दिल्ली एयरपोर्ट पर T1 और T3 के बीच एयरसाइड ट्रांसफर होगा स्मूद, अप्रैल तक यात्रियों को मिल सकती है सुविधा
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल-1 और टर्मिनल-3 के बीच एयरसाइड ट्रांसफर सुविधा जल्द शुरू होगी। DIAL ने इसके लिए सुरक्षा निय ...और पढ़ें

घरेलू से अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल पर आना-जाना हो जाएगा आसान। फोटो: आर्काइव

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। टर्मिनल-1 (T1) और टर्मिनल-3 (T3) के बीच एयरसाइड ट्रांसफर सुविधा शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है।
एयरपोर्ट ऑपरेटर दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने इसके लिए सुरक्षा और विमानन नियामकों से अनुमति मांगी है। जानकारी के अनुसार, DIAL ने नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से मंजूरी के लिए आवेदन किया है।
मंजूरी मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय और घरेलू यात्रियों को एयरसाइड बसों के जरिए सीधे T1 से T3 और T3 से T1 ले जाया जाएगा। इससे यात्रियों लंबा चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
अप्रैल से शुरू हो सकती है सुविधा
एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यदि सभी सुरक्षा और तकनीकी मंजूरियां समय पर मिल जाती हैं, तो मार्च तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और अप्रैल से एयरसाइड ट्रांसफर शुरू हो सकता है। हालांकि, घरेलू-घरेलू यात्रियों के लिए फिलहाल सिटी-साइड बस सेवा ही जारी रहेगी।
T2–T3 कनेक्टिविटी पर भी काम
इसके अलावा T2 और T3 के बीच एयरसाइड कनेक्टिविटी की संभावना भी जांची जा रही है। इस पर स्ट्रक्चरल और सेफ्टी से जुड़े पहलुओं का आकलन किया जा रहा है। यदि सब कुछ अनुकूल रहा, तो यह सुविधा भी साल के मध्य तक शुरू हो सकती है।
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रनवे टनल रोड और फ्लाईओवर की योजना
दिल्ली एयरपोर्ट के आसपास यातायात दबाव को कम करने के लिए सरकार रनवे टनल रोड को चौड़ा करने और T1–T3 के बीच Y-आकार के फ्लाईओवर की योजना पर भी काम कर रही है।
इस परियोजना की स्टडी के लिए पीडब्ल्यूडी ने एक कंसल्टेंट नियुक्त किया है, जिसकी रिपोर्ट मार्च-अप्रैल तक आने की उम्मीद है। इसके बाद इसे केंद्र सरकार के अर्बन डेवलपमेंट फंड के तहत लागू किया जा सकता है।
इंटर-टर्मिनल एयर ट्रेन अभी अटकी
हालांकि, यात्रियों के लिए प्रस्तावित एयर ट्रेन परियोजना फिलहाल ठंडे बस्ते में है। एयरपोर्ट ऑपरेटर के मौजूदा कंसेशन पीरियड और वित्तीय सीमाओं के चलते इस योजना के जल्द लागू होने की संभावना कम मानी जा रही है। विकल्प के तौर पर दिल्ली मेट्रो की आगामी गोल्डन लाइन को इंटर-टर्मिनल कनेक्टिविटी के लिए अहम माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय संचालन में भी बदलाव
दिल्ली एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय संचालन को मजबूत करने के लिए T3 के एक पियर को पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार किया जा रहा है। सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद यह सुविधा आने वाले महीनों में शुरू हो सकती है।
कुल मिलाकर, आने वाले कुछ महीनों में दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही पहले से अधिक सुगम और समय बचाने वाली होने की उम्मीद है।
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