रामलीला, दुर्गा पूजा और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए DDA की नई SOP जारी; स्टॉल-झूलों के नियम सख्त
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने रामलीला और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए खुले मैदानों की बुकिंग हेतु नई एसओपी जारी की है। इसमें पुरानी बुकिंग को प्राथमिकता दी जाएगी।

डीडीए ने रामलीला और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए खुले मैदानों की बुकिंग हेतु नई एसओपी जारी की है। (एआई एडिटेड इमेज)
HighLights
डीडीए ने रामलीला आयोजनों के लिए नई एसओपी जारी की।
पुरानी समितियों को 15 सितंबर तक बुकिंग में प्राथमिकता मिलेगी।
स्टॉल और झूलों के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने रामलीला, दुर्गा पूजा और अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों के लिए खुले मैदानों की बुकिंग को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है।
इसके तहत 15 सितंबर तक पुरानी जगहों की बुकिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। सामान्य बुकिंग 15 सितंबर के बाद शुरू होगी। हालांकि रामलीला समितियों का कहना है कि एसओपी देर से जारी होने के कारण अब उन्हें तैयारियों के लिए कम समय मिलेगा।
एसओपी के मुताबिक बीते वर्षों में रामलीला के लिए इस्तेमाल होने वाले खुले मैदान 15 सितंबर तक पुरानी समितियों के लिए आरक्षित रहेंगे। बीते तीन वर्षों में कम से कम दो साल एक ही जगह पर रामलीला आयोजित करने वाली समितियों या ट्रस्टों को वही जगह दोबारा आवंटित की जाएगी।
इसके लिए पुरानी बुकिंग के प्रमाण देने होंगे। संबंधित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर इनकी जांच तीन कार्यदिवस में करेंगे। विवाद होने पर मामला इंस्टीट्यूशनल लैंड के उप निदेशक की अध्यक्षता वाली शिकायत निवारण समिति के पास जाएगा।
स्टॉल-झूलों के लिए नियम कड़े
रामलीला मैदानों में स्टाल और झूलों के लिए दो श्रेणियां बनाई गई हैं। 25 हजार वर्ग मीटर तक के क्षेत्र में पारंपरिक तरीके से रामलीला के साथ स्टाल और झूले लगाने पर बुकिंग शुल्क नहीं लगेगा। हालांकि, कुल क्षेत्रफल का अधिकतम 25 प्रतिशत हिस्सा ही स्टाल और झूलों के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। सुरक्षा राशि के तौर पर 15 रुपये प्रति वर्ग मीटर लिए जाएंगे।
दूसरी श्रेणी में स्टाल और झूलों का हिस्सा 25 प्रतिशत से अधिक होने पर प्रतिदिन 4.40 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क लगेगा। इस स्थिति में भी इनका क्षेत्रफल 40 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकेगा। नियम तोड़ने पर सुरक्षा राशि जब्त कर ली जाएगी।
समय पर मैदान खाली करना होगा
एसओपी में तय समय पर मैदान खाली करने को लेकर भी सख्ती की गई है। अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा। अंतिम तिथि तक मैदान खाली नहीं करने पर डीडीए ढांचा हटाकर सामान जब्त कर सकता है। सुरक्षा राशि जब्त करने के साथ समिति को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। गंभीर उल्लंघन होने पर पांच साल तक प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
डीडीए ने एसओपी जारी की, यह एक अच्छी पहल है। नियम कायदों से पारदर्शिता भी बनी रहेगी। लेकिन यह एसओपी यदि दो तीन माह पहले आ जाती तो ज्यादा बेहतर रहता। इसके अतिरिक्त बुकिंग वाले ग्राउंड की देखरेख के लिए व्यवस्था भी बनाई जानी चाहिए। साथ ही आयोजन स्थल के आसपास पार्किंग के लिए कुछ नियम बनाए जाने चाहिए। - अनिल गर्ग, महासचिव, ब्रोडवे रामलीला (आर्यन हैरीटेज फाउंडेशन), पीतमपुरा
रामलीलाओं के लिए ग्राउंड की बुकिंग नियमों के तहत होगी। इसके लिए एसओपी जारी हो चुकी है। - एन सरवण कुमार, उपाध्यक्ष, डीडीए
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