Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अवैध बोरवेल पर कार्रवाई की आड़ में उगाही? यमुनापार में बाहरी लोगों की भूमिका पर उठे सवाल

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 12:46 AM (GMT+05:30)

    दिल्ली में अवैध बोरवेल पर कार्रवाई के नाम पर अधिकारियों और बाहरी व्यक्तियों द्वारा उगाही का आरोप लगा है। यमुनापार के कई इलाकों में बोरवेल सील करने की ...और पढ़ें

    प्रशासन के अधिकारियों के निर्देश पर यमुना विहार में रेस्तरां का सबमर्सिबल सील करता बाहरी व्यक्ति सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद

    प्रशासन के अधिकारियों के निर्देश पर यमुना विहार में रेस्तरां का सबमर्सिबल सील करता बाहरी व्यक्ति सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद

    HighLights

    1. अवैध बोरवेल पर कार्रवाई के नाम पर उगाही का आरोप।

    2. अधिकारी बाहरी व्यक्तियों के साथ मिलकर कर रहे छापेमारी।

    3. यमुना विहार में सीसीटीवी फुटेज से उगाही का खुलासा।

    शुजाउद्दीन, पूर्वी दिल्ली। भूजल स्तर को गिरने से रोकने के लिए एनजीटी ने राजधानी में बिना अनुमति बोरवेल पर राेक लगा दी थी, लेकिन अब भी यमुनापार के विभिन्न इलाकों में अवैध बोरवेल लगने जारी हैं। आरोप है कि प्रशासन अवैध बोरवेलों पर कार्रवाई तो कर रहा है लेकिन कुछ अधिकारियों का उद्देश्य भूजल बचाने से ज्यादा लोगों ने उगाही करना है।

    आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी अपने साथ ऐसे लोगों को छापेमारी करने जा रहे हैं जो विभागीय हैं ही नहीं। ये बाहरी लोग पहले लोगों को नोटिस से डराकर पहले लोगों से उगाही का प्रयास करते हैं, रुपये न देने पर बोरवेल सील कर देते हैं।

    एनजीटी के आदेश के अनुसार बोरवेल लगाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति लेनी होती है। कालोनी का भूजल स्तर और जरूरत को देखते हुए विभिन्न दस्तावेज होने के बाद इसकी अनुमति मिलती है। यमुनापर के ज्यादातर इलाकों में पेयजल किल्लत है ऐसे में लोग पानी के लिए बोरवेल लगवा लेते हैं।

    लोगों का आरोप है कि आवेदन के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी अनुमति नहीं देते। मजबूरी में वे बोरवेल का काम शुरू करते हैं तो उन्हें नोटिस दे दिया जाता है। इतना ही नहीं नोटिस मिलने के बाद कुछ युवक आते हैं और सील होने से बचाने के बदले रुपये की मांग करते हैं।

    खबरें और भी

    आरोप है कि यमुना विहार, गोकलपुरी व विवेक विहार क्षेत्र में उगाही का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। आरोप है कि सब डिवीजन के अधिकारियों के साथ तीन बाहरी व्यक्ति नीरज गुप्ता, परमिंदर व इंतजार, सरकारी तौर पर छापेमारी करने के लिए जाते हैं। यमुना विहार के कई रेस्तरां में यह सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए हैं।

    फुटेज में यह साफ है हुआ है कि बाहरी व्यक्ति अपनी एक निजी कार से आते हैं। फुटेज सामने आने पर प्रशासन के अधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    जिन्हें दिए नाेटिस वह बोले साहब को पहुंचा दिया था पैकेट

    पिछले दिनों यमुना विहार क्षेत्र में अवैध बोरवेल को लेकर दस नोटिस दिए गए थे। दस में से आठ लाेगों ने बताया कि तीनों युवकों को रुपये दिए थे, अब बोरवेल लग गया है। 24 मार्च को 2026 को यमुना विहार के तहसीलदार ने यमुना विहार बी ब्लाक स्थित आध्या लाइफ अस्पताल को नोटिस दिया था।

    दैनिक जागरा को अस्पताल के एक प्रतिनिधि ने बताया कि हमने बाहर से बाहर ही मामला निपटा दिया था। अस्पताल में बोरवेल चल रहा है। एक रेस्तरां संचालक ने कहा तहसीलदार की टीम ने सबमर्सिबल काट दिया था। कनेक्शन जोड़ने के नाम पर 1.10 लाख रुपये मांगे। तीन बाहरी लोग रुपये मांगने आए थे। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है।

    तीनों व्यक्ति जिला प्रशासन के कर्मचारी नहीं है। वह पहले विवेक विहार डिवीजन में सिविल डिफेंस वालंटियर थे, मौजूदा वक्त में वह कुछ भी नहीं है। जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार, डीएम, उत्तर पूर्वी जिला।

    जो सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, उसमें एसडीएम व तहसीलदार के साथ तीन बाहरी लोग छापेमारी करते हुए नजर आ रहे हैं। उन अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा जो इस उगाही के खेल में शामिल हैं। सीएम के संज्ञान में मामले को लेकर कार्रवाई करवाई जाएगी।

    किसी व्यक्ति से एसडीएम, तहसीलदार व इनके साथ शामिल किसी निजी व्यक्ति ने अगर कार्रवाई का डर दिखाकर रकम वसूली है तो वह सामने आकर शिकायत दें। कार्रवाई होगी।
    -जितेंद्र महाजन, चेयरमैन उत्तर पूर्वी जिला विकास समिति।

    यह भी पढ़ें: दिल्ली में 4.3 डिग्री तक कम हो सकता है तापमान, RMI और लोढ़ा फाउंडेशन की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा