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    दिल्ली: 650 करोड़ के दवा घोटाले में रंगीला ब्रदर्स पर शिकंजा, जर्मनी भागने पर लुकआउट नोटिस जारी; जांच तेज

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 01:25 PM (IST)

    650 करोड़ के दवा एवं उपकरण खरीद घोटाले की जांच में एजेंसियों ने रंगीला ब्रदर्स के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। मुख्य आरोपित राजीव रंगीला के जर्मनी ...और पढ़ें

    रंगीला ब्रदर्स के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी। एआई जनरेटेड

    रंगीला ब्रदर्स के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी। एआई जनरेटेड

    HighLights

    1. 650 करोड़ दवा खरीद घोटाले में रंगीला ब्रदर्स के खिलाफ लुकआउट नोटिस।

    2. मुख्य आरोपित राजीव रंगीला के जर्मनी भागने के बाद जांच तेज।

    3. ईडी ने सीपीए और अस्पतालों से अतिरिक्त दस्तावेज तलब किए।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। 650 करोड़ के दवा एवं उपकरण खरीद घोटाले की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जांच एजेंसियों ने सप्लायर नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए रंगीला ब्रदर्स के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है।

    स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपित सप्लायर राजीव रंगीला के जर्मनी चले जाने की पुष्टि के बाद उसके कारोबारी नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच और तेज कर दी गई है।

    दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) और कुछ सरकारी अस्पतालों से अतिरिक्त दस्तावेज तलब किए हैं।

    वेंडर कंपनियों की भूमिका की पड़ताल जारी

    एजेंसी विशेष रूप से उन खरीद मामलों की जांच कर रही है, जिनमें दवाओं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की खरीद को लेकर अनियमितताओं के आरोप हैं। इसके साथ ही तीन से चार वेंडर कंपनियों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है।

    दस्तावेजों का किया जा रहा मिलान

    सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां संबंधित कंपनियों के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और अर्जित संपत्तियों का ब्यौरा जुटा रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि खरीद प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और सप्लायर कंपनियों के बीच किसी प्रकार का प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध तो नहीं था। हाल में गिरफ्तार किए गए अधिकारियों और सप्लायर नेटवर्क से जुड़े लोगों के दस्तावेजों का भी मिलान किया जा रहा है।

    उधर, सीपीए में प्रतिनियुक्ति पर रहे 19 पैरामेडिकल कर्मचारियों के तबादलों के बाद सरकारी अस्पतालों में स्टाक आडिट शुरू कर दिया गया है। अस्पतालों में उपलब्ध सामग्री, वास्तविक खपत और खरीद अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है।

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    स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।