Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बाहरी दिल्ली में जर्जर मकान का छज्जा गिरा, एक मासूम की मौत, दूसरा गंभीर

    Updated: Sat, 11 Apr 2026 11:52 PM (IST)

    बाहरी दिल्ली के भारत नगर में एक जर्जर मकान का छज्जा गिरने से पांच वर्षीय दिव्यांशु की मौत हो गई, जबकि दस वर्षीय रिंकी गंभीर रूप से घायल है। पड़ोसियों ...और पढ़ें

    दिल्ली में मकान का छज्जा गिरने से एक मासूम की मौत।

    दिल्ली में मकान का छज्जा गिरने से एक मासूम की मौत।

    HighLights

    1. भारत नगर में जर्जर छज्जा गिरने से बच्चे की मौत।

    2. दस वर्षीय बच्ची रिंकी गंभीर रूप से घायल अस्पताल में।

    3. पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार मकान मालिक की तलाश।

    जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। भारत नगर थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक जर्जर मकान का छज्जा गिरने से दो मासूम चपेट में आ गए। गंभीर चोट लगने से दोनों घायल हो गए। आनन-फानन में पड़ोसी ने दोनों मासूम को पास के ही दीपचंद बंधु अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने एक मासूम को मृत घोषित कर दिया, वहीं, दूसरी बच्ची की गंभीर हालत देख, डाक्टरों ने उसे एलएनजेपी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।

    मृतक की शिनाख्त दिव्यांशु (5) के रूप में हुई है। वहीं घायल रिंकी (10) का अस्पताल में इलाज जारी है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना स्थल पर पुलिस व क्राइम टीम और एफएसएल मौके पर पहुंची। जहां टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जांच के बाद छज्जे के जर्जर होने का पता चला है।

    भारत नगर थाना पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। हादसे के बाद आरोपित मकान मालिक फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने दिव्यांशु का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है।

    बिहार का रहनेवाला था दिव्यांशु

    उत्तरी-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि मूलरूप से बिहार का रहने वाला दिव्यांशु अपने परिवार के साथ वजीरपुर स्थित जेजे कॉलोनी में रहता था। इसके परिवार में पिता रूपेश पासवान, मां और दो बड़ी बहनें हैं। रूपेश शटरिंग लगाने का काम करता है। कुछ माह पूर्व ही परिवार इस मकान में आया था।

    खबरें और भी

    दिव्यांशु का परिवार पहली मंजिल पर रहता है। शनिवार दोपहर के समय इसके पिता काम पर गए थे। मां घर में काम कर रही थी। इस बीच दिव्यांशु गली के बाकी बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। इसके साथ सामने रहने वाली रिंकी व अन्य बच्चे भी मौजूद थे। अचानक मकान का छज्जा भर-भराकर गिर गया।

    मलबे की चपेट में दिव्यांशु व रिंकी आ गए। छज्जा गिरने की आवाज हुई तो पड़ोसी मदद को भागे। बाद में रिंकी व दिव्यांशु को निजी वाहनों की मदद से अस्पताल ले जाया गया, जहां दिव्यांशु को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं हालत गंभीर होने पर रिंकी को अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।

    पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

    जिस मकान के बाहर हादसा हुआ, दिव्यांशु इसी मकान की पहली मंजिल पर रहता था। हादसे की जैसे ही मां को खबर लगी वह भागी-भागी नीचे पहुंची। उसका बेटा बेसुध खून से लथपथ पड़ा था। वह बेटे को गोदी में उठाकर पड़ोसियों के साथ अस्पताल पहुंची। इस बीच खबर मिलने के बाद रूपेश भी वहां पहुंच गया।

    बेटे की मौत की खबर सुनते ही दिव्यांशु की मां बेहोश हो गई। दो बेटियों के बाद बहुत दुआ से दिव्यांशु का जन्म हुआ था। मां बस रोते-रेाते बेटे से मिलने की बात कर रही थी। यही हालत रूपेश की भी दी। पड़ोसी दोनों को समझाने में जुटे थे। पड़ोसियों का आरोप था कि मकान का छज्जा काफी समय से जर्जर हुआ था। कई बार मकान मालिक से उसको सही करवाने के लिए कहा भी गया था, लेकिन उसने किसी की भी नहीं सुनी और हादसा हो गया।

    यह भी पढ़ें- दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: छोटे रेस्तरां को अग्निशमन एनओसी से मिली छूट