दिल्लीवालों की होगी एक्स्ट्रा कमाई, अब घर में खोल सकेंगे होम-स्टे; नई बेड एंड ब्रेकफास्ट पॉलिसी तैयार
दिल्ली सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने और सस्ते आवास विकल्प प्रदान करने के लिए नई बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) ...और पढ़ें

दिल्ली वाले अब अपने घरों में खोल सकेंगे होमस्टे। फोटो: एआई जनरेटेड

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी में पर्यटन को बढ़ावा देने और ठहरने के सस्ते विकल्प मुहैया कराने के लिए दिल्ली सरकार ने नई बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है।
प्रस्तावित नीति के तहत अब लोग अपने घरों में सीमित संख्या में कमरे पर्यटकों को किराये पर दे सकेंगे। सरकार का कहना है कि इससे होटल व्यवस्था पर दबाव कम होगा और मकान मालिकों को अतिरिक्त आमदनी का मौका मिलेगा।
एक से आठ कमरे तक किराये पर देने की अनुमति
ड्राफ्ट नीति के मुताबिक किसी भी रिहायशी संपत्ति में कम से कम एक और अधिकतम आठ कमरे या 16 बेड तक पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सेल्फ-सर्टिफिकेशन सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव है, ताकि प्रक्रिया आसान और तेज हो सके।
बदलते ट्रैवल ट्रेंड को देखते हुए कदम
सरकारी अधिकारियों के अनुसार अब बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक होटल की बजाय ठहरने के छोटे और पर्सनलाइज्ड विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारक, फूड स्ट्रीट, बाजार और सांस्कृतिक पहचान को देखते हुए होम-स्टे मॉडल को बढ़ावा देने की जरूरत महसूस की गई।

महिला यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
नई नीति में सुरक्षा को सबसे अहम हिस्सा बनाया गया है। सभी रजिस्टर्ड बीएंडबी यूनिट्स को मेहमानों का सत्यापित रिकॉर्ड रखना होगा और जानकारी पर्यटन विभाग के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रहेगा।
इसके अलावा परिसर में फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक या हीट डिटेक्टर, फर्स्ट एड किट और मजबूत लॉकिंग सिस्टम लगाना जरूरी होगा। उच्च श्रेणी की यूनिट्स में प्रवेश द्वार और कॉमन एरिया में सीसीटीवी लगाने का भी प्रस्ताव है।
नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई
ड्राफ्ट में निगरानी और अनुपालन को लेकर भी कड़े प्रावधान रखे गए हैं। अधिकारियों को बिना पूर्व सूचना निरीक्षण का अधिकार होगा। खामियां मिलने पर सुधार नोटिस जारी किया जाएगा। लगातार नियम उल्लंघन होने पर रजिस्ट्रेशन सस्पेंड, रद्द या ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
2007 में शुरू हुई थी योजना
दिल्ली में बीएंडबी योजना पहली बार 2007 में लागू की गई थी, लेकिन समय के साथ ऑनलाइन होटल और होम-स्टे प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव के कारण यह मॉडल कमजोर पड़ गया। हालांकि राजधानी के कई रिहायशी इलाकों में अब भी कुछ रजिस्टर्ड यूनिट्स संचालित हो रही हैं।
लोगों से मांगे गए सुझाव
पर्यटन विभाग ने 26 मई से 30 दिनों के भीतर आम लोगों और संबंधित पक्षों से ड्राफ्ट नीति पर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। सुझाव ईमेल और डाक के जरिए भेजे जा सकेंगे।
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