सीजेपी प्रदर्शन हिंसा: उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई की मांग, गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस को भेजी चिट्ठी
सीजेपी के जंतर मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर विहिप समेत कई संगठनों ने गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। ...और पढ़ें
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सीजेपी प्रदर्शन के दौरान टॉलस्टॉय मार्ग पर बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी। फाइल फोटो सौजन्य- विपिन शर्मा
HighLights
सीजेपी प्रदर्शन हिंसा पर संगठनों ने की कार्रवाई की मांग।
गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस आयुक्त को भेजे गए पत्र।
पुलिस ने 989 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को पहचाना।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा तथा तोड़फोड़ में शामिल अपराधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप), यूनाइटेड हिंदू फ्रंट और भारतीय बौद्ध समेत विभिन्न संगठनों ने आग्रह बढ़ाया है, कुछ संगठनों ने गृह मंत्री अमित शाह तथा दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
सामाजिक व धार्मिक संगठनों का कहना है कि संगठनों ने कहा है कि प्रदर्शन की आड़ में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिसकर्मियों पर पथराव करने और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने वाले पहचाने गए अपराधियों के खिलाफ तुरंत कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
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सीजेपी के धरना प्रदर्शन के दौरान हिंसक प्रदर्शन करते लोगों को भगाते निहंग। विपिन शर्मा
'दंगाइयों पर एक्शन लें, निर्दोषों को न सताएं'
उन्होंने साफ किया कि जिन लोगों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें अनावश्यक रूप से तंग न किया जाए। लेकिन जिनके आपराधिक इतिहास हैं, उन पर सख्त कार्रवाई कर समाज को कड़ा संदेश देना जरूरी है। संगठनों ने सीजेपी से भी आग्रह किया है कि ऐसे तत्वों के पक्ष में न उतरें।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि सीजेपी ने खुद माना है कि प्रदर्शन में अराजकतत्व घुस गए थे। ऐसे में जरूरी है कि प्रदर्शनकारियों और अपराधियों में अंतर कर सीजेपी उनसे दूरी बनाकर समाज को साफ संदेश दें।
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सीजेपी ने नीट परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था सुधार की मांग को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया था। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पथराव, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस हिंसा में 118 पुलिसकर्मी घायल हुए तथा कई सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए। पुलिस ने दंगा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और लोक सेवक पर हमले के आरोप में चार एफआईआर दर्ज कीं। जांच में सीसीटीवी, ड्रोन और बाडी कैमरे की फुटेज के साथ चेहरे की पहचान तकनीक का इस्तेमाल कर प्रदर्शन स्थलों पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की पहचान की जा रही है।
अब तक 989 ऐसे अपराधियों की पहचान
अब तक 989 ऐसे अपराधियों की पहचान हुई है जो जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में शामिल थे। इसमें हत्या आरोपित 101, हत्या के प्रयास वाले 62, डकैती व लूट के 284, दुष्कर्म के 61, पॉक्सो के छह, छेड़छाड़ के 25 समेत कई अन्य मामलों में आरोपित या लिप्त अपराधियों की पहचान हुई है।
भारतीय बौद्ध संघ के अध्यक्ष भंते संघप्रिय राहुल ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार सबको है, लेकिन प्रदर्शन की आड़ में अपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस से अपील की है कि पहचाने गए अपराधियों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जा सकें।
यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह प्रदर्शन एक बड़े षडयंत्र का हिस्सा लग रहा है। गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में उन्होंने मामले में कार्रवाई के साथ विस्तृत जांच पर जोर दिया है।