कांग्रेस ने उठाई दिल्ली के झुग्गीवासियों के पुनर्वास की मांग, मुकेश शर्मा बोले- मिले वैकल्पिक आवास
वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुकेश शर्मा ने 'डयूसिब संशोधन विधेयक, 2026' का स्वागत करते हुए ध्वस्त झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के पीड़ितों के ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
मुकेश शर्मा ने डयूसिब संशोधन विधेयक, 2026 का स्वागत किया।
ध्वस्त झुग्गी बस्तियों के पीड़ितों के पुनर्वास की मांग की।
विध्वंस से पहले वैकल्पिक आवास सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक मुकेश शर्मा ने ''दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डयूसिब) संशोधन विधेयक, 2026'' का स्वागत करते हुए ध्वस्त झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के पीड़ितों के पुनर्वास की मांग की है।
दिल्ली विधानसभा में पेश इस विधेयक के तहत पात्र झुग्गी बस्तियों की पहचान की कट-आफ तिथि एक जनवरी 2006 से बढ़ाकर एक जनवरी 2025 कर दी गई है।
शर्मा ने कहा कि इस फैसले से अधिक बस्तियों को सुरक्षा मिलेगी, लेकिन जिन परिवारों की बस्तियां 2006 के बाद तोड़ी गईं और जिनके पास रहने के दस्तावेजी सबूत हैं, उनके लिए भी कानून में स्पष्ट प्रविधान होना चाहिए।
आप की चुप्पी पर उठाए सवाल
मद्रासी कैंप, हस्तसाल और एंड्रयूज गंज का हवाला देते हुए उन्होंने मांग की कि विध्वंस से पहले निवासियों के लिए वैकल्पिक आवास या उसी स्थान पर पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाए।
बता दें कि यह विधेयक भूस्वामी की सहमति से पुनर्वास, निजी क्षेत्र व सहकारी समितियों की भागीदारी और बस्तियों में जल, शौचालय व सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाएं सुधारने का प्रावधान करता है। शर्मा ने इंदिरा गांधी के समय स्थापित पुनर्वास कालोनियों का जिक्र करते हुए गरीबों को सुरक्षित आवास देने की वकालत की।
