग और टाॅलस्टाॅय मार्ग तक बढ़ता जा रहा है। संसद मार्ग पर जुटी भीड़ बुधवार को एक बार फिर संसद भवन की ओर बढ़ने लगी, जिसे रोकने में सुरक्षा बलों को खूब मशक्कत करनी पड़ी, कई बार प्रदर्शनकारियोें व सुरक्षाबलों में धक्कामुक्की की स्थिति बनी। रोकते सुरक्षा बलों के जवानों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थर व पानी की बोतले फेंकने की घटनाएं भी हुई।
'शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले नहीं हटेंगे'
आखिरकार पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास को ट्रक पर चढ़कर लोगों को रूकने की अपील करनी पड़ी। तब जाकर समर्थक माने। हालांकि, माहौल तनावपूर्ण बनी हुई है। इस बीच, सौरव दास ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के घर जाने के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा कि आज सुबह पुलिस ने यह संदेश दिया था, तब हमने कहा कि बातचीत जंतर-मंतर पर होगी या आसपास किसी तटस्थ स्थल पर भी हो सकती है। जबकि, एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि हम लोग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले नहीं हटेंगे।
भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात
पार्टी ने तीन मांगें स्पष्ट करते हुए कहा कि जिसमें किसी समर्थकों पर मुकदमा न होने, चोटिल कार्यकर्ताओं को मुआवजा व शिक्षा मंत्री के बर्खास्तगी की मांग की है। इसी तरह, जनपथ बाजार से आगे संसद मार्ग तक पूरा टाॅलस्टाॅय मार्ग भी प्रदर्शनकारियों के कब्जे में है। जबकि, जंतर-मंतर, टाॅलस्टाॅय के साथ ही संसद मार्ग को बंद कर दिया गया है और भारी संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती की गई है।
सीजेपी समर्थकों का कब्जा अशोक रोड और जनपथ मार्ग पर भी बढ़ता जा रहा है। जनपथ, कनाट प्लेस समेत आस-पास के अन्य मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का विशेष असर प्रदर्शनकारियों के जुटने पर नहीं दिखाई दे रहा है। लोग दूसरे साधनों से प्रदर्शन स्थल पहुंच रहे हैं। दोपहर तीन बजे तक ही जंतर-मंतर के साथ संसद मार्ग ठसाठस भर गया था।
विभिन्न दलों के नेताओं का लगा रहा तांता
शिक्षा में सुधार व पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग को लेकर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे राजनीतिक होते जा रहे हैं। बुधवार को भी विभिन्न दलों के नेताओं की मौजूदगी मंच पर रही। जिसमें माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात, सपा के अतुल प्रधान, महाराष्ट्र के शेतकारी संगठन के मनोज जरांगे पाटिल समेत अन्य रहे। सभी ने प्रदर्शन को समर्थन देते हुए संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज की निंदा की। वैसे, वाम छात्र संगठनों से जुड़े युवाओं व अध्यापकों की मौजूदगी पहले दिन से है।
छात्रों के आंदोलन में अब हर आयु वर्ग की सहभागिता
जंतर मंतर पर ऐसे बहुत से लोग हैं, जो कई दिनों से जमे हुए हैं। वहीं बहुत सारे लोग दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों से आ रहे हैं। जिसमें, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा समेत अन्य राज्यों के लोग पहुंच रहे हैं। शुरू में युवाओं व छात्रों के इस धरना प्रदर्शन में अब हर आयु वर्ग की सहभागिता देखने को मिल रही है। कई लोग तो बच्चों के साथ पहुंच रहे हैं।
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