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अब धरातल पर उतरेगा दिल्ली के विकास का रोडमैप, MPD-2047 के लिए DDA का तीन माह का आउटरीच प्लान तैयार

Published: Wed, 02 Sep 2026 05:25 AM (GMT+05:30)

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने मास्टर प्लान 2047 के क्रियान्वयन के लिए तीन महीने का व्यापक आउटरीच कार्यक्रम शुरू किया ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. DDA ने MPD-2047 के लिए तीन माह का आउटरीच शुरू किया।

  2. हितधारकों के साथ 20 से अधिक बैठकें आयोजित की जाएंगी।

  3. योजना के प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना मुख्य लक्ष्य।

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली का मास्टर प्लान (एमपीडी) 2047 की अधिसूचना जारी होने के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) एवं लोकनिवास का फोकस इसके क्रियान्वयन पर है।

केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण इस कार्य में आने वाली बहु निकाय व्यवस्था की मुख्य अड़चन को भी दूर किया जा रहा है।

एलजी एवं डीडीए के अध्यक्ष तरनजीत सिंह संधू का स्पष्ट निर्देश है कि दिल्ली सरकार, एमसीडी, जल बोर्ड एवं डीडीए जैसे कुछ निकाय आपस में मिलकर कार्य करेंगे जबकि कुछ कार्य पूरी तरह से अलग अलग निकाय को सौंप दिया गया है।

मसलन, ट्रांजिट ओरियंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) को डीडीए ही संभालेगा जबकि पीएम उदय योजना केवल एमसीडी के पास ही रहेगी।

हितधारकों के साथ 20 से अधिक बैठकें

मंगलवार शाम लोकनिवास में चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत में एलजी और डीडीए के उपाध्यक्ष एन सरवन कुमार ने इसे लेकर विस्तृत रूप से बातचीत की। डीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि मास्टर प्लान 2047 को धरातल पर उतारने के लिए एक व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करने की योजना भी बनाई है।

इसके तहत डीडीए अगले तीन माह के भीतर हितधारकों के साथ 20 से अधिक बैठकें आयोजित करेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सांसदों, विधायकों, सरकारी एजेंसियों, पेशेवर संस्थाओं, उद्योग जगत, निवासियों और भूस्वामियों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर बेहतर तालमेल बिठाना और नई योजनाओं के प्रविधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

राजधानी में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्योगों के लिए भूमि की उपलब्धता सुलभ बनाने के लिए सीआइआइ, फिक्की, पीएचडीसीआई, एसोचैम और डीएसआइआइडीसी जैसे प्रमुख उद्योग निकायों के साथ चर्चा की जाएगी।

वहीं, ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी), हाइ-डेंसिटी कॉरिडोर (एचडीसी), लैंड पूलिंग और लो-डेंसिटी एरिया (एलडीए) जैसे अवसरों पर मंथन के लिए आर्किटेक्ट, अर्बन प्लानर और निजी डेवलपर को जोड़ा जाएगा। साथ ही, जमीनी स्तर पर ग्रुप हाउसिंग के पुनर्विकास के लिए आरडब्ल्यूए और सहकारी समितियों के साथ संवाद साधा जाएगा।

DDA का तीन महीने का आउटरीच कार्यक्रम

इस तीन महीने के आउटरीच कार्यक्रम में कम सघन क्षेत्रों, यमुना के कायाकल्प और दिल्ली के ब्लू-ग्रीन नेटवर्क का विकास, विरासत संरक्षण, मिश्रित भू उपयोग विकास, व्यावसायिक केंद्रों का विकास और पुनर्विकास, इन-सीटू स्लम पुनर्विकास, भीड़भाड़ कम करने और गतिशीलता में सुधार के उपायों को भी शामिल किया जाएगा।

साथ ही शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों और अन्य संबंधित हितधारकों की भागीदारी के साथ दिल्ली के शिक्षा और चिकित्सा केंद्रों के विकास पर हितधारकों के साथ बातचीत करने का भी प्रस्ताव है।

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