दिल्ली विधानसभा में समिति अध्यक्षों की कार्यशाला आयोजित, जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर
दिल्ली विधानसभा में वित्तीय एवं विभाग-संबंधित स्थायी समितियों के अध्यक्षों के लिए एक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें विधायी निगरानी, जवाबदेही और सुशासन ...और पढ़ें

वित्तीय एवं विभाग-संबंधित स्थायी समितियों के अध्यक्षों के लिए एक कार्यशाला आयोजित की गई।
HighLights
विधायी निगरानी, जवाबदेही, सुशासन मजबूत करने पर जोर।
समितियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में उत्तरदायी बनाने पर बल।
समिति अध्यक्षों के लिए डिजिटल पोर्टल की घोषणा।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में सोमवार को वित्तीय एवं विभाग-संबंधित स्थायी समितियों (डीआरएससी) के अध्यक्षों के लिए आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में विधायी निगरानी, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि समितियां केवल औपचारिक संस्थाएं नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों, योजनाओं, सार्वजनिक व्यय और विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक उत्तरदायी बनाती हैं। उन्होंने कहा कि सदन की बहसों के साथ समिति प्रणाली ही विधानमंडल के विस्तृत और गंभीर कार्यों का आधार है।
कार्यशाला में उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, संसदीय कार्य विशेषज्ञ वी. सतीश, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च एंड गवर्नेंस के निदेशक डॉ. रामानंद तथा विधानसभा सचिव डॉ. युमनाम अरुण कुमार ने विभिन्न तकनीकी सत्रों को संबोधित किया।
वी. सतीश ने समिति अध्यक्षों से सर्वदलीय संवाद, विषय विशेषज्ञों की भागीदारी, नियमित बैठकों और अनुशंसाओं पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मजबूत समितियां ही कार्यपालिका पर प्रभावी निगरानी रख सकती हैं और जनता का विश्वास बढ़ा सकती हैं।
शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएंगी
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, पर्यावरण और वित्त जैसे जटिल विषयों पर निरंतर समीक्षा की आवश्यकता है, जिसमें स्थायी समितियों की भूमिका अहम है। उन्होंने विश्वास जताया कि नवगठित समितियां जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम कर शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएंगी।
इस दौरान लोक लेखा समिति, सरकारी उपक्रम समिति, प्राक्कलन समिति तथा विभिन्न विभागीय स्थायी समितियों के अध्यक्ष मौजूद रहे। विधानसभा ने समिति अध्यक्षों और सदस्यों के लिए एकीकृत डिजिटल पोर्टल विकसित करने की भी घोषणा की, जिससे कार्यसूची, प्रतिवेदन और शोध सामग्री एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेगी।