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दिल्ली में CJP Protest के दौरान महिला को थप्पड़ मारने वाले एडिशनल DCP पर एक्शन, जंतर-मंतर ड्यूटी से हटाया

Published: Thu, 23 Jul 2026 11:07 AM (IST)

दिल्ली में 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने वाले एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा को जंतर-मंतर ड्यूटी ...और पढ़ें

HighLights

  1. एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा को ड्यूटी से हटाया गया

  2. महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हुआ

  3. दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांगा

नई दिल्ली। दिल्ली में सीजेपी के 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते हुए वीडियो में दिखाई देने वाले अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडिशनल डीसीपी) संदीप लांबा को जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल की ड्यूटी से हटा दिया गया है।

20 जुलाई का वीडियो हुआ था वायरल

20 जुलाई को सीजेपी के हजारों समर्थक कथित परीक्षा अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 'चलो संसद' मार्च के लिए जंतर-मंतर पर जुटे थे। इसी दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में अतिरिक्त डीसीपी संदीप लांबा एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए थे।

दिल्ली हाईकोर्ट में भी उठा मामला

बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में पुलिस की कथित बर्बरता के खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान भी इस घटना का जिक्र हुआ। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत से कहा कि वीडियो में अतिरिक्त डीसीपी संदीप लांबा बिना किसी उकसावे के महिला को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे आंसू गैस छोड़ी गई, जबकि यह अंतिम विकल्प होना चाहिए था।

HC ने मांगा जवाब, साक्ष्य सुरक्षित रखने के निर्देश

मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने दिल्ली पुलिस, केंद्र सरकार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और वीडियो सुरक्षित रखने के भी निर्देश दिए हैं।

पूर्व सांसद ने दर्ज कराई शिकायत

पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसद साकेत गोखले ने संदीप लांबा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट में सरकार ने कहा था कि इस मामले में किसी ने एफआइआर दर्ज कराने के लिए पुलिस से संपर्क नहीं किया, इसलिए उन्होंने औपचारिक शिकायत दी है।

प्रदर्शन के दौरान हुई थी झड़प

20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद सीजेपी समर्थकों ने 'चलो संसद' मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया।

बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, करीब 50 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

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