दिल्ली में डीडीए करेगा 77 जल निकायों का कायाकल्प, एक से तीन महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य
दिल्ली के उपराज्यपाल के निर्देश पर डीडीए ने रखरखाव के अभाव में खराब हो रहे 77 जल निकायों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई है। इन जल निकायों का कायाकल्प चर ...और पढ़ें

डीडीए के 77 जल निकायों का होगा कायाकल्प। (AI Generated Image)
HighLights
उपराज्यपाल के निर्देश पर डीडीए की पहल।
77 जल निकायों का तीन माह में जीर्णोद्धार।
गाद निकालने व सुंदरीकरण का कार्य होगा।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। रखरखाव के अभाव में दिल्ली के जल निकाय समाप्त हो रहे हैं। अतिक्रमण व गंदगी के कारण कई समाप्त होने के कगार पर हैं। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के भी कई जल निकायों की स्थिति खराब है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर डीडीए ने 77 जल निकायों के जीर्णोद्धार की योजना तैयार की है। चरणबद्ध तरीके से इन्हें एक से लेकर तीन माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उपराज्यपाल ने लगभग एक सप्ताह पहले डीडीए को अतिक्रमण व रखरखाव के अभाव में बर्बाद हो रहे जल निकायों के पुनरुद्धार और जीर्णोद्धार के लिए एक ठोस कार्ययोजना को शीघ्रता से लागू करने और इसकी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। डीडीए अधिकारियों ने उपराज्यपाल को बताया है कि डीडीए राजधानी भर में 77 जल निकायों के जीर्णोद्धार का कार्य तत्काल प्रारंभ करेगा।
गाद निकालने और सुंदरीकरण का काम होगा
शेष जल निकायों पर कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इन 77 जल निकायों में से सुल्तानपुर डबास, रानी खेड़ा, ममूरपुर सहित छह जल निकायों का जीर्णोद्धार अगले 30 दिनों के भीतर किया जाएगा। बामनोली, हसनपुर, टिकरी कलां, बपरौला सहित अन्य स्थानों पर स्थित 48 जल निकायों का दो माह में और महिपालपुर, रजोकरी, अलीपुर सहित अन्य स्थानों पर स्थित 23 जल निकायों का 90 दिनों के भीतर जीर्णोद्धार किया जाएगा।
पहले चरण में मृत जल निकायों से गाद निकालने, उत्खनन और उनके जलग्रहण क्षेत्रों की सफाई का कार्य किया जाएगा, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित हो सके। इनके एक बार पुनर्जीवित होने के बाद दूसरे चरण में तटबंधों को मजबूत करने के साथ ही वृक्षारोपण, बाड़ निर्माण, एसटीपी/डीएसटीपी की स्थापना और सुंदरीकरण का कार्य किया जाएगा।
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उपराज्यपाल ने कहा कि झील, तालाब और अन्य जल निकाय अमूल्य पर्यावरणीय संपत्ति हैं जो भूजल पुनर्भरण व पारिस्थितिक संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके पुनरुद्धार और जीर्णोद्धार के काम को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।
निरंतर चलने वाली प्रक्रिया
डीडीए अधिकारियों का कहना है कि जल निकायों के जीर्णोद्धार का काम निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। चिन्हित 156 जल निकायों में से कई को नियमित रूप से साफ किया जाता है। आमतौर पर मानसून से पहले यह काम होता है। नवंबर, 2025 में भलस्वा झील के कायाकल्प और उसे साफ करने की योजना की घोषणा की गई थी जिस पर काम चल रहा है।
एनजीटी के आदेश पर वर्ष 2019-2020 के बाद से कई जल निकायों में गाद निकालने और कचरा हटाने का काम किया जाता है। 2023-2024 में डीडीए ने आसोला भाटी वन्यजीव अभयारण्य और आसपास के क्षेत्रों (साहूरपुर, सतबरी, मैदानगढ़ी) में जल संग्रहण को बढ़ावा दिया गया।